कार्डिनल आर्थर रोच, फाईल तस्वीर कार्डिनल आर्थर रोच, फाईल तस्वीर  

कार्डिनल आर्थर रोच के नाम सन्त पापा का पत्र

दिव्य भक्ति एवं संस्कार सम्बन्धी परमधर्मपीठीय विभाग के अध्यक्ष को एक पत्र प्रेषित कर सन्त पापा लियो ने माऊन्ट आन्गेल मठ में धर्मविधिक प्रशिक्षण पर एकत्र समस्त धर्माध्यक्षों, पुरोहितों एवं अन्य प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित की।

वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन स्थित दिव्य भक्ति एवं संस्कार सम्बन्धी परमधर्मपीठीय विभाग के अध्यक्ष कार्डिनल आर्थर रोच को एक पत्र प्रेषित कर सन्त पापा लियो ने अमरीका के ऑरेगन में माऊन्ट आन्गेल मठ में धर्मविधिक प्रशिक्षण पर एकत्र समस्त धर्माध्यक्षों, पुरोहितों एवं अन्य प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित की।

देसिदेरियो देसिदेरावी

सन्त पापा ने लिखाः पूजन पद्धति एवं धर्मविधिक प्रार्थनाओं एवं आध्यात्मिक साधना पर प्रकाशित अपने प्रेरितिक पत्र देसिदेरियो देसिदेरावी में, सन्त पापा फ्रांसिस ने इस तथ्य पर बल दिया है कि समस्त विश्व में व्याप्त कलीसिया के गिरजाघरों की पूजन पद्धति एवं धर्मविधिक प्रार्थनाओं एवं आध्यात्मिक साधना को नवीन स्फूर्ति से अनुप्राणित करने के लिये पुरोहितों और लोकधर्मी विश्वासियों  को ध्यानपूर्वक और निरन्तर प्रशिक्षण देने की ज़रूरत है। तदोपरान्त, उन्होंने हमें याद दिलाया कि इस तरह  का प्रशिक्षण "कुछ विशेषज्ञों के लिए विशेषज्ञता या प्रवीणता हासिल करने का ज़रिया नहीं है बल्कि यह समस्त ईश प्रजा की आन्तरिक प्रकृति है।"

सन्त पापा ने लिखा कि इसलिए मैं आपको येसु मसीह के शरीर में हर स्तर पर पूजन पद्धति और आराधना विधि की तैयारी हेतु ठोस रास्ते खोजने के लिए बढ़ावा देता हूँ। साथ ही, हमें "उन लोगों की तैयारी में प्राथमिकता को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, जिन्हें पवित्र आदेशों के संस्कार के आधार पर मिस्टागॉग अर्थात् रहस्य दीक्षा पानेवाले विश्वासी कहा जाता है।" उन्होंने कहा कि इसका सबसे पहला व्यावहारिक अभ्यास रविवारीय ख्रीस्तयागों के लिये लोगों को एकत्र करना होता है। ये समारोह धर्मविधिक वर्ष की लय पर आधारित हैं, जिसके केंद्र में पास्काई रहस्य है।

विनम्रता एवं सत्यनिष्ठा

सन्त पापा ने आगे लिखा कि इस तरह, सही शिक्षा और श्रद्धापूर्वक आराधना अर्चना से, काथलिक विश्वासी आराधना और धर्मविधिक प्रार्थनाओं के लिये तत्पर रहेंगे। इसके अलावा, पवित्र रहस्यों के सम्मानजनक एवं गरिमापूर्ण समारोह को बढ़ावा देने के लिए, हमें अनुमोदित पाठों और निर्देशों के प्रति वफ़ादारी की ज़रूरत पर ज़ोर देना चाहिए।

विश्वास और कलीसियाई सहभागिता

कार्डिनल रोच को प्रेषित पत्र में सन्त पापा लियो ने अन्त में लिखाः पवित्र पूजन पद्धति के संविधान पर मैंने अपनी हाल की धर्मशिक्षा माला में, इस तथ्य पर ध्यान आकर्षित कराया है कि दिव्य रहस्यों के समारोहों की तैयारी करने वाले सभी लोगों, और खासकर पुरोहितों को, सन्त पापा पौल षष्टम एवं सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय द्वारा घोषित धर्मविधि के प्रति सम्मान दर्शाना चाहिए। यह अनिवार्य  है कि यह सम्मान "ईश्वर के प्रति खुलेपन और विश्वास की आन्तरिक मनोवृत्ति से प्रस्फुटित हो तथा कलीसियाई सहभागिता के प्रति विनम्रता एवं सत्यनिष्ठा दर्शाये।"

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here.

14 अगस्त 2026, 11:23