Pope Leo XIV visits Spain

संत पापा लियोः जीवन की “रातों” से न डरें

संत पापा लियो ने बार्सिलोना में एक युवाओं के संग प्रार्थना सभा में भाग लिया और उन्हें अपनी आध्यात्मिक बेचैनी को स्वीकार करने, दुख और मानसिक बीमारी के बीच ईश्वर की मौजूदगी पर भरोसा करने और जीवन की रातों को स्वीकारने तथा सदैव आगे बढ़ने का संदेश दिया।

वाटिकन सिटी

संत पापा लियो ने स्पेन बार्सिलोना लुईस कंपनीज़ अलोम्पिक स्टेडियम में युवाओं के संग जागरण प्रार्थना में भाग लेते हुए उन्होंने जीवन की “रातों” का सामना करने का संदेश दिया।

संत पापा लियो ने अपने संदेश में कहा कि निकोदेमुस की भांति हम भी रात्रि के तीर्थयात्री हैं। यह सुसमाचार हमें अपने जीवन की यात्रा के बारे में एक संदेश देता है। हमारी यात्रा, हमारी चाहतें और सबकुछ जो हमारा है और जिनका अनुभव हम रोजदिन करते हैं- हमारी खुशी और पराजय, इच्छाएँ और योजनाएं- हमारे जीवन की खोज की अभिव्यक्तियाँ हैं। हम प्रेम के भिक्षु हैं, हम सचमुच इसके भूखे और प्यासे हैं। हम एक गहरे अर्थ की खोज करते हैं जो हमें पोषित, प्रेरित करता और हमें अपने जीवन के रहस्य को समझने में मदद करता है। जैसे-जैसे हम अपने जीवन में आगे बढ़ते हैं, हर एक छोटे कदम में, हम अपने को अपने जीवन की छाया भरी परिस्थिति से संलग्न करने को कहे जाते हैं- हम पूर्ण सत्य की कमी को पाते हैं, हम स्वयं अपने जीवन के रहस्य को पूरी तरह नहीं समझते हैं या दूसरों के लिए अपनी सच्ची पहचान को, हम अपने चारों ओर बने रहने वाली छिपी सच्चाई को पहचनाने में सफल नहीं होते हैं, और वे घटनाएँ जो हमारे आंखों के सामने घटती हैं। हम एक ज्योति की खोज करते हैं जो हमारा मार्ग प्रज्वलित करती है।

संत पापा लियो और युवाओँ की भीड़
संत पापा लियो और युवाओँ की भीड़

जीवन के मार्ग सामांतर नहीं

संत पापा ने कहा लेकिन निकोदेमुस भी हमें विश्वास की राह के बारे में कहते हैं। यह एक वह पथ नहीं है जो मानवीय जीवन के अस्तित्व के सामांतर चलता हो। बल्कि, ये दोनों मार्ग आपस में उलझे हुए हैं। सुसमाचार में जैसा हमने सुना, ईश्वर ने संसार को इतना प्रेम किया कि उन्होंने अपने एकलौटे पुत्र को दे दिया, और उनमें वे सदा के लिए हमारे शरीर से जुड़ गये। वे सदैव पिता और हमारे संग हैं। इस भांति, हमारे जीवन का रहस्य ज्योति में एक दिन की शुरूआत करती है, जहाँ हम रहते और जो कुछ करते हैं, हम ईश्वर की उपस्थिति और उनके अनंत आलिंगन में रहते हैं। हमारा “जीवन ख्रीस्त के संग ईश्वर में गुप्त है” (कलो.3..3)। फिर भी कभी-कभी हम विश्वास के अधंकार का अनुभव करते हैं, विश्वास की थकान को, आत्मा में थकान को, सुसमाचार के संबंध में अपने बुलाये जाने के अप्रर्याप्त को, असफलता के कटुपन को और अपनी मांगों के अनुरूप खरा न उतरने के भय को।

जीवन की रातें-नये जन्म के पल

प्रिय भाइयो एव बहनों, संत पापा लियो ने कहा कि निकोदेमुस हमें इस बात की शिक्षा देते हैं कि ये सभी रातें, जो हमारे जीवन में, विश्वास की यात्रा में, और हमारे इतिहास में जहाँ हम निवास करते हैं-एक आशीर्वाद की घड़ी, एक पुनः जन्म लेने, एक गर्भ में प्रवेश करने का पल होता है जो सदैव हमें एक नया जीवन प्रदान करता है।

