संत पापा लियो 14वें द्वारा नियुक्ति
वाटिकन सिटी
परमधर्मपीठीय ऐतिहासिक विज्ञान समिति के तीन नए सदस्य हैं- इतिहासकार उम्बेर्तो लोंगो, जो रोम (इटली) में इटालियन हिस्टोरिकल इंस्टीट्यूट फॉर द मिडिल एज के संचालक हैं; फ्रांचेस्को चेसारियो, वॉर्सेस्टर (यूएस) के असम्पशन यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जो सेवानिवृत हैं, और अन्ना बारांस्का, जो ल्यूबलिन (पोलैंड) जोन पॉल द्वितीय काथलिक महाविद्यालय के ह्यूमैनिटीज संकाय से जुड़ी हुई प्रध्यापिका हैं।
70 वर्षीय यात्रा की शुरूआत
परमधर्मपीठीय ऐतिहासिक विज्ञान समिति की स्थापना 1954 में संत पियुस 12वें के द्वारा की, जो 18 अगस्त, 1883 को प्रेरितिक पत्र सापेंनुमेरो कंसीदेरंतेस के ज़रिए संत पापा लियो 13वें द्वारा स्थापित ऐतिहासिक अध्ययन हेतु गठित कार्डिनल कमीशन की परंपरा को आगे बढ़ाती है।
समिति के कार्य की विशेषत कलीसिया के संग्रहालय विरासत, खासकर वाटिकन संग्रहालय पर निरंतर ध्यान देना है। इस संदर्भ में संत पापाओं के द्वारा कई अपीलें की गई हैं कि वे वाटिकन परमधर्मपीठ संग्रहालय की बेहतर और उचित देख-रेख हेतु विशेषज्ञों को नियुक्त करें। इस समिति के चेयरमैन जेसु समाजी पुरोहित मारेक इंग्लोट हैं, जबकि समिति के सचिव पियेरअंतोनियो पियात्ती हैं।
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