FILE PHOTO: पोर्ट सूडान में ड्रोन हमले FILE PHOTO: पोर्ट सूडान में ड्रोन हमले 

सूडान : दारफुर के एक अस्पताल में नरसंहार

सूडान में चल रहे संघर्ष के कारण दुनिया के सबसे बुरे मानवीय संकटों में से एक गहराता जा रहा है, जिससे पूर्वी दारफुर के एक अस्पताल पर हुए हमले में बच्चों समेत कम से कम 64 लोग मारे गए।

वाटिकन न्यूज

सूडान, मंगलवार, 24 मार्च 2026 (रेई) : अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों से दूर, सूडान में लगभग तीन साल से चल रहा युद्ध बिना रुके जारी है, जिसकी पहचान बढ़ती हिंसा और आम लोगों के बीच बढ़ती तकलीफ से होती है।

पश्चिमी सूडान में पूर्वी दारफुर की राजधानी एल-डेइन में यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल पर हुए हमले में 13 बच्चों समेत कम से कम 64 लोग मारे गए।

इस घटना की रिपोर्ट करनेवाले विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मानवीय सूत्रों ने पहले से ही तबाह हो चुके इलाके में जो कुछ हुआ, उससे "भयभीत" महसूस किया।

करीब 90 लोग घायल हैं उनमें से कई गंभीर स्थिति में हैं इससे संघर्ष वाले इलाके में पहले से ही कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली पर और दबाव पड़ेगा।

युद्ध के अत्याचार

सूडानी मानव अधिकार संगठन इमरजेंसी वकील ने बताया कि यह हमला कथित तौर पर सूडानी आर्मी के लॉन्च किए गए ड्रोन से किया गया था, हालांकि मिलिट्री ने जिम्मेदारी लेने से मना किया है।

अप्रैल 2023 से, सूडान नेशनल आर्मी और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच एक हिंसक नागरिक युद्ध में फंसा हुआ है, जो सरकार का विरोध करनेवाला एक ताकतवर पैरामिलिट्री ग्रुप है।

इस लड़ाई में कम से कम 150,000 मौतें हुई हैं और 12 मिलियन से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं, जिससे यह इस सदी के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक बन गया है।

आम लोग हिंसा झेल रहे हैं, क्योंकि हमले तेजी से अस्पताल और रिहायशी इलाकों सहित गैर-मिलिट्री जगहों को निशाना बना रहे हैं।

एक खंडित देश

इस लड़ाई ने देश को बांट दिया है, रैपिड सपोर्ट फोर्सेज ने दारफुर समेत पश्चिमी सूडान के ज्यादातर हिस्से पर कंट्रोल कर लिया है, जबकि सेना ने बड़े शहरी केंद्रों पर कंट्रोल बनाए रखा है।

हाल के हफ्तों में, सरकारी सेना के फैलाव को रोकने की कोशिश में एल-डेइन को बार-बार निशाना बना रही है।

जंग तेजी से बंटती जा रही है, कोर्डोफान और दारफुर जैसे इलाकों में लड़ाई तेज़ होने की खबरें हैं।

दोनों तरफ से ड्रोन और हवाई बमबारी का इस्तेमाल एक खतरनाक स्थिति तक बढ़ गया है, जिससे आम लोगों को ज्यादा खतरा है।

हाल के रिपोर्ट अनुसार, जनवरी के अंत और फरवरी 2026 की शुरुआत के बीच कोर्डोफन इलाके में हुए हवाई हमले में 90 से ज्यादा नागरिक मारे गए।

7 फरवरी को, उतरी कोर्डोफन में आरएसएफ के ड्रोन हमले में कम से कम 24 लोग मारे गए, जिनमें आठ बच्चे भी शामिल थे।

गहराता मानवीय संकट

मानवीय हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, खासकर एल-फशर शहर जैसे इलाकों में, जिसे आरएसएफ फोर्स ने घेर लिया है और जो बिगड़ते संकट का चिन्ह बन गया है।

रिहायशी इलाकों, संरचनाओं और मानवीय काफिलों पर हमलों ने मदद पहुंचाने में बहुत रुकावट डाली है।

6 फरवरी को, विश्व खाद्य प्रोग्राम के एक काफिले पर हुए हमले में हजारों लोगों के लिए रखा गया खाना नष्ट हो गया, जो पहले से ही भुखमरी का सामना कर रहे थे।

चल रही हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच तालमेल ने बातचीत से समाधान की कोशिशों को और मुश्किल बना दिया है।

बढ़ती भूख और तकलीफ

नवीनतम समन्वित खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण रिपोर्ट के अनुसार, पूरे सूडान में खाद्य सुरक्षा की हालत तेजी से बिगड़ रही है।

उत्तरी दारफूर के कुछ हिस्सों में, खासकर उम बारू और केरनोई में, गंभीर कुपोषण के लिए अकाल की सीमा पार हो गई है, जहाँ मौत का खतरा ज्यादा है।

महिलाओं और बच्चों समेत लाखों लोग अब भूख और कुपोषण से बहुत अधिक जूझ रहे हैं।

लड़ाई जारी रहने के साथ और कोई स्पष्ट हल नहीं दिख रहा है, सूडान एक बढ़ती हुई गंभीर मानवीय आपातकाल का सामना कर रहा है, जहाँ हिंसा, विस्थापन और भूख मिलकर लाखों लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं।

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24 मार्च 2026, 16:12