अफगानिस्तान की बालिकाएँ स्कूल में अफगानिस्तान की बालिकाएँ स्कूल में  (ANSA)

2021 से करीब 1 मिलियन अफगान बालिकाएँ शिक्षा से वंचित

संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपात निधि, यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि बालिकाओं की माध्यामिक शिक्षा पर रोक से 2030 तक 2 मिलियन से ज्यादा लड़कियाँ प्रभावित हो सकती हैं, जिसके देश के स्वास्थ्य, कार्य शक्ति और भविष्य की अर्थव्यवस्था में विकास पर गंभीर नतीजे होंगे।

वाटिकन न्यूज

यूएन, मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 (यूनिसेफ) : यूनिसेफ की रिपोर्ट है कि पिछले पांच सालों में, माध्यामिक शिक्षा पर लगी पाबंदियों से कम से कम 1 मिलियन लड़कियाँ सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं, और चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा आदेश लागू रहे, तो यह संख्या 2030 तक 2 मिलियन से ज्यादा हो सकती है।

यूनिसेफ के नए विश्लेषण के अनुसार, "अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं की कार्य शक्ति में भागीदारी पर कार्रवाई न करने की कीमत" पर, 2021 में माध्यामिक शिक्षा पर बैन लगने के बाद से दस लाख से ज्यादा लड़कियों को सीखने के अधिकार से वंचित किया गया है।

यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक, कैथरीन रसेल ने अपील करते हुए कहा, “हम संबंधित अधिकारियों से लड़कियों के लिए माध्यामिक शिक्षा पर लगी रोक हटाने का आग्रह करते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लड़कियों के सीखने के अधिकारों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील करते हैं।”

खराब हालात

यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि लड़कियों की पढ़ाई और महिलाओं के रोजगार पर रोक लगने से, 2030 तक इस मध्यपूर्वी देश में 25,000 से ज्यादा महिला टीचर और स्वास्थ्यकर्मी की कमी हो सकती है।

यूएन एजेंसी ने पाया कि 2023 और 2025 के बीच सिविल सर्विस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 21 प्रतिशत से घटकर 17.7 प्रतिशत हो गया, और चेतावनी दी है कि स्कूलों और अस्पतालों में प्रशिक्षित महिला पेशेवर की घटती संख्या बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य के नतीजों और भविष्य के अवसर को बर्बाद कर देगी।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इन क्षेत्रों से महिलाओं को हटाना, जहाँ उन्हें काम करने की इजाजत है और जहाँ उनकी बहुत जरूरत है, सीधे तौर पर बच्चों को नुकसान पहुँचाता है, क्योंकि इससे स्कूलों में लड़कियों की संख्या कम हो जाएगी और महिलाओं एवं बच्चों की देखभाल कम हो जाएगी।

माँ, नवजात और बच्चों की स्वास्थ्य सेवा पर असर

यूनिसेफ का कहना है कि महिला स्वास्थ्यकर्मियों की घटती संख्या सीधे तौर पर माँ, नवजात शिशुओं और बच्चों की स्वास्थ्य सेवा को सीमित कर देगी, जहाँ समाज की वजह से अक्सर महिलाओं को पुरुषों से चिकित्सा सेवा नहीं मिल पाती हैं।

कैथरीन रसेल ने कहा, “अफगानिस्तान भविष्य के शिक्षक, नर्स, डॉक्टर, दाइयों और समाज सेवकों को खोने का जोखिम नहीं उठा सकता, जो जरूरी सेवा देते हैं। अगर लड़कियों को पढ़ाई से दूर रखा जाता रहा तो यही स्थिति होगी।”

और एक पीढ़ी के लिए कुशल पेशेवरों की कमी

रिपोर्ट प्रशिक्षित महिला कर्मचारी को खोने और अगली पीढ़ी को उनकी जगह लेने से रोकने के गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान खींचती है।

एजेंसी कहती है, “जैसे-जैसे अनुभवी महिलाएँ रिटायर होती हैं या नौकरी छोड़ती हैं, लड़कियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और इन भूमिकाओं को अपनाने दिया जाता है।”

यूएन बाल निधि ने चेतावनी दी है कि हर साल की देरी से अफगानिस्तान को प्रशिक्षित पेशेवर की एक और पीढ़ी का नुकसान होगा।

इस मुश्किल का सामना करते हुए, यूनिसेफ लड़कियों के माध्यात्मिक और उच्च शिक्षा के अधिकार को बहाल करने और प्राइमरी शिक्षा में निवेश को बनाए रखने के लिए तुरंत कार्रवाई की अपील करता है, जिसका अफगानिस्तान के स्वास्थ्य, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के भविष्य में अहम रोल है।

रसेल ने कहा, “अफगान लड़कियों को माध्यामिक शिक्षा तक पहुँच से दूर रखना, पूरे देश की क्षमता को छीन लेता है – लड़कियों, उनके परिवारों और उनके समुदायों को गरीबी में धकेल देता है, स्वास्थ्य के परिणामों को कमजोर करता, और उस आर्थिक इंजन को चुप करा देता है जिसे पढ़ी-लिखी महिलाओं की पीढ़ी शुरू कर सकती है।”

यूनिसेफ की प्रतिबद्धता

संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपात निधि यूनिसेफ, 190 से ज्यादा देशों और इलाकों में, हर जगह, खासकर सबसे पिछड़े बच्चों और सबसे मुश्किल जगहों पर हर बच्चे के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करती है।

पाबंदियों के बावजूद, यूएन एजेंसी अफगानिस्तान में बच्चों की शिक्षा को समर्थन दे रही है। 2025 में, पब्लिक स्कूलों में 3.7 मिलियन से ज्यादा बच्चों को आपातकालिन सहयोग मिला; जिनमें 442,000 बच्चों को, जिनमें से 66 प्रतिशत लड़कियाँ हैं, समुदाय आधारित सीखने की पहल से फायदा हुआ, और 232 स्कूल बनाए गए या उन्हें ठीक किया गया।

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

28 अप्रैल 2026, 15:33