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कार्डिनल रुईनी के अन्तयेष्टि याग के अवसर पर, 18.06.2026 कार्डिनल रुईनी के अन्तयेष्टि याग के अवसर पर, 18.06.2026  (ANSA)

कार्डिनल रुइनी 'बुद्धिमान और मेहनती चरवाहे' सन्त पापा लियो

वाटिकन स्थित सन्त पेत्रुस महागिरजाघर में गुरुवार को सन्त पापा लियो 14 वें के नेतृत्व में स्वर्गीय कार्डिनल काम्मिलो रुईनी के आदर में अन्तयेष्टि याग सम्पन्न हुआ।

वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 19 जून 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन स्थित सन्त पेत्रुस महागिरजाघर में गुरुवार को सन्त पापा लियो 14 वें के नेतृत्व में स्वर्गीय कार्डिनल काम्मिलो रुईनी के आदर में अन्तयेष्टि याग सम्पन्न हुआ। दशकों तक इतालवी कलीसिया के एक महत्वपूर्ण धर्माधिकारी रहे कार्डिनल रुईनी का निधन 95 वर्ष की आयु में विगत मंगलवार को हो गया था।

“समझदार और मेहनती चरवाहा”

दिवंगत कार्डिनल रुईनी के प्रति भावभीनी श्रद्धान्जलि अर्पित करते हुए सन्त पापा लियो ने उन्हें  एक “समझदार और मेहनती चरवाहा” निरूपित किया जिन्होंने “छोटे-छोटे कामों से लेकर सर्वाधिक बड़ी ज़िम्मेदारी वाले कामों में भी” कलीसिया की सेवा की तथा जो ईश प्रजा एवं अपने धर्माध्यक्ष भाइयों को “महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षणों में” भी एक मार्गदर्शक रूप में रास्ता दिखाते रहे।

स्वर्गीय कार्डिनल रुईनी ने 1991 से 2008 तक रोम धर्मप्रान्त के प्रतिधर्माध्यक्ष तथा रोम स्थित सन्त जॉन लातेरान महागिरजाघर के प्रधान पुरोहित रूप में अपना कार्यभार निभाया था। 1991 से 2007 तक आप इतालवी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष रूप में भी सेवाएँ अर्पित करते रहे थे। ख्रीस्तयाग प्रवचन में सन्त पापा लियो 14 वें ने कार्डिनल रुइनी द्वारा कलीसिया की सेवा में गुज़ारे उन कई वर्षों के लिये ईश्वर के प्रति धन्यावाद ज्ञापित किया जिसके दौरान कार्डिनल रूईनी ने अपनी सोच-समझ एवं विवेक से इटली की कलीसिया के लिये कई योजनाओं एवं पहलों को अन्जाम दिया था।  

ईश उदारता का प्रत्युत्तर

अन्तयेष्टि याग के लिये चुने गये बाईबिल पाठों पर टीका करते हुए सन्त पापा लियो ने कहा कि ये पाठ प्रभु येसु मसीह और कलीसिया के प्रति वफ़ादारी का सुझाव देते हैं, जिसका कार्डिनल रुइनी एक उत्तम उदाहरण थे। उन्होंने कहा प्रथम पाठ रोमियो को लिखे सन्त पौल के पत्र से लिया गया है, जो हमें याद दिलाता है कि कोई भी चीज़ हमें ईश्वर के प्यार से अलग नहीं कर सकती – यह एक ऐसी सच्चाई है जिसने, कार्डिनल रूईनी को पूरी तरह से "अनुप्राणित" किया था। सन्त पापा ने कहा कि इसी तरह, सन्त योहन रचित सुसमाचार में हम पढ़ते हैं कि प्रभु येसु पिता ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि "जिन्हें आपने मुझे दिया है" वे "जहां मैं हूं" वहां हों, उन्होंने कहा कि यह प्रार्थना कार्डिनल रुइनी के जीवन के मार्गदर्शक सिद्धांत की ओर इशारा करती है।

सन्त पापा लियो ने कहा, "इन शब्दों में, हम भाइयों की भलाई के लिए बिताए गए दिवंगत कार्डिनल के जीवन के कार्यकलाप, दिशानिर्देशन और जीवन के अन्तिम लक्ष्य को संक्षेप में पाते हैं, जिसमें वे अपने एवं भाइयों के उद्धार के लिये अनवरत ईश योजना की तलाश में लगे रहे थे।"

सन्त पापा लियो ने स्मरण दिलाया कि दिवंगत कार्डिनल रुईनी को हाल के महान सन्तों जैसे सन्त पापा पौल षष्टम एवं सन्त जॉन पौल द्वितीय के साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था, विशेष रूप से, सन्त जॉन पौल द्वितीय से उन्होंने बहुत कुछ सीखा।

सत्य की ओर  

सन्त पापा ने कहाः दिवंगत कार्डिनल के सभी सराहनीय गुण उनके धर्माध्यक्षीय अभिषेक के समय चुने गए आदर्श वाक्य में सर्वाधिक दिखाई देते हैं: “सच्चाई तुम्हें आज़ाद करेगी।” उन्होंने कहा कि बाईबिल का यह विवेकपूर्ण वकतव्य भटकाव, स्थितिभ्रान्ति और उलझनों से परिपूर्ण हमारे युग में याद रखने योग्य एवं सीखने योग्य तथ्य है।  

अन्त में, सन्त पापा ने प्रार्थना की कि प्रभु ईश्वर दिवंगत आत्मा को "अपनी शांति का पुरस्कार दें  जिसका कोई अंत नहीं है" और उन लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया जिन्होंने "समर्पण के साथ .... कार्डिनल के साथ" उनकी कलीसियाई सेवा के वर्षों के दौरान और साथ ही उनकी वृद्धावस्था एवं दुर्बलता के समय में उनका साथ दिया, उनकी सहायता की और उन्हें समर्थन दिया। प्रभु ईश्वर की आशीष सब पर बनी रहे।

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19 जून 2026, 10:49