बर्सिलोना में कैदियों से पोप : ईश्वर हम सभी को नई शुरुआत करने देते हैं
वाटिकन न्यूज
बर्सिलोना, बुधवार, 10 जून 2026 (रेई) : ब्रीयन्स 1 जेल 1991 में खोला गया है और इसका कुल क्षेत्रफल 61,000 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक है। शुरू में, यह जगह सिर्फ पुरुष कैदियों के लिए थी, लेकिन 1993 में, उसी परिसर में महिला कैदियों के लिए एक नया सेंटर खोला गया।
पोप लियो करीब पौने दस बजे प्रायश्चित केंद्र पहुँचे। जहाँ उनका स्वागत जेल के डायरेक्टर ने किया। वे दोनों सभागार की ओर बढ़े, जहाँ तीन चैपलिन, कैदियों का एक दल और स्वयंसेवकों का एक दल मौजूद था।
जेल के निदेशक के स्वागत भाषण, एक चैपलिन और दो महिला कैदी के साक्ष्य सुनने के बाद संत पापा लियो ने उन्हें सम्बोधित कर कहा, “प्यारे भाइयो एवं बहनो, आप सभी के हार्दिक स्वागत के लिए धन्यवाद!”
मोंटसे और जोसेफिना ने जो साक्ष्य हमारे साथ साक्षा किया, उससे मैं बहुत प्रभावित हुआ। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं फादर जीसस के शब्दों की भी तारीफ करता हूँ, जो संत फेलियू डे लोब्रेगेट में धर्मप्रांत की ओर से जेल प्रेरिताई के चैपलिनों और स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ईश्वर की करुणा हमारे अच्छे या बुरे काम से बढ़कर है
हर इंसान सिर्फ इस बात से “योग्य” है कि “ईश्वर ने उसे चाहा, बनाया और प्यार किया है” (मनिफिका उमानितास, 52)। इसलिए, ऐसी कोई भी स्थिति नहीं है जिससे ईश्वर अपनी नजरें हमसे हटा लें। यह एक सुकून देनेवाली सच्चाई है जो हर समय हमारे साथ रहती है और हमें याद दिलाती है कि उनका करुणावान प्रेम हमारे अच्छे या बुरे कामों से हमेशा बढ़कर है।
संत पापा ने कहा, “प्यारे भाइयो और बहनो, यह बात खासकर आपके लिए है जो अपनों से दूर होने का कष्ट उठाते हैं और अपने मौजूदा हालात की वजह से परेशान हैं। जब आप खुद को नीच महसूस करने लगें और सोचें कि अब आगे बढ़ना मुश्किल है, तो “अपनी आँखें उन पर उठाएँ” जो कई लोगों के माध्यम से आपको अपना प्यार और अपनापन दिखाना कभी नहीं छोड़ते।
ईश्वर हमारी प्रतीक्षा कर रहे हैं
भले ही आपके जीवन के कुछ पलों में चिंता और उदासी हो, लेकिन याद रखें कि जीवन की गलतियाँ किसी इंसान की पहचान नहीं बनातीं। संत अगुस्टीन ने अपने पापस्वीकार (कन्फेशंस) में, जब अपने जीवन के सफर को बताया, तो इस बारे में बात की। अगर हम ईश्वर की कृपा पर भरोसा करते हैं और खुद को उनके द्वारा संचालित होने एवं बदलने देते हैं, तो हम अपने जीवन में पायेंगे कि बीता हुआ कल भविष्य को गलत नहीं ठहराता, बल्कि हमें अपने फैसले और चुनाव बदलने का मौका देता है।
सभी कैदियों से पोप ने कहा, “आइये, हम अपने हृदय में प्रभु के लिए जगह बनायें और उनके चेहरे को खोजें। आइए हम उनके प्यार को हमें रास्ता दिखाने दें। हम उनसे जुड़े रहें, जो लगातार हमें आशा की ओर बुलाते हैं और हमें एक शानदार रास्ता दिखाते हैं, जिस तक पहुँचने से कोई भी बाधा हमें नहीं रोक सकती। आज भी, वे हमारे अंतःकरण की गहराई में हमसे बात करते हैं, हमें यह जानने में मदद करते हैं कि वे हमारे बीच रहते हैं। वे सिर्फ इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि हम उन्हें एक मौका दें।”
ईश्वर नई शुरूआत करने देते हैं
संत पापा ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा, “प्यारे मित्रो, मैं आपको ईश्वर का सपना देखते रहने के लिए आमंत्रित करता हूँ। आप में से हरेक से मैं कहता हूँ: ईश्वर आपसे वैसे ही प्यार करते हैं जैसे आप हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि आप और भी बेहतर बनें! ईश्वर हम सभी को नई शुरुआत करने देते हैं, क्योंकि इंसान और ईसाई होने का मतलब कभी गलतियाँ न करना नहीं है, बल्कि बदलने, पछतावा करने, सुधार करने और सबसे बढ़कर, मेल-मिलाप करने और माफ करने की काबिलियत बढ़ाना है।
अंत में संत पापा ने उन्हें करूणा की माता मरियम की मध्यस्थता को सिपूर्द किया और उन्हें ईश्वर से आशीर्वाद की कामना की। आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद।
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