यूक्रेन के पीड़ितों पर महाधर्माध्यक्ष गालाघार
वाटिकन सिटी
यूक्रेन, कीव, शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): यूक्रेन में अपनी 06 दिवसीय यात्रा के उपरान्त वाटिकन के विदेश सचिव महाधर्माध्यक्ष पौल रिचर्ड गालाघार ने वाटिकन मीडिया से बातचीत में कहा कि यूक्रेन के युद्ध पीड़ित लोग सब कुछ खोने के बाद भी अपने दुख-दर्दों के बीच आशा के प्रेरक बने हुए हैं।
परमधर्मपीठ की प्रतिबद्धता
महाधर्माध्यक्ष गालाघार ने मानवतावादी प्रयासों और शांति के लिए परमधर्मपीठ की प्रतिबद्धता की पुनरावृत्ति की और कहा कि सन्त पापा लियो 14 वें यूक्रेन की प्रेरितिक यात्रा के निमंत्रण को गंभीरता से ले रहे हैं तथा जब समय और परिस्थितियाँ इसके लिये उपयुक्त होंगी तब वे अवश्य ऐसा करेंगे।
2014 से युद्धग्रस्त तथा 2022 से रूसी आक्रमण से त्रस्त यूक्रेन की 06 दिवसीय यात्रा के दौरान वाटिकन के विदेश सचिव महाधर्माध्यक्ष गालाघार ने यूक्रेन के कई राजनैतिक एवं प्रशासनिक नेताओं से मुलाकात की तथा कलीसियाई संस्थाओं की भेंट की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बेरडीकीव के मरियम तीर्थ में 19 जुलाई को लातीनी रीति काथलिक कलीसियाई गिरजाघर के जीर्णोद्धार की 35 वीं वर्षगाँठ के समारोह में भाग लेना था, जो संयोग से सन्त पापा जॉन पौल द्वीतीय की प्रेरितिक यात्रा की 25 वीं वर्षगाँठ भी थी।
पुनर्निर्माण की आशा
महाधर्माध्यक्ष ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने खुद लोगों की तकलीफ़ और थकान देखी, लेकिन साथ ही उनमें व्याप्त पुर्ननिर्माण का निश्चय, न्यायिक शांति के लिए उनकी गहरी चाहत और जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने की उनकी इच्छा को भी देखा। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा प्रेरितिक होने के साथ-साथ कूटनैतिक भी थी जिसके दौरान उन्होंने यूक्रेन के विदेश मंत्री वोलोदीमीर ज़ेलेन्स्की से मुलाकात की तथा कई लोगों के साक्ष्य सुनें।
महाधर्माध्यक्ष गालाघार ने कहा कि इसमें कोई सन्देह नहीं कि हिंसा से हुई थकान स्पष्ट नज़र आई तथापि, उन्होंने कहा कि हमें पक्के इरादे वाले और हिम्मत वाले लोगों से भी मिलने का मौका मिला, जिन्हें अपने देश के लिए अपने साथी नागरिकों द्वारा किए गए कई बलिदानों के बारे में पूरी तरह पता है।
उन्होंने कहा कि जिस बात ने मुझे सबसे ज़्यादा प्रभावित किया वह थी लोगों की हिम्मत, उनका पक्का इरादा, और परमपिता परमेश्वर में उनका विश्वास। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लोगों में सामान्य जीवन जीने का पक्का इरादा है, वे काम करते रहना, अपने बच्चों की देखभाल करना, बुज़ुर्गों की देखभाल करना, और बमबारी में परेशान हुए लोगों के साथ एकात्मता दर्शाते हुए जीवन बिताना चाहते हैं। महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि मैं उनके जज़्बे और अपनी स्वतंत्रता को बरकरार रखने के उनके दृढ़ संकल्प से बहुत अधिक प्रभावित हुआ हूँ।
साहस का स्रोत
महाधर्माध्यक्ष गालाघार ने कहा कि अधिकारियों के साथ मुलाकात में उन्हें सन्त पापा की अपीलों और उनके शब्दों के लिए बहुत आभार मिला, जो कि उनके लिए साहस का महान स्रोत है। उन्होंने कहा कि पहले सन्त पापा फ्राँसिस और और अब सन्त पापा लियो 14 वें द्वारा दर्शाई गई निकटता के लिये यूक्रेनी लोग आभारी हैं तथा समर्थन का अनुभव करते हैं। उन्होंने कहा कि यह परमधर्मपीठ को अन्तरराष्ट्रीय समुदाय और रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत हेतु अपने समर्पण को नवीकृत करने तथा अपने मानवतावादी कार्यों को जारी रखने के लिए साहस प्रदान करता है। इनमें, कार्डिनल मातेओ मारिया ज़ुप्पी को सौंपा गया मिशन भी शामिल है जो यूक्रेनी बच्चों, कैदियों और आम लोगों की वापसी के लिए काम करना जारी रखे हुए है।
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