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2026.05.07 वाटिकन पब्लिशिंग हाउस (LEV) के संपादकीय कार्यालय के सदस्यों से मुलाकात करते पोप लियो 14वें 2026.05.07 वाटिकन पब्लिशिंग हाउस (LEV) के संपादकीय कार्यालय के सदस्यों से मुलाकात करते पोप लियो 14वें  (@VATICAN MEDIA)

पोप लियो 14वें ने वाटिकन पब्लिशिंग हाउस के सदस्यों का अभिवादन किया

पोप लियो 14वें ने गुरुवार को वाटिकन में वाटिकन पब्लिशिंग हाउस (LEV) के संपादकीय कार्यालय के सदस्यों से मुलाकात की और उनकी सेवा और विश्वास के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

वाटिकन न्यूज

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 7 मई 2026 (रेई) : वाटिकन पब्लिशिंग हाउस, लिब्रेरिया एदित्रिचे वातिकाना की शतवर्षीय जयन्ती के अवसर पर संत पापा लियो 14वें ने संपादकीय ऑफिस के सदस्यों से मुलाकात की।   1926 में यह 1587 में बने पुराने वाटिकन पब्लिशिंग हाउस से अलग हो गया था।

संत पापा ने सदस्यों को सम्बोधित कर कहा, “अपने सौ साल के इतिहास में, वाटिकन पब्लिशिंग हाउस ने नौ संत पापाओं की सेवा की है, और उनकी धर्मशिक्षाओं को दुनियाभर में सुसमाचार का प्रचार करने हेतु योगदान देने के रूप में फैलाया है।”

संत पापा ने इस अवसर पर उन्हें तीन बातें बतलायीं।

किताब, एक सोचने का अवसर

पहला, संत पापा ने कहा, “किताबें सोचने का मौका देती हैं। डिजिटल जमाने में, किताबों का असल रूप हमें सोचने, चिंतन करने और पढ़ाई की भूमिका की याद दिलाता है। पढ़ने से दिमाग को पोषण मिलता है; यह एक जागरूक और जानकारी भरी आलोचनात्मक समझ को बढ़ावा देने में मदद करता है, और कट्टरपंथ एवं सोच के सहज रास्ते से बचाता है।”

इसीलिए संत पापा ने सभी को किताब पढ़ने की सलाह दी, “ताकि यह उस छोटी सोच को तोड़ दे जिससे सख्त रवैये और असलियत को कम समझने वाले नजरिए उत्पन्न होते हैं।”

किताब, मिलने-जुलने का अवसर

पोप लियो के अनुसार किताब मिलने-जुलने का मौका है। “जब हम कोई किताब अपने हाथों में पकड़ते हैं, तो हम उसके लेखक से मिलते हैं। लेकिन साथ ही, हम उन लोगों से भी मिलते हैं जिन्होंने इसे हमसे पहले पढ़ा है, या जो इसे पढ़ रहे हैं, या पढ़ेंगे। और ऐसे मौके भी बढ़ रहे हैं जब लेखक और पढ़नेवाले बात करने और सुनने के लिए एकत्रित होते हैं। पोप फ्राँसिस ने हमें मिलने-जुलने की संस्कृति को अपनाना सिखाया है: किताब दूसरों के लिए एक पुल है, अच्छी चर्चा का जरिया है, हमारे दृष्टिकोण को बड़ा करने के लिए एक प्रेरणा है।”

किताब, मसीह की घोषणा का अवसर

संत पापा लियो ने अपने संदेश के तीसरे बिन्दु के रूप में बताया कि, हम ख्रीस्तीयों के लिए, किताबें मसीह की घोषणा करने एक मौका हैं। उन्होंने कहा, “हम अच्छी तरह जानते हैं कि किसी संत की जीवनी या अच्छी तरह से लिखा गया आध्यात्मिक चिंतन दिल को छू सकती है। कुँवारी मरियम को देवदूत के संदेश के समय  पवित्र धर्मग्रंथ पढ़ते हुए दिखाया गया है। पादुआ के संत अंतोनी सुसमाचार की खुली किताब पकड़े हुए हैं, जिस पर बालक येसु खड़े हैं। हम अक्सर संत अगुस्टीन को एक बड़ी किताब के सामने मेज पर बैठे हुए देखते हैं, और कभी-कभी उनके हाथ में एक दिल होता है: सच्चाई और दान।”

ईश वचन से अपने आप को पोषित करें

अतः संत पापा ने सलाह दी कि कुँवारी मरियम और संतों से सीखते हुए, हम खुद को ईश्वर के वचन से पोषित करें, ताकि यह हमारी सोच और हमारे कामों को आकार दे सके।

संत पापा पॉल षष्ठम के शब्दों में पोप लियो ने सदस्यों को "आगे देखने, भविष्य के लिए विचार करने और प्रोग्राम बनाने" के लिए प्रोत्साहित किया। (वाटिकन पब्लिशिंग हाउस की 50वीं सालगिरह पर भाषण, 10 जुलाई, 1976)।

अंत में, संत पापा ने उन्हें उनके कामों के लिए धन्यवाद देते हुए शुभकामनाएँ दीं कि वे इसे पूरी लगन और जुनून के साथ जारी रखेंगे। तथा उन्हें अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

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07 मई 2026, 15:38