सन्त पापा लियो की स्पेन यात्राः मैडरिड से बारसेलोना की ओर
वाटिकन सिटी
मैडरिड, मंगलवार, 9 जून 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): विश्वव्यापी काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा लियो 14 वें ने स्पेन के मैडरिड शहर में अपनी तीन दिवसीय प्रेरितिक यात्रा सम्पन्न कर मंगलवार को बारसेलोना के लिये प्रस्थान किया।
शनिवार 06 जून को रोम से आरम्भ हुई सन्त पापा लियो की स्पानी प्रेरितिक यात्रा उनकी चौथी विदेश यात्रा है जिसके दौरान वे मैडरिड, बारसेलोना तथा ग्रैन्ड कैनरी आयलैण्ड और तेनेरीफ का दौरा कर रहे हैं।
सोमवार को मैडरिड में अपने अन्तिम और तीसरे दिन सन्त पापा लियो 14 वें ने स्पेन के संसद की ऐतिहासिक भेंट की, यौन दुराचार के शिकार कुछेक व्यक्तियों के प्रति अपनी निकटता व्यक्त की, आलमुदेना के महागिरजाघर में प्रार्थना की तथा सोमवार सन्ध्या मैडरिड के स्टेडियम में महाधर्मप्रान्त के लगभग 80,000 विश्वासियों को अपना सन्देश दिया।
स्पानी संसद में
स्पेन के सांसदों के समक्ष सन्त पापा लियो 14 वें ने वर्तमान विश्व पर व्याप्त मानव प्रतिष्ठा, आप्रवास, जीवन की रक्षा, पुनः शस्त्रीकरण, परिवार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और शांति जैसे कुछ ज़रूरी मुद्दों चर्चा की।
उन्होंने स्पानी सांसदों से कहा कि एक न्यायसंगत समाज के निर्माण के लिये प्रत्येक मनुष्य की अलंघनीय प्रतिष्ठा को पहचानना तथा मान्यता देने की ज़रूरत है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आप्रवासियों की दुखद स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि यह देशों की सोच और दुनिया की नैतिक बुनियाद को चुनौती देता है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि "आप्रवासियों और शरणार्थियों की स्थिति में ऐसे प्रत्युत्तर की नितान्त आवश्यकता है जो लोगों पर ध्यान देते हुए उन यथार्थ कारणों को दूर करे जो उन्हें अन्यत्र जाने पर मजबूर करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल आप्रवासियों के आगमन के प्रबन्धन से परे देखा जाना चाहिये।"
विश्व में व्याप्त युद्धों की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए सन्त पापा ने कहा कि प्रत्येक युद्ध अन्ततः एक पराजय है, बातचीत करने की काबिलियत में “एक दर्दनाक हार” है। उन्होंने कहा, "हथियारों को कुछ समय के लिए चुप किया जा सकता है, लेकिन वे कभी भी सच्ची और सदा बरकरार रहने वाली शांति स्थापित नहीं कर सकते।"
विभिन्न मुद्दों पर सन्त पापा लियो के प्रभाषण के उपरान्त सम्पूर्ण संसद भवन तालियों की गडगडाहट से गूँज उठा जो लगभग सात मिनटों तक जारी रही।
धर्माध्यक्षों के साथ
स्पानी संसद की भेंट के उपरान्त सन्त पापा लियो ने स्पेन के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के धर्माध्यक्षों से मुलाकात कर उनका आह्वान किया कि वे अपने बीच "एकता बनाए रखें, सम्वाद को बढ़ावा दें, मतभेदों को दूर करें और अपनी देखभाल में सौंपे गए लोगों के सफ़र में साथ दें।"
सन्त पापा ने धर्माध्यक्षों को स्मरण दिलाया कि "कलीसिया की ताकत उसके संसाधनों की महानता से नहीं, बल्कि उसके सदस्यों की पवित्रता से, उसके पुरोहितों के साथ मिलकर काम करने से तथा उन लोगों की विनम्र और सुनिश्चित वफ़ादारी से आती है जो खुद को पवित्रआत्मा के मार्गदर्शन के सिपुर्द कर देते हैं।"
सन्त पापा लियो ने समझाया कि कलीसिया के भीतर शांति होनी चाहिए ताकि वह अन्य ख्रीस्तीय सम्प्रदायों एवं अन्य धर्मों के लोगों से, नागर अधिकारियों से और सबके कल्याण हेतु सेवारत सभी शुभचिन्तकों उदारतापूर्वक बात कर सके।"
व्यक्तिगत मुलाकात
सोमवार को अपने व्यस्त कार्यक्रम से कुछ समय निकाल कर सन्त पापा लियो ने स्पेन में कुछेक पुरोहितों द्वारा यौन दुराचार के शिकार हुए व्यक्तियों से मुलाकात की तथा उनके प्रति अपनी निकटता व्यक्त की। परमधर्मपीठीय प्रेस कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि सन्त पापा ने इस अवसर पर 06 व्यक्तियों से मुलाकात की तथा उनके साथ लगभग एक घण्टे तक बातचीत की।
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