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संत पापा रविवारीय देवदूत प्रार्थना में संत पापा रविवारीय देवदूत प्रार्थना में 

संत पापा लियोः उदारता और विश्वास ईश्वर का बीज हमारे हृदयों में

संत पापा ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कस्तेल गंदोल्फो में विश्वासियों और तीर्थयात्रियों के संग देवदूत प्रार्थना का पाठ करने के पूर्व बीज बोनेवाले के दृष्टांत पर चिंतन करते हुए कहा कि यह हमारे लिए ईश्वर की उदारता और विश्वास को प्रकट करता है।

वाटिकन सिटी

संत पापा लियो 14वें ने कस्तेल गंदोल्फो में तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के साथ वर्ष के 15वें रविवार को देवदूत प्रार्थना का पाठ किया।

संत पापा लियो कस्तेल गंदोल्फो के प्राँगण में उपस्थित सभी तीर्थयात्रियों और विश्वासियों का अभिवादन करते हुए कहा, प्रिय भाइयो एवं बहनो, शुभ रविवार।

आज की धर्मविधि में, सुसामाचार लेखक संत मत्ती हमारे लिए बोनेवाले का दृष्टांत प्रस्तुत करते हैं, जो हमारे लिए ईश्वर की उदारता और विश्वास को प्रकट करता है जिसे ईश्वर शब्दों और शक्ति के रूप में हमारे हृदय में बोते हैं।

येसु शरीरधारी बीज

येसु स्वयं, हमारे लिए शरीरधारी शब्द हैं, जिन्होंने हमारी मुक्ति के लिए अपना जीवन दिया है, जिन्हें पिता निरंतर दुनिया में बीज के रूप में बोते हैं, जिससे वे अपने मरण के द्वारा अधिक पल उत्पन्न करें (यो.12.24)। यह सच है कि वे कभी-कभी हममें कठोर और गैर जिम्मेदार भूमि को पाते हैं, इसके साथ ही भ्रमित भूमि, जैसे कि हम अपने को बंजर, पथरीली या कंटीली झाड़ियों के रूप में पाते हैं। इसके साथ ही, वे ग्रहण करनेवाली और ऊपजाऊ भूमि को भी पाते हैं, जहाँ हम प्रेम के चमत्कार को पाते हैं जिसमें सारी चीजों को बदलने की शक्ति होती है- जैसे कि हमने स्वयं उसे अपने जीवन में निसंदेह अनुभव किया है। यही कारण है, पिता सदैव बुनने हेतु कभी नहीं थकते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि उनका प्रेम हमारे लिए हमारी मानवीय कमजोरियों से कहीं अधिक मजबूत है। (2 कुरिं 12. 9-10)

ईश्वर संग सब संभव है

संत पापा लियो 14वें ने कहा कि ईश्वर के वचन को “बीज” के रूप में संदर्भित करते हुए संत जोन क्रिसोस्तम कहते हैं, “कांटों, पथरीली भूमि या राह पर बोना कैसे तर्क संगत हो सकता है? बीजों और भूमि के संदर्भ में, यह तर्कपूर्ण लगता है, लेकिन आत्मा और धर्म सिद्धांत के संबंध में, यह प्रशंसनीय है”, क्योंकि ईश्वर के हाथों में यह संभव है कि बंजर भूमि को वे ऊपजाऊ भूमि में परिणत कर सकते हैं, राह पैरों के द्वारा न रौंदे जाएं या वह सभी चलने वालों के लिए खुला न हो, बल्कि एक समृद्ध धरती बने, और कांटों को दूर किया जाए जिससे बीजों को पूरी सुरक्षा में लाभ मिले।”

ईश्वर में विश्वास चमत्कार का कारण

संत पापा लियो 14वें ने कहा कि हमारे लिए ईश्वर की उदारता अनुभवहीन नहीं बल्कि विवेकपूर्ण है। वे हमारे अंदर एक अच्छी संभावना को देखते हैं, जिसे हम स्वयं अपने में कभी-कभी अनुभव करने में असफल होते हैं। यही कारण है कि ईश्वर जो हमारे हृदय की भूमि को हम से अधिक अच्छी तरह जानते हैं, हमारे ऊपर विश्वास करना कभी नहीं छोड़ते - जिनमें हम बने रहते और प्रतिदिन विकास करते हैं, यदि हम अपने को विश्वास में उन्हें समर्पित करते है

इस भांति, जिस उदारता और विश्वास में बीजों को बोया जाता है, और जिस नम्रता और खुलेपन से हम उन्हें ग्रहण करते हैं, पवित्र आत्मा के फलों का विकास और प्रसार हमारे अंदर होता है। संत पौलुस हमें शिक्षा देते और कहते हैं, वे हमारे लिए “प्रेम, खुशी, शांति, धैर्य, दयालुता, अच्छाई, निष्ठा, विनम्रता और संयम हैं” (गला.5.22)। हमारे विश्व को इन फलों की कितनी आवश्यकता हैः जिससे वह उनके द्वारा परिपूर्ण और परिवर्तित हो।

अर्थपूर्ण समय व्यतीत करें

संत पापा लियो ने कहा, अतः हम अपने में निर्णय लें, विशेषकर गर्मी की इन छुट्टियों के दिनों में, हम सुनने के लिए, अध्ययन करने और ईश वचनों पर चिंतन करने के लिए समय दें- जिससे हम सारी सृष्टि के संग मिलकर अर्थपूर्ण ढ़ंग से शांति और प्रार्थना में समय व्यतीत कर सकें। इस भांति, हम शरीर और आत्मा की नवीनता में अपने कार्यों को करने हेतु लौट सकेंगे, सुसमाचार के संदेश को घोषित करने और ईश्वर के राज्य के विकास हेतु हम अपना योगदान दे सकेंगे।

मरियम प्रेरितों की रानी और सुसमाचार का सितारा इस कार्य में हमारी मदद करें।

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12 जुलाई 2026, 12:28