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वाटिकन में कार्डिनल मण्डल की असाधारण सभा, 08.01.2026 वाटिकन में कार्डिनल मण्डल की असाधारण सभा, 08.01.2026  

जून में फिर होगी कार्डिनलों की सभा, सन्त पापा लियो

वाटिकन में गुरुवार को दो दिवसीय असाधारण कंसिस्टरी के बाद सन्त पापा लियो 14 वें ने घोषणा की विश्व के समस्त कार्डिनल जून माह में सन्त पेत्रुस एवं सन्त पौलुस के महापर्व पर एक बार फिर दो दिवसीय बैठक के लिये रोम पहुँचेंगे।

वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन में गुरुवार को दो दिवसीय असाधारण कंसिस्टरी के समापन पर सन्त पापा लियो 14 वें ने घोषणा की विश्व के समस्त कार्डिनल जून माह में सन्त पेत्रुस एवं सन्त पौलुस के महापर्व के अवसर पर एक बार फिर दो दिवसीय बैठक के लिये रोम पहुँचेंगे।

दो दिनों तक चली कार्डिनल मण्डल की सभा में विश्व के 170 कार्डिनलों ने भाग लिया।

भावी कार्यक्रम

सन्त पापा लियो 14 वें ने जून माह में कार्डिनलों की सभा के आयोजन के अतिरिक्त यह भी कहा कि कार्डिनल मण्डल की बैठक की आम सभा में जो निवेदन किया गया था उसी के अनुकूल वे प्रतिवर्ष तीन से चार दिन तक जारी रहनेवाली कार्डिनल मण्डल की सभाओं की मंशा रखते हैं, इसलिये कि कन्सिसट्री अर्थात् कार्डिनल मण्डल की सभाएँ “हमारे आने वाले सफ़र की एक झलक” है। वर्ष 2028 के अक्टूबर माह के निर्धारित कलीसियाई सभा की भी उन्होंने पुष्टि की जिसकी घोषणा विगत मार्च में की गई थी।

धन्यवाद ज्ञापन  

इन घोषणाओं के अलावा सन्त पापा लियो 14 वें ने उपस्थित कार्डिनलों की मौजूदगी तथा उनके समर्थन के लिये आभार व्यक्त किया विशेष रूप से वयोवृद्ध कार्डिनलों के प्रति रोम तक पहुँचने  के प्रयासों के लिये उनके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

सन्त पापा ने उनसे कहा, “आपकी गवाही कीमती है,” और साथ ही उन्होंने समस्त विश्व के उन कार्डिनलों के प्रति अपनी नज़दीकी ज़ाहिर की जो इन दिनों रोम में नहीं आ पाए थे और कहा, “हम आपके साथ हैं और आपके करीब हैं।”

समापन समारोह पर सन्त पापा ने कहा कि विगत दो दिनों में उन्होंने एक “तकनीकी रहित सिनॉडैलिटी” का अनुभव किया है। यह एक गहरा तालमेल और मेल-जोल जो, हममें से प्रत्येक की   अलग-अलग पृष्ठभूमि और अनुभव को देखते हुए, बेहतर आपसी ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए चुने गए तरीके से सम्भव बन पड़ा। द्वितीय वाटिकन महासभा का ज़िक्र कर सन्त पापा ने इसे कलीसिया के मार्ग और उसकी नवीनता की नींव निरूपित किया।

कार्डिनल मण्डल की उक्त दो दिवसीय सभा के अन्त में सन्त पापा लियो 14 वें तथा उपस्थित सभी कार्डिनलों ने सम्पूर्ण विश्व में व्याप्त स्थिति पर भी ध्यान दिया जिसपर कलीसिया की प्रतिक्रिया “और भी ज़रूरी” हो गयी है। उन्होंने एक ऐसी कलीसिया की आशा व्यक्त की जो युद्ध और हिंसा झेल रहे स्थानीय कलीसियाओं के करीब आए।

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09 जनवरी 2026, 11:22