संत पापा के स्पेन यात्रा की तैयारी संत पापा के स्पेन यात्रा की तैयारी  (ANSA)

संस्थानों से हाशिए तक- संत पापा की तीर्थयात्रा स्पेन में

वाटिकन प्रेस के संचालक ने पत्रकारों के लिए संत पापा की मैड्रिड, बार्सिलोना और कैनरी द्वीप की प्रेरितिक यात्रा की रूपरेखा बताई। इस यात्रा की विषयवस्तु शांति, निरस्त्रीकरण, एकता, युवाओं से भेंट, संस्कृति, नई तकनीकी और प्रवासन जैसे विषयवस्तुएं हैं। साथ ही, उन्होंने कलीसिया के संबंध में इस बात की ओर ध्यान आकर्षित कराया “अभी भी कई स्तर पर बहुत कुछ करना बाकी है।”

वाटिकन सिटी

संत पापा लियो 14वें की अगामी अंतरराष्ट्रीय प्रेरितिक यात्रा 6-12 जून तक स्पेन की निर्धारित है जहाँ वे दो हजार कि.मी. की यात्रा करते हुए मैड्रिड, बार्सिलोना और कैनरी द्वीपों का दौरा करेंगे।

इस प्रेरितिक यात्रा में कई वाक्ताएं, भेंट, लोगों के मिलन हेतु प्रांगण और स्टेडियम शामिल हैं जहाँ अलग-अलग कार्यक्रमों में लगभग पाँच लाख लोगों के सहभागी होने की उम्मीद है-और जिसमें कई विषयवस्तु- निरस्त्रीकरण से लेकर शांति, कलीसिया की भूमिका से लेकर स्पेन और यूरोप के सामने आने वाली चुनौतियाँ तथा जीवन की रक्षा से लेकर प्रलायन के मुद्दे शामिल हैं। 

वाटिकन प्रेस कार्यालय के अधिकारी मात्तेओ ब्रूनी ने संत पापा की तीर्थयात्रा के कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा, "कहने की ज़रूरत नहीं है, उम्मीदें बहुत ज़्यादा हैं।”

वाटिकन प्रवक्ता ने कहा, "एक ऐसी ज़मीन, जिसने मध्य युग के बीच अलग-अलग दुनियाओं के मध्य वार्ता का प्रयोगशाला होने का काम किया। महान विचारकों और ख्रीस्तीय संस्कृति की धरा- सलामांका का विद्यालय,  जहाँ सोलहवीं सदी में स्कॉलैस्टिक थियोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय नियम का मेल हुआ, जिसके कारण मानवीय  अधिकारों और सम्मान को आकार देने में मदद मिली।” यह क्रूस के संत योहन और अभीला की संत तेरेसा जैसे “महान संतों” की भी भूमि है, जिनके विचार हमारे समय की चुनौतियों से मेल खाते हैं।

यात्रा की विषयवस्तु

स्पेन में,  संत पापा कलीसिया और जनसामान्यों हेतु संस्थानों के साथ-साथ हज़ारों युवाओं, परिवारों और खेल, संस्कृति और मनोरंजन की दुनिया के लोगों से भेंट करते हुए इस समृदध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को देखेंगे।

अलगाव को दूर करने के एक साधन कलीसिया स्वरुप वे राजनीति और संस्कृति के मध्य वार्ता करेंगे, साथ ही तकनीकी और मानवीय विकास पर चिंतन- नया विश्व प्रेरितिक पत्र मैग्नीफिका ह्यूमानितास पर प्रकाश डालते हुए 23 वक्ताओं, भेंटों और प्रवचन देंगे।

वाटिकन प्रवक्ता ने कहा कि निश्चित रुप में  युद्धों के इस दौर में शांति की विषयवस्तु एक मुख्य क्रेन्द बिन्दु होगी। “ऐसे समय में जब हथियारों के इस्तेमाल को तेज़ी से सही ठहराया जा रहा है” इससे जुड़ी विषयवस्तु निशस्त्रीकरण एक मुख्य विषय होगी”, ब्रूनी ने कहा।

उन्होंने कहा, "इस मायने में, कोई भी स्पेन में, और बड़े पैमाने पर यूरोप में, इसके पूरे इतिहास—की रोशनी में कलीसिया की भूमिका पर भी विचार कर  सकता है, जो महानता के पलों के साथ-साथ संकट के समय में भी एक कीमती खजाने के रूप में है।”

कलीसिया की आवाज

ब्रूनी ने कहा कि संत पापा की यात्रा कलीसिया की ओर से एक निशानी और प्रोत्साहन होगी, “कलीसिया को विभिन्न स्तरों में अब भी बहुत सारी चीजें करनी हैं। “जीवन की रक्षा” के संबंध में उन्होंने कहा कि हमें हर एक जीवन की रक्षा करने की जरुरत है विशेषकर वे जो अति संवेदनशील हैं। यह विषयवस्तु प्रवासन को अपने में सम्माहित करती है जो संत पापा की कैनरी द्वीप की भेंट में विशेष रुप से उभरकर आयेगी, एक ऐसी जगह जिसने हाल के सालों में कुख्यात अटलांटिक प्रवासन से जुड़े अनगिनत मानवीय और पारिवारिक त्रासदियों को देखा है। इन स्थानों पर संत पापा प्रवासियों की जीवनगाथा, स्वागत किये जाने के साक्ष्य और मिलन की बातों से रुबरू होंगे, एक प्रेरितिक भूमि जहाँ से संतों ने सुसमाचार के प्रचार हेतु प्रलायन किया।

