प्लेबिसितो प्राँगण में नेपल्स शहर की जनता को सम्बोधित करते पोप लियो 14वें प्लेबिसितो प्राँगण में नेपल्स शहर की जनता को सम्बोधित करते पोप लियो 14वें  (ANSA)

पोप ने नेपल्स शहर से आग्रह किया कि वह ‘शांति का कार्यशाला’ बने

8 मई को पोम्पेई और नेपल्स में अपनी प्रेरितिक यात्रा के अंतिम कार्यक्रम के रूप में पोप लियो 14वें ने नेपल्स वासियों से मुलाकात करते हुए उनसे न्याय, एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी पर आधारित शांति के लिए नए सिरे से प्रतिबद्ध होने की अपील की।

वाटिकन न्यूज

नेपल्स, शनिवार, 9 मई 2026 (रेई) : पोप बनने की पहली सालगिरह पर पोम्पेई और नेपल्स की यात्रा में, पोप लियो 14वें ने नेपल्स के बीचोबीच, शानदार प्लेबिसितो प्राँगण में लगभग 50,000 लोगों का अभिवादन किया, जो उनसे मिलने के लिए एकत्रित हुए थे।

उन्होंने कहा, “भाइयो एवं बहनो, आपके सुन्दर स्वागत के लिए धन्यवाद।”

उनके अत्यन्त गर्मजोशी से स्वागत के लिए शुक्रिया अदा करते हुए, जिसकी तुलना उन्होंने वाटिकन के संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में बर्निनी के स्तंभों के "गले लगने" से की, उन्होंने शहर की सामाजिक और आध्यात्मिक हालत पर ध्यान दिया।

सौंदर्य और घावों का शहर

सुसमाचार पाठ पर चिंतन करते हुए जहाँ एम्माउस के शिष्यों की कहानी हैं, उन्होंने नेपल्स को एक ऐसा शहर बताया जो अत्याधिक खुबसूरती और गहरे जख्मों, दोनों से जाना जाता है।

उन्होंने शहर से उठती आवाज को याद किया—सुंदरता की आवाजें, लेकिन गरीबी, डर और भटकाव की भी—उनकी तुलना उन थके हुए और निराश शिष्यों से की जो सड़क पर पुनर्जीवित येसु से मिलते हैं।

उनसे प्रश्न करते हुए पोप ने कहा, “क्या सचमुच मायने रखता है?”, और नागरिकों को ऐसे माहौल में फिर से अर्थ खोजने के लिए प्रेरित किया जो अक्सर थकान, उदासीनता एवं सामाजिक बिखराव से कमजोर है।

पोप ने कहा, “भाइयो और बहनो, इस शहर में जीवन, इंसाफ और अच्छाई की चाहत बहती है जिसे बुराई, निराशा और हार मानकर दबाया नहीं जा सकता। इसलिए, हमें अकेले नहीं, बल्कि साथ मिलकर खुद से पूछना चाहिए: असल में क्या मायने रखता है? उदासीनता की थकान के बजाय प्रतिबद्धता के जोश के साथ, बुराई के डर के बदले अच्छा करने की हिम्मत के साथ, बेपरवाही के बजाय घावों को भरने के साथ यात्रा फिर से शुरू करने के लिए क्या जरूरी और आवश्यक है?”

पोप लियो 14वें की नेपल्स यात्रा
पोप लियो 14वें की नेपल्स यात्रा

उन्होंने कहा, नेपल्स आज एक बड़ी उलझन का सामना कर रहा है: पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी, उस आर्थिक तेजी से मेल नहीं खा पा रही है जो सच में पूरे सामाजिक समुदाय को जोड़ सके। शहर में अब भी एक सामाजिक विभाजन है जो न केवल केंद्र में बाहरी इलाकों में भी साफ दिखता है, यहाँ तक कि ऐतिहासिक सेंटर के बीच में भी। कई इलाकों में, असमानता और गरीबी का एक असली भूगोल देखा जा सकता है, जो लंबे समय से अनसुलझी समस्याओं के कारण बढ़ रहा है: आय में असमानता, नौकरी की खराब संभावनाएँ, सही सुविधाओं और सेवाओं की कमी, बड़े पैमाने पर अपराध, बेरोजगारी की बुरी हालत, स्कूल छोड़ने वाले बच्चे, एवं दूसरी स्थितियाँ जो लोगों के जीवन पर बोझ डालती हैं। इन चिंताजनक परिस्थितियों का सामना करते हुए, नागरिकों को सुरक्षा और भरोसा देने एवं संगठित अपराध की संभावना को खत्म करने के लिए सरकार की मौजूदगी और कार्रवाई पहले से कहीं अधिक जरूरी है।

