तेनेरीफ़ में लागूना स्थित लास राइसेस आप्रवास केन्द्र में सन्त पापा 14 वें, 12.06.2026 तेनेरीफ़ में लागूना स्थित लास राइसेस आप्रवास केन्द्र में सन्त पापा 14 वें, 12.06.2026  (AFP or licensors)

ग्रैण्ड कैनरी से तेनेरीफ़ की ओर सन्त पापा लियो

ग्रैण्ड कैनरी से शुक्रवार को सन्त पापा लियो 14 वें तेनेरीफ़ के अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पधारे जहाँ वरिष्ठ प्रशासनिक एवं कलीसियाई अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

वाटिकन सिटी

तेनेरीफ़, शुक्रवार, 12 जून 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): ग्रैण्ड कैनरी से शुक्रवार प्रातः लगभग 40 मिनटों वाली हवाई यात्रा के उपरान्त सन्त पापा लियो 14 वें तेनेरीफ़ के नोर्ते-लॉस रोदेओस अन्टरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पधारे जहाँ वरिष्ठ प्रशासनिक एवं कलीसियाई अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

तेनेरीफ़

तेनेरीफ़, अटलांटिक महासागर स्थित एक स्पानी द्वीप है, जो स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के स्वायत्त समुदाय से संबंधित है। द्वीप की कुल आबादी लगभग एक लाख है तथा स्पेन के अन्य क्षेत्रों की तरह यहाँ के लोग भी काथलिक धर्मानुयायी हैं। विगत वर्षों में आप्रवासियों एवं पर्यटकों के आगमन से अन्य धर्मों जैसे, इस्लाम, हिन्दु और बौद्ध धर्मों के अनुयायियों ने भी यहां अपना घर बसा लिया है।

शुक्रवार को सान्ता क्रूज़ दे तेनेरीफ़ अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीधे सन्त पापा लियो 14 वें लास रायसेस पहुँचे। यहाँ सबसे पहले उन्होंने ला लागूना स्थित लास राइसेस अर्थात् जड़ें नामक आप्रवास केन्द्र का दौरा किया जहाँ इस समय 685 आप्रवासियों को शरण प्रदान की जा रही है। इस आप्रवास केन्द्र का संचालन स्पानी समावेशन मंत्रालय तथा आचेम नामक मानवाधिकार संगठन द्वारा किया जा रहा है।

आप्रवास केन्द्र के निर्देशक

आचेम मानवाधिकार संगठन के निर्देशक ने हमारे संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहाः "युद्ध से या किसी मुश्किल निजी हालात से बचना, इंसान की एक आम इच्छा होती है। हमें प्रेम और एकता के बारे में जागरूकता बढ़ानी होगी।" उन्होंने कहा कि हमारे इस केन्द्र को लास राइसेस (जड़ें) कहा जाता है, जो किसी के देश की जानी-पहचानी जड़ों के कट जाने के बाद नई जड़ें बनाने की संभावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रायः, यह एक भ्रम होता है; किन्तु कभी-कभी, यह कुछ ऐसा होता है जो सच हो जाता है।

तेनेरीफ़ द्वीप पर ला लागूना नगरपालिका के अधीन एक पूर्व सैन्य बैरक में, आप्रवासियों के लिये अस्थायी स्वागत केन्द्र की स्थापना कर दी गई है जो अब पश्चिमी अफ्रीका के माली, सेनेगल, गाम्बिया, कोनाक्री आदि देशों से स्पानी समूद्री तटों पर पहुँचनेवाले सैंकड़ों आप्रवासियों का पहला पड़ाव बन गया है। यहीं से शुक्रवार प्रातः 12 जून को, सन्त पापा लियो 14 वें ने अपनी स्पानी प्रेरितिक यात्रा के अन्तिम दिन का शुभारम्भ किया।  

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12 जून 2026, 11:02