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संयुक्त राष्ट्र का प्रतीक चिन्ह संयुक्त राष्ट्र का प्रतीक चिन्ह  (AFP or licensors)

वाटिकन: अफ्रीकी देशों का समर्थन, विकास में आनेवाली रुकावटों को दूर करे

संयुक्त राष्ट्र में वाटिकन का स्थायी पर्यावेक्षक मिशन, अफ्रीकी देशों में विकास में आनेवाली संरचनात्मक रुकावटों को दूर करने की जरूरत पर जोर देता है, जैसे रियायती वित्तपोषण को बढ़ाना, अधिक सही व्यापार सिस्टम को बढ़ावा देना, तकनीकी हस्तांतरण को आसान बनाना और कर्ज में राहत देना।

वाटिकन न्यूज

संयुक्त राष्ट्र, बृहस्पतिवार, 9 जुलाई 26 (रेई) : 8 जुलाई, 2026 को जारी एक बयान में परमधर्मपीठ के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी पर्यावेक्षक मिशन ने कहा कि गरीबी के कारणों को दूर करने के लिए अफ्रीकी देशों को कम अवधि के उपायों से आगे बढ़कर दीर्घकालीन विकास में मदद करनी चाहिए।

बयान में कहा गया, “गरीबी, खासकर अत्यधिक गरीबी, दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती है।”

“इसके कई पहलुओं में बने रहने की वजह से लाखों लोग – खासकर महिलाएँ और बच्चे – ठीक-ठाक खाना, साफ पानी, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और अच्छे काम से दूर रहते हैं। गरीबी, ईश्वर की दी हुई मानव प्रतिष्ठा का बहुत बड़ा अपमान है।”

यह बयान न्यूयॉर्क में 2026 के उच्च स्तरीय राजनीतिक मंच में दिया गया था, जो अफ्रीकी महाद्वीप के सबसे कम विकसित देशों, जमीन से घिरे विकासशील देशों और मध्यम आय वाले देशों में सतत विकास लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए समर्पित सत्र था।

विकास में रुकावट डालनेवाली संरचनात्मक रुकावटों को दूर करें

स्थायी पर्यावेक्षक मिशन ने इस बात पर जोर दिया कि जैसे-जैसे सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा – गरीबी खत्म करने, शांति को बढ़ावा देने और धरती की रक्षा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाया गया, कार्य योजना – का समय पास आ रहा है – “यह जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय विकास में तरक्की में रुकावट डालनेवाली चुनौतियों को दूर करने के लिए कदम उठाये।”

इस बारे में, बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि “अफ्रीकी देशों के सबसे कम विकसित देशों, जमीन से घिरे विकासशील देशों और मध्यम आयवाले देशों के लिए नए सिरे से और मजबूत समर्थन जरूरी है।”

इस समर्थन को “सतत विकास में रुकावट डालनेवाली संरचनात्मक रुकावटों को दूर करना चाहिए” और इसमें “रियायती वितपोषण तक पहुँच बढ़ाना, अधिक सही व्यापार सिस्टम को बढ़ावा देना, टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर को आसान बनाना और सही कर्ज में राहत देना” शामिल है।

स्थायी पर्यावेक्षक मिशन ने यह भी कहा कि इस तरक्की को तेज करने के लिए हर देश के सामने मौजूद “खास कमजोरियों” पर ध्यान देना जरूरी है, साथ ही यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि “भौगोलिक रुकावटें, जलवायु परिवर्तन और सीमित आधारभूत संरचना कई लोगों के लिए असमानता को बढ़ा रहे हैं।”

परिवार की अहम भूमिका

स्थायी पर्यावेक्षक मिशन ने इस बात पर भी जोर दिया कि “समाज की बुनियादी एकता, एक 'मुख्य सामाजिक भलाई' और मजबूती का एक अहम जरिया होने के नाते परिवार की अहम भूमिका है।”

बयान में बताया गया कि परिवारों को मजबूत करनेवाली पॉलिसी गरीबी खत्म करने और सामाजिक स्थिरता एवं पूरे विकास को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।

संदेश के अंत में कहा गया, “सभी लोगों की खुशहाली, गरीबी खत्म करने और पूरे इंसानी विकास को पाने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, ऐसी नीतियों में निवेश करना और उन्हें बढ़ावा देना जरूरी है।”

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09 जुलाई 2026, 17:06