देवदूत प्रार्थना का संचालन करते पोप लियो 14वें देवदूत प्रार्थना का संचालन करते पोप लियो 14वें  (ANSA)

देवदूत प्रार्थना में पोप : ‘धरती पर स्वर्ग की आशा करें’

संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में स्वर्ग की रानी प्रार्थना में संत पापा लियो 14वें ने कहा कि विश्वास "हमारे दिलों को पाने और हासिल करने की चिंता से मुक्त करता", और ख्रीस्तीयों से "सभी लोगों को यह बताने के लिए आमंत्रित करता है कि हमारा बुलावा भाईचारा और शांति के लिए हुआ है।"

वाटिकन न्यूज

वाटिकन सिटी, सोमवार, 4 मई 2026 (रेई) : वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में पास्का के पाँचवें रविवार 3 मई को, संत पापा लियो 14वें ने भक्त समुदाय के साथ स्वर्ग की रानी प्रार्थना का पाठ किया। जिसके पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित कर कहा, प्रिय भाइयो एवं बहनो, शुभ रविवार।

पास्का काल में, आरम्भिक कलीसिया के समान, हम येसु के शब्दों पर लौटते हैं, जो उनके दुःख, मृत्यु और पुनरूत्थान की रोशनी में अपना पूरा अर्थ प्रकट करते हैं। जो बातें कभी चेलों को समझ नहीं आती थीं या उन्हें परेशान करती थीं, अब वे उनके दिमाग में वापस आती हैं, उनके दिलों को खुश करती हैं और उन्हें उम्मीद से भर देती हैं।

इस रविवार का सुसमाचार पाठ, अंतिम व्यारी के दौरान गुरू और उनके शिष्यों के बीच बातचीत को दर्शाता है। खासकर, हम एक प्रतिज्ञा को सुनते हैं जो इस समय से हमें उनके फिर से जी उठने के रहस्य में शामिल करता है। येसु कहते हैं: “मैं वहाँ जाकर तुम्हारे लिये स्थान का प्रबन्ध करने के बाद फिर आऊँगा और तुम्हें अपने यहाँ ले जाउँगा, जिससे जहाँ मैं हूँ, वहाँ तुम भी रहो।” (यो. 14:3)। इस तरह प्रेरितों को पता चलता है कि ईश्वर के पास सबके लिए जगह है। उनमें से दो ने यर्दन नदी के किनारे येसु से अपनी पहली मुलाकात के दौरान ही इसका अनुभव कर लिया था। येसु ने उन्हें अपने पीछे आते देखा और उस दोपहर उन्हें अपने यहाँ बुलाया (यो. 1:39)। मौत का सामना करने के बाद भी, येसु एक घर की बात करते हैं, लेकिन इस बार वे एक बहुत बड़े घर की बात करते हैं। यह उनके पिता और हमारे पिता का घर है, जहाँ सभी के लिए जगह है। बेटा खुद को एक सेवक के रूप में बताता है जो कमरे तैयार करता है, ताकि हर भाई या बहन, पहुँचने पर, अपना कमरा तैयार पाए और महसूस करे कि उन्हें हमेशा से चाहा गया था और आखिरकार मिलन हो गई।

एक नये भाईचारा का तर्क

पोप ने पुरानी दुनिया के तर्क की तुलना की, जहाँ हम अभी भी यात्रा कर रहे हैं, जहाँ खास जगह, अनुभव और अवसर आकर्षित करते हैं जहाँ दूसरे नहीं जा सकते। लेकिन, "नई दुनिया जहाँ पुनर्जीवित प्रभु हमें ले जा रहे हैं, सबसे मूल्यवान है और हरेक की पहुँच में है। फिर भी यह कम आकर्षक नहीं।" संत पापा ने कहा कि यह अब सबके लिए खुला है, सभी के लिए आनन्द लाता है। इस तरह प्रतिस्प्रद्धा की जगह आभार लेता; स्वागत बहिष्कार को समाप्त कर देता; और बहुतायत अब असमानता नहीं लाती। सबसे बढ़कर, कोई किसी के लिए गलत  और खोया हुआ नहीं है। मौत किसी का नाम और याद मिटाने की धमकी देता, लेकिन ईश्वर में हरेक व्यक्ति अपनी पूरी पहचान के साथ है। सचमुच, हम अपना पूरा जीवन इसी चीज को खोजने में लगा देते हैं, कभी-कभी थोड़ा सा ध्यान और पहचान पाने के लिए, कुछ भी करने को तैयार रहते हैं।

अतः संत पापा ने माता मरियम से प्रार्थना करने का आह्वान करते हुए कहा, “आइये, हम अति निष्कलंक, कलीसिया की माता मरियम से प्रार्थना करें कि हरेक ख्रीस्तीय समुदाय सभी के लिए एक खुला घर हो और हरेक व्यक्ति को ध्यान दे सके।"

इतना कहने के बाद संत पापा ने भक्त समुदाय के साथ स्वर्ग की रानी प्रार्थना का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

एक साथ रोजरी माला विन्ती करने का समय

स्वर्ग की रानी प्रार्थना के उपरांत संत पापा ने मई महीने में मिलकर रोजरी विन्ती करने की याद दिलायी। उन्होंने कहा, “मई का महीना शुरू हो गया है: पूरी कलीसिया में, हमारी माता मरियम के नाम पर एकत्रित होने की खुशी का समय आ गया है, खासकर एक साथ रोजरी प्रार्थना करके। हम येसु के स्वर्गारोहन और पेंटेकोस्ट के बीच के दिनों का अनुभव कर रहे हैं, जब शिष्य पवित्र आत्मा का आह्वान करने के लिए ऊपरी कमरे में एकत्रित हुए। अति निष्कलंक मरियम उनके बीच थीं, उनका हृदय उस आग पर नजर रखे हुए था जिसने सभी को प्रार्थना करने के लिए प्रेरित की। संत पापा ने माता मरियम से प्रार्थना करते हुए कहा, मैं अपने निवेदन आपको सौंपता हूँ, खासकर कलीसिया के अंदर में एकजुटता और दुनिया में शांति के लिए।”

रविवार को यूनेस्को के समर्थन में प्रेस की आजादी का विश्व दिवस मनाया गया। संत पापा ने इसकी याद करते हुए कहा,  दुर्भाग्य से, इस अधिकार का अक्सर उल्लंघन होता है — कभी खुलेआम, कभी ज्यादा चालाकी से। आइए हम उन सभी पत्रकारों और रिपोर्टरों को याद करें जो युद्धों और हिंसा के शिकार हो गये हैं।

तत्पश्चात् उन्होंने रोम और विश्व के कई देशों से आए तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया, “मैं आप सभी का हार्दिक अभिवादन करता हूँ।”

इसके साथ ही संत पापा ने मैड्रिड, ग्रेनेडा, मिनियापोलिस और मलेशिया के विश्वासियों; और रोम में रहनेवाले पेरूवासियो का विशेष अभिवादन किया।

और अंत में इटली के विभिन्न समुदायों के विश्वासियों और युवाओं का अभिवादन करते हुए सभी को शुभ रविवार की शुभकामनाएँ दीं।

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04 मई 2026, 14:38