भूमध्यसागरीय खेलों के प्रतिभागियों को सन्त पापा का सन्देश
वाटिकन सिटी
तारान्तो, शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): इटली के तारान्तो शहर में, 21 अगस्त से 03 सितम्बर तक, जारी भूमध्यसागरीय खेलों के प्रतिभागियों को एक तार सन्देश प्रेषित कर सन्त पापा लियो 14 वें ने कहा कि खेलों का मकसद भाईचारा, स्वागत-सत्कार, एकात्मता एवं शांति होना चाहिये।
सेतुओं का निर्माण
गुरुवार को तारान्तो के काथलिक महागिरजाघर में भूमध्यसागरीय खेलों के उदघाटन के उपलक्ष्य में तारान्तो के महाधर्माध्यक्ष चीरो मीनीएरो ने ख्रीस्तयाग प्रवचन में कहा कि खिलाड़ी साहसी होता है और वह गलतियां करने से नहीं डरता है। भूमध्यसागरीय खेलों में यूरोप के 26 देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
ख्रीस्तयाग समारोह के अवसर पर ही वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन द्वारा प्रेषित सन्त पापा लियो 14 वें का तार सन्देश पढ़ा गया जिसमें सन्त पापा ने कहा है कि खेलों को भाईचारे, प्रेम और शांति का माध्यम होना चाहिये। सन्त पापा ने लिखाः "खेल के ये दिन "संस्कृतियों और लोगों के बीच सेतुओं का निर्माण करने तथा मेहमाननवाज़ी, एकता और शांति को बढ़ावा देने" का सुनहरा मौका हैं।"
भविष्यवाणी एवं भ्रातृत्व
खिलाड़ियों का सन्त पापा ने आह्वान किया कि वे "इस मुक्ति के निशान को विश्वास की दृष्टि से देखें, जो खेलों का अनुभव साझा करनेवाले समस्त खिलाड़ियों की उम्मीदों, खुशियों और संघर्षों को एकत्र करता है" और हमें "मैत्री, भाईचारे और वफादारी की भावनाओं के साथ" प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिये आमंत्रित करता है।
उन्होंने कहा, "वस्तुतः, खेल के ज़रिए ही उम्मीद की एक नई हवा प्रवाहित हो सकती है, जो हथियारों का इस्तेमाल तो तुरंत नहीं रोकेगी तथापि, अधिक भ्रातृत्व वाली इंसानियत बनाने की संभावना का सुझाव दे सकेगी।"
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