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स्पेन के ग्रैण्ड कैनरी स्टेडियम में सन्त पापा लियो 14 वें, 11.06.2026 स्पेन के ग्रैण्ड कैनरी स्टेडियम में सन्त पापा लियो 14 वें, 11.06.2026  (ANSA)

बेचैन ‘मैं’ के कोलाहल” के खिलाफ चेतावनी

ग्रैण्ड कैनरी द्वीप पर सन्त पापा लियो का अन्तिम कार्यक्रम यहाँ के विशाल स्टेडियम में ख्रीस्तयाग समारोह रहा जिसमें लगभग 40,000 श्रद्धालु उपस्थित हुए। इस अवसर पर सन्त पापा ने “एक दिखावटी, हर जगह मौजूद और बेचैन ‘मैं’ के कोलाहल” के खिलाफ चेतावनी दी।

वाटिकन सिटी

ग्रैण्ड कैनरी, शुक्रवार, 12 जून 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): विश्वव्यापी काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा लियो 14 वें स्पेन की अपनी सात दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के अन्तिम चरण में पहुँच चुके हैं।  

शुक्रवार को ग्रैण्ड कैनरी से विदा ले सन्त पापा ने तेनेरीफ के नोर्ते लॉस रोदेओस अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिये प्रस्थान किया। स्मरण रहे कि रोम से 06 जून को शुरु हुई सन्त पापा लियो 14 वें की स्पेन प्रेरितिक यात्रा उनकी चौथी विदेश यात्रा है जिसके दौरान वे मैडरिड, बारसेलोना, ग्रैन्ड कैनरी और तेनेरीफ द्वीपों का दौरा कर रहे हैं।

40,000 हुए एकत्र

ग्रैण्ड कैनरी द्वीप पर सन्त पापा लियो का अन्तिम कार्यक्रम यहाँ के विशाल स्टेडियम में ख्रीस्तयाग समारोह रहा जिसमें लगभग 40,000 श्रद्धालु उपस्थित हुए। ख्रीस्तयाग प्रवचन के अवसर पर सन्त पापा ने “एक दिखावटी, हर जगह मौजूद और बेचैन ‘मैं’ के कोलाहल” के खिलाफ चेतावनी दी, और उन आप्रवासियों को एक बार फिर याद किया जिन्होंने द्वीप तक पहुंचने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी थी। उन्होंने प्रेम, दुख और विनम्रता जैसे गुणों पर चिन्तन किया तथा यूरोप के वर्तमान राजनीतिज्ञों और नीति निर्माताओं को उनकी उदासीनता एवं असंवेदनशीलता के लिये फटकारा।  

ग्रैण्ड कैनरी द्वीप अफ्रीका के पश्चिमी तट का निकटवर्ती स्पानी द्वीप है, जो यूरोप में नई ज़िंदगी की तलाश कर रहे आप्रवासियों के आगमन के लिए मशहूर हो गया है।

आप्रवासियों के लिये प्रार्थना

लगभग पूरी तरह से गुरुवार का दिन आप्रवासियों  की चर्चा और चिन्तन को समर्पित रहा। इस व्यस्त दिन की समाप्ति पर एक बार फिर सन्त पापा लियो ने उपस्थित श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे "अपने उन भाइयों और बहनों की आत्माओं के लिए प्रार्थना करें जिन्होंने समुद्र में अपनी जान गंवा थी।"

इसी स्थल पर आप्रवासियों की दयनीय स्थिति के लिये ज़िम्मेदार नेताओं को सन्त पापा ने स्मरण दिलाया कि "ईश्वर की उदारता न तो हिसाब-किताब पर आधारित है, न ही सिर्फ़ भावना पर, और न ही इसे सिर्फ़ परोपकार तक सीमित किया जा सकता है, बल्कि यह हमारे पूरे अस्तित्व में व्याप्त है: आत्मा के लिए अग्नि, मन के लिए प्रकाश, स्वतंत्रता एवं शांति के लिए एक अदम्य आवेग और साथ ही दिल के लिए ऐसी पीड़ा, जो दूसरे दिलों के साथ तालमेल बिठाकर धड़कता है और जिसमें अखण्ड मानव समाहित होता है।"

"वेलकम" पोप लियो XIV

ग्रैण्ड कैनरी के स्टेडियम में गुरुवार सन्ध्या छोटे-छोटे स्थानी समुदाय भी मौजूद थे, जिनमें चीनी झंडों और फिलीपिनी पोस्टरों पर निजी भाषाओं "वेलकम" लिखा देखा जा सकता था। इसी तरह सैकड़ों स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में लगे थे, कोई पानी की बोतलें बाँटते तो कोई "विजिट ऑफ हिज होलीनेस पोप लियो XIV टू ग्रैन कैनरिया" लिखे रुमालों को वितरित कर रहे थे। यह पहली बार था जब किसी सन्त पापा ने दो महाद्वीपों के बीच का पुल कहलानेवाले ग्रैण्ड कैनरी द्वीप पर ख्रीस्तयाग की अध्यक्षता की थी है।

रेआल मदरीद द्वारा सम्मानित

स्टेडियम में कुछ लोगों को यह कहते भी सुना गया कि फुटबल के वर्ल्ड कप के पहले दिन सन्त पापा लियो 14 वें का एक स्टेडियम में होना बड़े इत्तेफाक की बात है। संयोग से इसी दिन स्पेन की फुटबॉल टीम रेआल मदरीद क्लब ने सन्त पापा लियो 14 वें को क्लब का प्रतिष्ठित एवं माननीय सदस्य घोषित कर दिया। क्लब के एक बयान में कहा गया: "रेआल मादरिद के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने गुरुवार, 11 जून को, फ्लोरेंटिनो पेनेज़ की अध्यक्षता में बैठक कर हिज़ होलीनेस पोप लियो XIV को रेआल मादरिद का माननीय सदस्य बनाने का फ़ैसला किया है, जो हमारे क्लब की तरफ़ से दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है।

बयान में कहा गया कि इस तरह रेआल मादरिद एक ऐसे सार्वभौमिक व्यक्ति के प्रति अपनी प्रशंसा और पहचान दर्शाता है जो अरबों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं और जो विश्व में शांति, एकता और न्याय को बढ़ावा देते हैं। कहा गया कि 8 जून, 2026 को सान्तियागो बर्नाबे स्टेडियम में उनका आगमन रेआल मादरिद के लिए एक सम्मान की बात थी और यह हमेशा हमारे इतिहास की सबसे दिल को छू लेने वाली तस्वीरों में से एक रहेगी।"

"अल्ज़ा ला मिराडा"

सन्त पापा लियो 14 वें गुरुवार सन्ध्या निर्धारित समय साढ़े छः बजे से पहले ही स्टेडियम के द्वार पर अपने पापामोबिल से पहुँच गये जहाँ तालियो की गडगड़ाहट से सारा स्टेडियम गूँज उठा। इसके साथ ही उपस्थित भजन मण्डली में उपस्थित संगीतज्ञों ने स्पानी प्रेरितिक यात्रा के लिये रचित "अल्ज़ा ला मिराडा" की धुन छेड़ी और भक्त समुदाय के बीच सन्त पापा लियो का भावपूर्ण स्वागत किया।

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12 जून 2026, 10:57