सन्त पापा लियो 14 वें के साथ कार्डिनल मण्डल की सभा, तस्वीरः जनवरी 2026 सन्त पापा लियो 14 वें के साथ कार्डिनल मण्डल की सभा, तस्वीरः जनवरी 2026 

कंसिस्टरी: वैश्विक स्थिति, मानिफिका हुमानितास, धर्मसभा

जून माह के अन्त में कार्डिनल मण्डल की सभा में भाग लेनेवाले कार्डिनलों को लिखे एक पत्र में, कार्डिनल जोवान्नी बतिस्ता रे ने सन्त पापा पौल षष्टम भवन में आयोजित चार कार्यशिविरों के शीर्षकों की घोषणा की।

वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 5 जून 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन में सन्त पापा लियो 14 वें के साथ जून माह के अन्त में कार्डिनल मण्डल की सभा में भाग लेनेवाले कार्डिनलों को लिखे एक पत्र में, कार्डिनल जोवान्नी बतिस्ता रे ने सन्त पापा पौल षष्टम भवन में आयोजित चार कार्यशिविरों के शीर्षकों की घोषणा की।

सभा के विषय

सन्त पापा लियो 14 वें द्वारा 26, 27 और 29 जून को बुलाई गई कार्डिनलमण्डल की सभा में अन्तरराष्ट्रीय परिस्थिति और स्थानीय कलीसियाओं के जीवन पर विचार-विमर्श के साथ-साथ सन्त पापा के विश्व पत्र मानिफिका हुमानितास पर चर्चा तथा धर्मसभा में चर्चित विषयों को लागू करना शामिल होगा।

कार्डिनल मण्डल के अध्यक्ष कार्डिनल जोवान्नी बतिस्ता रे द्वारा 03 जून को कार्डिनलों को प्रेषित पत्र में उक्त विषयों की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि कार्डिनलमण्डल की उक्त सभा का लक्ष्य “आज कलीसिया के जीवन और मिशन सम्बन्धी विशेष महत्व के मुद्दों पर परस्पर श्रवण,  आपसी समझदारी और साझा चिंतन के स्थान के रूप में कार्य करना है।”  

कार्डिनल रे ने कहा कि सन्त पापा लियो उक्त सभा को “कार्डिनल मण्डल के सदस्यों के अनुभव और परामर्श को इकट्ठा करने” और “कलीसिया की सेवा करने वाले विभिन्न स्थानों और जिम्मेदारियों में प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय सहायता और समर्थन पर भरोसा करने” के अवसर के रूप में देखते हैं।

कार्यक्रम  

कार्डिनल रे ने कहा कि उक्त कनसिस्ट्री का पहला सत्र अंतर्राष्ट्रीय स्थिति और स्थानीय कलीसियाओं की वास्तविकता पर तथा दूसरा और तीसरा सत्र 25 मई को प्रकाशित सन्त पापा लियो 14 वें के प्रथम विश्व पत्र मानिफिका हुमानितास पर केन्द्रित रहेगा। इस विश्व पत्र का पाँचवा अध्याय विचाराधीन होगा जिसका शीर्षक हैः "सत्ता की संस्कृति और प्रेम की सभ्यता।"

उन्होंने कहा कि इस अध्याय में सन्त पापा लियो स्मरण दिलाते हैं कि “ध्रुवीकरण, हिंसा और बढ़ते संघर्ष” से चिह्नित दुनिया में, शांति “अन्य मुद्दों के बीच केवल एक मुद्दा नहीं है, बल्कि सार्वभौमिक सामान्य भलाई के लिए एक शर्त है और लोगों की नैतिक परिपक्वता की परीक्षा है।”

कार्डिनल रे ने कहा कि इस बात पर भी चर्चा होगी कि कलीसिया आज कैसे “न्यायसंगत युद्ध’ के सिद्धान्त पर काबू पा सकती है, जिसका दुरुपयोग प्रायः किसी भी युद्ध को सही ठहराने के लिए किया जाता है," जैसा कि सन्त पापा लियो अपने विश्वपत्र में प्रश्न करते हैं, "कौन से व्यावहारिक रास्ते लोगों और ख्रीस्तीय समुदायों को शांति बरकरार रखने तथा उसका निर्माण करने में मदद कर सकते हैं।"

"अच्छाई में निर्माण"

कार्डिनल रे ने बताया कि कार्डिनल मण्डल सभा के तीसरे सत्र का विषय है "अच्छाई में निर्माण"। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जो मानिफिका हुमानितास की प्रस्तावना और निष्कर्ष दोनों को की संरचना को आकार देता है। इस सत्र में हिस्सा लेने वाले विश्वपत्र के इस आमंत्रण को समझने का प्रयास करेंगे कि आज के युग में हो रहे परिवर्तनों को सुसमाचार के प्रकाश में कैसे समझा जाए तथा सुख एवं संतुष्टि की तलाश को सम्पूर्ण मानवीय विकास की ओर कैसे मोड़ा जाए।

कार्डिनलमण्डल की सभा 26 एवं 27 जून को वाटिकन स्थित सन्त पापा पौल षष्टम भवन में आयोजित की गई है जो 29 जून को सन्त पेत्रुस महागिरजाघर में सन्त पापा लियो की अध्यक्षता में अर्पित ख्रीस्तयाग समारोह से सम्पन्न होगी।  

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05 जून 2026, 11:35