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संत पापा लियो 14वें संत पापा लियो 14वें   (ANSA)

पोप लियो : मैं अमरीका की आजादी एवं सभी लोगों की स्वागत भावना को पसंद करता हूँ

पोप लियो 14वें ने अमेरिकी प्रसारक एनबीसी को दिये एक साक्षात्कार में, अमरीका के इतिहास में प्रवासन की अहमियत पर जोर दिया और संकेत दिया कि वे अगले कुछ सालों में अपने जन्म भूमि का दौरा कर सकते हैं।

डेविन वाटकिन्स

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 30 जुलाई 26 (रेई) : कास्तेल गंदोल्फो में अपनी छुट्टियों के तुरंत बाद, पोप लियो 14वें ने बुधवार शाम को अमरीकी प्रसारक एनबीसी के साथ एक छोटा साक्षात्कार किया। यह साक्षात्कार अंद्रेया बोचेली और दुनियाभर के बच्चों के संगीत के साथ शांति के लिए एक प्रार्थना कार्यक्रम के बाद हुआ।

साक्षात्कार में, पोप ने अमेरिका के उन आयामों के बारे में बात की जो उन्हें पसंद हैं खासकर, देश के प्रवासन का स्वागत करने के इतिहास के बारे।

जब उनसे पूछा गया कि वे पहले “अमेरिकी पोप” होने के बारे में क्या सोचते हैं, तो पोप लियो ने स्पष्ट किया कि वे खुद को अक्सर “एक ऐसे पोप के रूप में देखते हैं जो अमेरिकी हैं,” और यह भी कहा कि उनका मतलब अमेरिकी होने के मकसद को कम आंकना नहीं है।

उन्होंने कहा, “मैं अमरीका में पैदा हुआ। मेरा परिवार अभी भी अमरीका में है। मुझे अमेरिका से बहुत प्यार है।

लेकिन मैं अपनी प्रेरिताई को एक बहुत महत्वपूर्ण पहलू के रूप में समझता हूँ, जो कि एक विश्वव्यापी कलीसिया की प्रेरिताई है और दुनियाभर के लोगों से बात करने के लिए एक आवाज और अवसर बनना है।”

साथ ही, पोप लियो 14वें ने माना कि, उनके लिए और अमरीका के लोगों के लिए, जाहिर है “पहले अमेरिकी पोप होने में बहुत अहमियत है।”

जब उनसे पूछा गया कि उन्हें अमेरिका के बारे में क्या पसंद है, तो पोप ने अमेरिका की स्वतंत्रता, अवसर, पीढ़ियों से दुनियाभर के लोगों को अमेरिका का हिस्सा बनने के लिए बुलाने की भावना” के सिद्धांतों के बारे में बात की।

उन्होंने बताया कि उनके अपने दादा-दादी अमरीका में प्रवासी थे। उन्होंने कहा कि उनकी माँ के परिवार में "ऐसे लोग थे जो गुलाम भी थे और गुलामों के मालिक भी।"

उन्होंने कहा, "अगर आप कहें तो, बड़े होने का एक इतिहास है और उस तरह का अनुभव जिसने मुझे खुद को अमरीका की सबसे बड़ी सम्पति में से एक को पहचानने में मदद की," "और मैं उन सिद्धांतों पर कायम हूँ जो इतने सालों से अमेरिकी होने के हिस्सा रहे हैं ताकि वे आगे भी जारी रहेंगे।"

जैसे ही साक्षात्कार समाप्त हुआ, उनसे पूछा गया कि क्या उनके अमरीका आने की कोई योजना है।

उन्होंने कहा, "वे (लोग) मुझे वहाँ देखेंगे। इत्तेफाक से, आज हम अगले कुछ सालों का कैलेंडर देख रहे थे।" "अभी कुछ भी पक्का नहीं है, लेकिन मुझे यकीन है कि मैं जल्द ही वहाँ पहुँचूँगा।"

इसके बाद तेलेमुदो (जो एनबीसी की तरह, कॉमकास्ट से जुड़ा है) के साथ स्पानी में एक साक्षात्कार में, पोप लियो ने उस खूबसूरती के बारे में बताया जो उन्होंने उसी समय शांति के लिए प्रार्थना में देखी थी, जब दुनियाभर के बच्चे एक साथ गा रहे थे। उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि यह सुंदरता हम सभी के लिए एक निमंत्रण है कि हम उससे आगे देखें और उस सुंदरता को देखें जो बनाई जा सकती है—या जिसमें हम हिस्सा ले सकते हैं—जब हम अपने कुछ मतभेदों को अलग रखकर इंसान होने की शान को पहचानते हैं, कि हम सभी ईश्वर की छवि में बनाए गए हैं।”

पोप ने बच्चों द्वारा शांति के लिए की गई प्रार्थनाओं और उनके इस सवाल को भी याद किया कि शांति और प्यार के बजाय युद्ध और नफरत क्यों है।

उन्होंने कहा, “हमें मानव होने में, भाई-बहन होने में मिलने वाले मूल्यों और खजाने को फिर से खोजने की जरूरत है।” “हमें यह पहचानना होगा कि हम सभी सच में एक ऐसे समाज में हिस्सा ले सकते हैं जो शांति से प्यार करता है, शांति चाहता है, और हमारे मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे को स्वीकार करता है। अगर हम सभी शांति के लिए काम करें, तो हम उन कई परिस्थितियों से उबर सकते हैं जो टकराव और नफरत पैदा करती हैं।”

तेलेमुंदो के साथ साक्षात्कार समाप्त करते हुए पोप लियो ने आप्रवासियों को एक संदेश दिया।

उनसे आग्रह करते हुए पोप ने कहा, “आशा रखें। निश्चय ही, सामान्य रूप से जीने का रास्ता खोजें। हमें पहचानना पड़ेगा कि वहाँ कुछ ऐसे लोग होंगे जिन्हें अपराधों, जुर्मों और इस तरह की चीजों के कारण दुःख झेलना पड़ा है। समाज इस तरह नहीं बन सकता। इसलिए हमें शांति से रहने सीखना चाहिए, लेकिन हमारे अंदर वह हिम्मत और उम्मीद भी होनी चाहिए जो हमेशा हम सबकी मदद करे।”

(अनुवाद - उषा मनोरमा तिरकी, डीएसए)

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30 जुलाई 2026, 15:57