लोगों और उनके विश्वास से भेंट

लेकिन, उसके पहले संत पापा मैड्रिड और बार्सिलोना में रुकेंगे – ये ऐसे शहर हैं जहाँ खुलेपन और आतिथ्य की अपनी परंपराएँ हैं। इनमें एक विशेष जगह सागरदा फैमिलिया का महागिरजाघर होगा जो आस्था का गहरा प्रतीक है, इसके शिल्पाकार एंतोनी गौदी की मौत के सौ साल पूरे होने पर, 10 जून को एक समारोह मनाया जाएगा।

ब्रूनी ने बताया कि संत पापा लियो 14वें, “एक ऐसे समाज में रहने वाले लोगों से वार्ता करेंगे जो बहुत ज़्यादा सेक्युलर हैं,  फिर भी जिसमें ख्रीस्तीयता की जड़ें संस्कृति और उससे परे गहराई से जुड़ी हुई हैं।”

अतः यह यात्रा “लोगों की आस्था से एक मुलाकात” है जो अब भी शोभायात्रा जैसी लोकप्रिय धार्मिक परंपराओं से जुड़े हुए हैं। संत पापा रविवार, 7 जून को पवित्रपरम प्रसाद की शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। यह एक ऐसा विश्वास है जो “कलीसिया की दीवारों तक ही सीमित नहीं रहता बल्कि सड़कों पर चलता है।”

संत पापा फ्रांसिस के प्रसिद्ध विचार का उल्लेख करते हुए, ब्रूनी ने कहा, यह “एक संग्रहालय का विश्वास” नहीं बल्कि “एक ऐसा विश्वास है जो भविष्य के लिए फल देता है”। स्पेन के युवा संत पापा की यात्रा का एक मुख्य अंग होंगे। ब्रूनी के अनुसार, संत पापा उन्हें "एक ऐसा संदेश देना चाहते हैं जो बहुत ज़रूरी है, जिससे वे उनके साथ मिलकर भविष्य की कल्पना कर सकें, और मज़बूत लोगों के इस समय में कलीसिया पवित्र पुरुषों और महिलाओं को आगे लाने हेतु प्रेरित कर सकें।

एकता और प्रतीकों का स्थल अटलांटिक तट

इस यात्रा में संत पापा येसु ख्रीस्त की एक प्रतीमा का अनावरण करेंगे, जो गौदी के प्रसिद्ध कलाकृति में से एक है। संत पापा ग्रैन कैनरिया में अर्गुइनेगुइन के बंदरगाह की भेंट करेंगे जो “शर्म का घाट” कहा जाता है क्योंकि हज़ारों प्रवासी, खासकर पश्चिमी अफ्रीका से आने वाले, वहाँ बड़ी भीड़ और खतरनाक हालात का सामना करते हैं।

इस तरह संत पापा की यात्रा में यूरोप के अटलांटिक तट पर राजनीति और संस्थानों केन्द्र, आध्यात्मिक और करूणा के कार्य संपादित करे वाले संस्थानें शामिल हैं, जो कलीसिया की प्रेरिताई और सामाजिक संस्थानों के मध्य निरंतर तालमेल की भावना को व्यक्त करता है।

संत पापा का दल

संत पापा के संग इस प्रेरित यात्रा में कार्डिनल एंजेल फर्नांडीज आर्टामे, जो समर्पित जीवन और प्रेरितिक कार्य हेतु स्थापित परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष है, महाधर्माध्यक्ष फिलिपो इयानोन, धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के अध्यक्ष  और महाधर्माध्यक्ष लुइस मारिन डे सैन मार्टिन, जो संत पापा के दान पुण्य हेतु स्थापित परमधर्मपीठ के अध्यक्ष हैं, यात्रा करेंगे।

संत पापा के सभी संबोधन स्पेनिश में होंगे, सिर्फ लास राइसेस स्वागत केन्द्र के, जो फ्रेंच बोलने वाले अफ्रीकी देशों से आए प्रवासियों का अतिथ्य करता है।

वाटिकन प्रवक्ता ने दुराचार की विषयवस्तु की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया जिसकी रोकथाम और सुधार हेतु कलीसिया में कोशिशें जारी हैं, पिछले मार्च में धर्माध्यक्षीय सम्मेलन, धर्मसंधियों के सम्मेलन, स्पैनिश ओम्बड्समैन कार्यलय और मिनिस्ट्री ऑफ़ द प्रेसीडेंसी के बीच एक प्रोटोकॉल पर सहमति बनी थी, ताकि इस दर्दनाक सच्चाई को सच्चाई और न्याय के साथ सुलझाया जा सके। उन्होंने कहा कि संत पापा और शोषण के शिकार लोगों के बीच कोई व्यक्तिगत भेंट की योजना अब तक नहीं की गई है।

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04 जून 2026, 16:47