पोप : तकनीकी मित्रता में मदद करे, न कि उसकी जगह ले
वाटिकन न्यूज
वाटिकन सिटी, मंगलवार, 23 जून 2026 (रेई) : पोप लियो 14वें ने सोमवार को वाटिकन के “एस्ताते रगात्सी” (ग्रीष्म के बच्चे) समर कैंप का दौरा किया, और इस साल के कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे बच्चों और युवाओं से मुलाकात करते हुए उनके कई सवालों के जवाब दिए।
मानव रिश्ते सबसे पहले आते हैं
स्कूल के दिनों में स्क्रीन से सम्पर्क टूट जाने से होनेवाली कठिनाई के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए, पोप लियो ने तकनीकी के फायदों को स्वीकार किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि इसे वास्तविक मानवीय बातचीत की जगह नहीं लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "तकनीकी बहुत अच्छी और कई चीजों के लिए बहुत काम की हो सकती है।" "हालांकि, जब हम साथ होते हैं, तो हमारे हाथ में हमेशा मोबाइल फोन, स्मार्टफोन या टैबलेट होना जरूरी नहीं है।"
पोप ने बच्चों को तकनीकी उपकरणों के साथ नहीं, बल्कि लोगों के साथ समय बिताने की हिम्मत दी।
उन्होंने कहा, "दोस्ती बनाना, एक साथ समय बिताना, एक साथ खेलना और शायद एक साथ पढ़ाई करना भी बहुत जरूरी है।" "हम मानव हैं, व्यक्ति हैं, और हमें दूसरों से मिलना-जुलना बहुत जरूरी है।"
पारिवारिक जीवन पर ध्यान देते हुए पोप ने कहा, "जब परिवार एक साथ होता है, तो फोन पर व्यस्त रहते हुए एक साथ बैठना काफी नहीं है। बात करना, वार्तालाप करना और एक-दूसरे के साथ का आनन्द लेने सीखना बहुत जरूरी है।"
पोप ने प्रार्थना के महत्व पर भी जोर दिया और बच्चों को याद दिलाया कि "भले ही हमारे फोन पर बाइबिल और प्रार्थनाएँ हों, ईश्वर हमारे फोन नहीं देखना चाहते," और कहा कि "ईश्वरा हमारे दिल और हमारा जीवन देखना चाहते हैं।"
डिजिटल निर्भरता को पहचानना
खासकर बड़े बच्चों से बात करते हुए, पोप लियो ने चेतावनी दी कि कई एप्लीकेशन जानबूझकर यूजर्स को लंबे समय तक एंगेज रखने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
उन्होंने कहा, "वे हमें इस तकनीकी पर निर्भर बनाने की कोशिश करते हैं।" उन्होंने स्क्रीन के इस्तेमाल पर व्यवहारिक सीमा तय करने का सुझाव दिया, जैसे दिन के कुछ खास समय में फोन को दूर रखना और बातचीत एवं पारिवारिक गतिविधियों के लिए जगह बनाना।
उन्होंने कहा, "हम सब केबल से जुड़े नहीं हैं।" "हम इंसान हैं।"
पोप ने बच्चों को रिश्ते बनाकर, प्रार्थना में ईश्वर की खोज कर, और ऐसी निर्भरता से बचकर अपनी मानवीय और आध्यात्मिक जीवन को विकसित करने के लिए हिम्मत दी जो उनकी स्वतंत्रता को कम कर सकती हैं।
अपने लिए सोचने सीखना
एक दूसरे युवा प्रतिभागी ने पोप से उनकी यात्राओं के अनुभव पूछे।
अपनी यात्राओं के बारे में बताते हुए, पोप लियो ने कई ऐसे मौकों को याद किया जब जीपीएस नेविगेशन सिस्टम ने उन्हें गलत दिशा दिखायी। उन्होंने कहा, "इटली में, दूसरे यूरोपियन देशों में, पेरू में, और एक बार तो अमरीका भी, मैंने जीपीएस को फॉलो किया, और यह मुझे गलत रास्ते पर ले गया।"
पोप ने समझाया कि "अपने लिए सोचने सीखना और यह जानने की महत्वपूर्ण क्षमता विकसित करना कि हम जीवन में कहाँ जा रहे हैं, अच्छा है।"
उन्होंने बच्चों को हिम्मत दी कि वे पूरी तरह तकनीकी पर निर्भर रहने के बजाय ईश्वर की दी हुई क्षमता का पूरा इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा, "अगर मेरा दिमाग काम कर रहा है तो मुझे अपने फोन की जरूरत नहीं है," और कहा कि तैयारी और अच्छा फैसला लोगों को मुश्किलों से निपटने और अचानक आनेवाली समस्याओं का समाधान खोजने में मदद करता है।
पोप के साथ प्रार्थना
मुलाकात के अंत में, पोप लियो 14वें को समर कैंप का "मुख्य खोजकर्ता" बनाया गया और उन्हें एक एक्सप्लोरर किट और एक स्मारक पट्टिका भेंट की गयी।
उन्होंने बच्चों को अपने साथ प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें अपने माता-पिता को यह बताने का प्रोत्साहन दिया कि उन्होंने पोप के साथ मिलकर प्रार्थना की है। अंत में पोप ने कहा, "प्रार्थना हमारे लिए बहुत जरूरी है।" "हम चाहते हैं कि येसु हमारे साथ रहें।"
Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here.
