परमधर्मपीठ ने मध्यपूर्व में हिंसा की समाप्ति का किया आह्वान
वाटिकन सिटी
जिनिवा, शुक्रवार, 27 मार्च 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र संघीय मानवाधिकार कार्यालय में परमधर्मपीठ के स्थायी पर्यवेक्षक और वाटिकन के वरिष्ठ महाधर्माध्यक्ष हेक्टर बालेस्त्रेरो ने मध्यपूर्व में नित्य बढ़ती हिंसा पर गहन चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में व्याप्त मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की चेतावनी दी है।
अमानवीय हिंसा
मानवाधिकार समिति के सदस्यों को गुरुवार को सम्बोधित कर महाधर्माध्यक्ष बालेस्त्रेरो ने “इन दिनों मध्यपूर्व में हो रही दुखद घटनाओं” के बारे में बात की, और “सम्पूर्ण क्षेत्र में बच्चों सहित कई बेगुनाह पीड़ितों, बेघर लोगों और विशेष रूप से बिछड़ते हुए परिवारों के लिए गहरा दुख जताया।” उन्होंने अस्पतालों, स्कूलों और आवासिय इलाकों सहित नागर संरचनाओं पर हो रहे हमलों की चिंताजनक प्रकृति की ओर ध्यान आकर्षित कराया।
सन्त पापा लियो के शब्दों का उल्लेख करते हुए महाधर्माध्यक्ष बालेस्त्रेरो ने कहा, ऐसी हिंसा से होने वाले कष्ट को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: “हम इन झगड़ों के शिकार इतने सारे बेबस लोगों की तकलीफ़ को देखकर चुप नहीं रह सकते, जो चीज़ उन्हें दुख पहुँचाती है उससे सम्पूर्ण मानवता को दुख पहुँचता है।”
कूटनीति और वार्ताओं की ज़रूरत
उन्होंने इस बात की पुनरावृत्ति की कि “हथियारों और प्रतिशोध की कार्रवाई से शांति और स्थिरता नहीं मिल सकती क्योंकि वे सिर्फ़ मौत और तबाही फैलाते हैं, इसके बजाय “कूटनीति और वार्ताओं जैसे शांतिपूर्ण तरीकों तथा अन्तरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह पालन करने” की अपील की।
सन्त पापा लियो की अपील को दोहराते हुए, उन्होंने सभी पक्षों से “हिंसा के इस चक्र को रोकने की नैतिक ज़िम्मेदारी लेने” का आग्रह किया, इससे पहले कि यह एक ऐसी खाई बन जाए जिसे भरा न जा सके।वाटिकन सिटी
Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here