कार्डिनल जॉर्ज जैकब कूवाकाड अज़रबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव के साथ, 18.06.2026 कार्डिनल जॉर्ज जैकब कूवाकाड अज़रबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव के साथ, 18.06.2026 

अज़रबैजान में कार्डिनल कूवाकाडः धर्मों के बीच सम्वाद

अज़रबैजान में वाटिकन के वरिष्ठ कार्डिनल जॉर्ज जैकब कूवाकाड ने अज़बैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव से मुलाकात की तथा उनके प्रति मेज़बान देश द्वारा दिये गये हार्दिक स्वागत के लिये आभार व्यक्त किया।

वाटिकन सिटी

बाकू, अज़रबैजान, शुक्रवार, 19 जून 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): अज़रबैजान की राजधानी बाकू में वाटिकन के वरिष्ठ कार्डिनल तथा धर्मों के बीच सम्वाद सम्बन्धी परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल जॉर्ज जैकब कूवाकाड ने अज़बैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव से मुलाकात की तथा उनके प्रति मेज़बान देश द्वारा दिये गये हार्दिक स्वागत के लिये आभार व्यक्त किया।

परमधर्मपीठ और अज़रबैजान

15 जून से 19 जून तक धर्मों के बीच सम्वाद सम्बन्धी परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल जॉर्ज जैकब कूवाकाड अज़रबैजान की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

गुरुवार, 18 जून को, बाकू में काओकासिको के शेख उल-इस्लाम, अल्लाहशुकुर पशाज़ादे के आवास  पर, कार्डिनल ने अपने प्रभाषण में परमधर्मपीठ और अज़रबैजान के धार्मिक समुदायों को जोड़ने वाली लंबे समय से चली आ रही मैत्री के लिए शुक्रिया अदा किया।

अज़रबैजान के प्रेरितिक प्रतिनिधि मान्यवर व्लादिमीर फेकेते, परमधर्मपीठीय राजदूत इल्गर मुख्तारोव और स्थानीय ईसाई और यहूदी समुदायों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में, कार्डिनल कूवाकड ने 2002 में सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय और 2016 में सन्त पापा फ्रांसिस की अज़रबैजान प्रेरितिक यात्राओं का स्मरण दिलाया, जिसके दौरान हुई मुलाकातों एवं पहलों के द्वारा  दोनों सच्चाइयों के बीच संबंधों को मजबूत किया गया।

ख्रीस्तीय एवं मुसलमान एक साथ

कार्डिनल कूवाकाड ने इस बात पर ज़ोर दिया कि द्वितीय वाटिकन महासभा द्वारा गैर-ईसाई धर्मों के साथ कलीसिया के रिश्ते पर घोषणा, नोस्त्रा एताते  की शिक्षा से प्रेरित होकर, "ईसाइयों और मुसलमानों ने शांति की सेवा में साथ चलने की कोशिश की है, यह मानते हुए कि हम एक ही ईश्वर की आराधना करते हैं, जो स्वर्ग और पृथ्वी का सृष्टिकर्त्ता है।"

उन्होंने कहा कि इस सन्दर्भ में, 2011 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौता और विगत वर्ष धार्मिक सहयोग और परस्पर समझदारी पर हस्ताक्षरित ज्ञापन इस बात को साबित करते हैं कि "बातचीत सिर्फ़ विचारों का लेन-देन नहीं है, बल्कि गहरी समझ, विश्वास और सहयोग का रास्ता है।"

भविष्य की प्रतिबद्धताएँ

कार्डिनल कूवाकाड ने कहा कि अब तक जो कुछ भी हासिल किया गया है वह “प्रेम की सभ्यता” के आदर्श को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रोत्साहन होना चाहिए, जिसे सन्त पापा लियो 14 वें ने अपने विश्वपत्र मानिफिका ऊमानितास में वास्तविक रूप दिया है।

उन्होंने कहा कि इस विश्व पत्र के अनुसार भविष्य के लिये हमारी पाँच प्रतिबद्धताएँ हैं और वे हैं, वैमनस्यता और फूट डालने वाले शब्दों को निरस्त्र करना; हर इंसान की इज्ज़त की रक्षा कर न्याय पर आधारित शांति का निर्माण करना; पीड़ितों के दृष्टिकोण को अपनाना और जो दुख झेल रहे हैं उनकी आवाज़ सुनना; धर्मों, संस्कृतियों और लोगों के बीच सम्वाद की पुनर्स्थापना करना;  तथा वर्तमान विश्व की चुनौतियों से निपटने के लिए कूटनीति और बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत करना। उन्होंने कहा कि ये सिद्धांत सिर्फ़ "बड़ी उम्मीदें" नहीं हैं, बल्कि "ज़रूरी ज़िम्मेदारियाँ" भी हैं।

इसी बीच, कार्डिनल कूवाकाड ने अज़रबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव से मुलाकात कर उन्हें सन्त पापा लियो 14 वें की ओर से शुभकामनाएँ अर्पित की थीं। अजरबैजान द्वारा प्रकाशित एक वकतव्य में कहा गया कि इस अवसर पर दोनों नेताओं ने काथलिक कलीसिया द्वारा अज़रबैजान के पुनर्निर्माण हेतु किये जा रहे कार्यों और सहयोग को याद किया।   



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19 जून 2026, 10:53