वाटिकन राज्य सचिव  कार्डिनल पारोलीन ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति के साथ, 05.03.2026 वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पारोलीन ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति के साथ, 05.03.2026  (ANSA)

निवारक युद्धों से दुनिया में आग लगने का खतरा, पारोलीन

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने कहा कि निवारक युद्धों से दुनिया में आग लगने का ख़तरा है। उन्होंने बहुध्रुवीयवाद के ख़तरनाक उभार की भी चेतावनी दी जिसमें केवल बल और बलशाली को प्रधानता दी जाती है।

वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 6 मार्च 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): मध्यपूर्व में इस समय जारी युद्ध पर बोलते हुए वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने कहा कि निवारक युद्धों से दुनिया में आग लगने का ख़तरा है। उन्होंने बहुध्रुवीयवाद के ख़तरनाक उभार की भी चेतावनी दी जिसमें केवल बल और बलशाली को प्रधानता दी जाती है।

वाटिकन की चिन्ता

वाटिकन न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे मध्यपूर्व में जारी युद्ध की घटनाओं से अत्यधिक चिन्तित हैं, “अन्तरराष्ट्रीय कानून का भ्रष्ट किया जाना सच में चिंता की बात है: न्याय की जगह ताकत ने ले ली है; कानून की शक्ति का स्थान बल के कानून ने ले लिया है।”

कार्डिनल ने कहा कि वे मध्यपूर्व की जनता और, विशेष रूप से, वहाँ के ख्रीस्तीय समुदायों की व्यथा पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व के लोग पहले ही युद्ध के घावों से त्रस्त थे अब उनकी व्यथा और बढ़ गई है, क्योंकि युद्ध मानव जीवन को बुरी तरह से नष्ट कर देता है, सर्वत्र तबाही लाता है, और पूरे देशों को हिंसा के भंवर में धकेल देता है जिसके नतीजे पक्के नहीं होते।

कूटनीति एकमात्र रास्ता

अमरीका और इस्राएल द्वारा ईरान पर आक्रमण के विषय में कार्डिनल पारोलीन ने कहा, "मेरा मानना ​​है कि शांति और सुरक्षा को कूटनीति से मिलने वाली संभावनाओं के ज़रिए बनाया और आगे बढ़ाया जाना चाहिए  जहाँ देशों के पास बिना रक्तपात और सही तरीके से झगड़ों को सुलझाने की संभावना होती है।"

उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ की रचना हुई थी तथा युद्धों और संघर्षों के समाधान की आशा जागी थी किन्तु आज, वे कोशिशें बेकार होती दिख रही हैं। इतना ही नहीं, जैसा कि सन्त पापा लियो 14 वें ने वर्ष ने साल की शुरुआत में राजनयिक कोर को स्मरण दिलाया था, “कूटनीति जो बातचीत को बढ़ावा देती है और सभी के बीच आम सहमति चाहती है, उसकी जगह बलप्रयोग तथा लोगों या साथियों के समूहों की कूटनीति ले रही है" और लोग इस भ्रम में पड़ गये हैं कि शांति "हथियारों के ज़रिए" हासिल की जा सकती है।

युद्ध विनाश की ओर

कार्डिनल पारोलीन ने कहा, "यह बताना कठिन है कि कौन सही है और कौन ग़लत, हालांकि यह निश्चित रूप से यह कहा जा सकता है कि युद्ध हमेशा पीड़ितों की संख्या को बढ़ायेगा, विनाश का कारण बनेगा तथा नागरिकों पर विनाशकारी प्रभाव छोड़ेगा।"

उन्होंने कहा कि वाटिकन का मानना है कि संघर्षों की समाप्ति के लिये कूटनैतिक रास्तों के अलावा अन्य कोई समाधान उपयुक्त नहीं है। इतिहास ने हमें पहले ही सिखाया है कि सिर्फ़ बातचीत की कड़ी मेहनत और हितों के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान देकर की गई राजनीति ही लोगों के बीच भरोसा बढ़ा सकती है, विकास को बढ़ावा दे सकती है और शांति स्थापना में कामयाब हो सकती है।    

 

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06 मार्च 2026, 11:26