संत पापा का अभिवादन
संत पापा का अभिवादन

जीवन की रातें पहचान की घड़ी

ये रातें हमें नंगा करतीं और हमें वहाँ लेकर आती हैं जो हमारे लिए जरूरी हैं। वे हमारे मानवीय और धार्मिक मुखौटे जिसे हम दिन में पहनते हैं ताकि कोई हमें न पहचानने या खुद को असलियत से अलग दिखा सके। वे हमें खुले रूप में प्रस्तुत करती हैं, जहाँ हम अपनी ज्योति और अपने छाया को प्रकट करते हैं। ये रातें हममें नम्रता लाती हैं जिससे हम सच्चाई में अपने को देखते हैं, वे  हमे इस सोच से परे ले जाती हैं कि हमारी यात्रा पहले ही पूरी हो चुकी है और हम आगे बढ़ रहे हैं मानो कि हमें हर चीज़, हर कोई और यहाँ तक कि ईश्वर के बारे में भी एक स्पष्ट समझ है।

संत पापा लियो-बारर्सिलोना में युवाओं को संदेश

हमारा नया जन्म

एक “खालीपन” जो रात के द्वारा उत्पन्न होता है, जब यह दुःख या असंतोष, भम्र या अविश्वास के रुप में होता है, हमारे लिए एक नये जीवन को प्राप्त करने का अवसर होता है, जहाँ हम परिवर्तन और नवीन होने, ऊपर से पुनः जन्म लेने के लिए कहे जाते हैं जैसे येसु निकोदेमुस से कहते हैं। वास्तव में, ईश्वर दुनिया के पाप और उसकी बेवफाई की रात का न्याय करने के लिए नहीं आए, बल्कि दुनिया को अनन्त जीवन देने हेतु, उन्होनें उसे बचाने के लिए अपने पुत्र को भेजा।

युवाओँ के संग संत पापा की प्रार्थना
युवाओँ के संग संत पापा की प्रार्थना

“रात” को दोष न दें

यही कारण है, हम भी “रातों” को दोष नहीं देने को कहे जाते हैं- न ही अपने जीवन की रातों को, कलीसिया को  और न ही हमारे समाज के इर्दगिर्द स्थितियों को। इसके बदले हमें रात में यात्रा करने को कहा जाता है, ईश्वर से निरंतर सवाल करने का और अपने को पवित्र आत्मा के लिए खोलने का, जैसे कि निकोदेमुस ने किया। हम रात का स्वागत करें एक असफलता की निशानी स्वरुप नहीं लेकिन एक नये जीवन की शुरूआत के रुप में।

हमारे जीवन में कौन-सी “रातें” हैं

संत पापा ने कहा कि जैसे हम अपने व्यक्तिगत जीवन पर चिंतन करते हैं, और साथ ही “रातों” की हमारी यात्रा एक कलीसिया के रूप में और स्पेन के शहरों में, इसकी पुरानी और नई निर्धनता में, इसके समाज और संस्कृति में- हम अपने को पूछ सकते हैं- वे कौन-सी “रातें” हैं जिनसे हम होकर गुजरते हैं? वे हमें क्या कहती हैं? हम कैसे उन पर प्रवेश करते हैं और नम्रता से देखते हैं, बिना पूर्वाग्रह के, उस सच्चाई से जैसे कि हम हैं, हम अपने में क्या परिवर्तित करने को बुलाये जाते हैं? हम कहाँ अपनी नवीनता की खोज करते हैं? किस दिशा में जाना चाहते हैं? किस तरह के समाज का निर्माण करना चाहते हैं?

युवाओं की प्रस्तुति
युवाओं की प्रस्तुति   (AFP or licensors)

यहाँ तक की रात्रि के हृदय में, हम खोजना, सवाल करना, ईश्वर से और एक-दूसरे से वार्ता करना न छोड़ें। आइए हम उस विश्वास के साथ साथ चलें जो हमारे अलग-अलग विचारों और समझ में तालमेल बिठाता है, ताकि हम उस सच्चाई की तलाश कर सकें जो हमें सबकी भलाई की ओर ले जाएगी। इस भांति यह देश सभों का स्वागत करने का एक स्थल बनेगा, जहाँ हर किसी की मानवता का सम्मान किया जाता और हर किसी को प्रेम किया जाता है चाहे वे कोई भी हो। हम अपने को पवित्र आत्मा के लिए खोलें, निकोदेमुस की भांति ईश्वर को खोजें, और उनके सुसमाचार की ज्योति का स्वागत करें इस निश्चितता में कि हम अपने अंदर एक नये जीवन का अनुभव करेंगे, एक उपस्थिति जो हमें आशीष से भरती है, एक मुफ्त प्रेम जो हमें अंधकार से ज्योति में प्रवेश करने को मदद करता है। क्योंकि ईश्वर नहीं चाहते कि कोई भी चीज खो जाये, और अभी भी वे हमें अनंत जीवन प्रदान करने की चाह रखते हैं और हमें उस खुशी की ओर अग्रसर करना चाहते हैं जो कभी खत्म नहीं होती है।

कुंवारी मरियम की मध्यस्थता द्वारा, ईश्वर हमें अपने को खुला होने और पवित्र आत्मा की वायु में झंझोरे जाने की कृपा प्रदान करें।

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09 जून 2026, 22:38