प्रतिदिन के हीरो

संत पापा ने गौर किया कि इस परिस्थिति के कारण, नेपल्स के कई लोग एक ऐसे शहर की चाह रखते हैं जो बुराई से मुक्त हो और अपने घावों से चंगाई पा ली हो। उन्होंने उन महिलाओं और पुरूषों की सराहना की “जो हर दिन खुद को समर्पित करते हैं”, “ईमानदारी से अपना कर्तव्य पूरा करते हुए,” ताकि न्याय, सच्चाई और सुन्दरता, सड़कों, संस्थाओं और रिश्तों से होकर गुजर सकें। उन्होंने कहा कि उन्हें दरकिनार नहीं करना चाहिए, क्योंकि शहर में सम्पर्क बढ़ाने, नेटवर्क बनाने और समुदाय का निर्माण करने के लिए उनके गहरे समर्पण की आवश्यकता है।

नेपल्स की कलीसिया की ओर ध्यान देते हुए पोप ने कहा, “मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि नेपल्स में कलीसिया एक "गोंद" के समान है जो इस नेटवर्किंग की कोशिश में अहम योगदान देता है, लोगों की कोशिशों को जोड़ता और कई लोगों की उर्जा, क्षमता और उम्मीदों को एक साथ लाता है।” कलीसिया एक शैक्षणिक संधि को बढ़ावा देकर ऐसा कर रही है, जिसे विभिन्न संस्थानों—नगरपालिका, प्रांत, प्रशासन—के साथ-साथ कई कलीसियाई और गैर लाभकारी संगठनों से भी अच्छा जवाब मिला है।”

इसलिए पोप ने उनसे अपील करते हुए कहा, इस नेटवर्क को न तोड़ें जो उन्हें जोड़ता है, इस रोशनी को न बुझाएँ जिसे उन्होंने अंधेरे में जलाना शुरू किया है, इसके रंग को धूमिल होने न दें, सपने को न खोयें जिसे वे एक बेहतर और अधिक खूबसूरत नेपल्स के लिए पूरा कर रहे हैं! इस संधि को आगे बढ़ाते रहें, अपनी ताकत इकट्ठा करें, साथ मिलकर काम करें, संस्थान, कलीसिया और नागरिक समाज सब साथ मिलकर चलें ताकि शहर को ऊपर उठाया जा सके, अपने बच्चों को मुश्किल और बुराई के जाल से बचाया जा सके, और नेपल्स को इंसानियत एवं उम्मीद की राजधानी बनाने के उसके उद्देश्य को वापस पाया जा सके।

नेपल्स में पोप लियो 14वें की प्रेरितिक यात्रा
नेपल्स में पोप लियो 14वें की प्रेरितिक यात्रा   (ANSA)

शांति की कार्यशाला

नेपल्स को पुल बनने का प्रोत्साहन देते हुए पोप ने कहा, “नेपल्स को पर्यटकों के लिए सिर्फ एक "पोस्टकार्ड" नहीं रहना चाहिए, बल्कि एक खुला निर्माण स्थल बन जाना चाहिए, जहाँ पक्की शांति बने, जिसे लोगों के दैनिक जीवन  में देखा जा सके।”

उन्होंने कहा, “शांति इंसान के दिल से शुरू होती है, रिश्तों से गुजरती, आस-पड़ोस और उपनगरों में जड़ें जमाती, और पूरे शहर एवं दुनिया को अपने में समेट लेती है। इसीलिए ... पहले शहर के अंदर ही काम करना जरूरी है।” संत पापा ने उन्हें दैनिक कार्यों, शैक्षणिक कार्यक्रमों और न्याय के अभ्यास द्वारा हिंसा के विपरीत संस्कृति अपनाने की सलाह दी जिससे शांति स्थापित की जा सकती है।

उन्होंने कहा, “हम सचमुच जानते हैं कि न्याय के बिना शांति नहीं है, और न्याय, कभी भी दान से अलग नहीं हो सकता।” इसका उदाहरण उन्होंने कासा देला पासे को बताया, जो मुश्किल में फंसे बच्चों और माताओं का स्वागत करता, और कासा बार्तिमेओ, जो कमजोर हालात में फंसे युवाओं और वयस्कों की मदद की जगह है: देखभाल और मुक्ति पाने की संभावना के रूप में, शांति के पक्के चिन्ह बन जाते हैं।

 संत पापा ने इस बात के लिए खुशी जाहिर की कि कलीसियाई समुदाय और नागरिक समुदाय मिलकर नेपल्स को अलग-अलग संस्कृति एवं अलग-अलग धर्मों के बीच बातचीत हेतु एक "मंच" बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

उन्होंने आप्रवासियों और शरणार्थियों का स्वागत करने के प्रयास को बढ़ावा देते हुए कहा, “नेपल्स आप्रवासियों और शरणार्थियों का स्वागत करने में अपना सबसे बड़ा दिल दिखाता रहा है।” जो धर्मप्रांतीय कारितास के काम की वजह से संभव हुआ है, जिसने नेपल्स के बंदरगाह को एक साधारण लैंडिंग जगह से स्वागत, एकता और उम्मीद की जीती-जागती निशानी में बदल दिया है।

शहर के ठोस चिन्ह

पोप ने कहा, “भाइयो और बहनो, नेपल्स को इस तेजी, अच्छाई की इस जबरदस्त उर्जा, उस सुसमाचारी हिम्मत की जरूरत है जो हमें सब कुछ नया करने में मदद करे। यह सबकी प्रतिबद्धता है: इसे अपनाएँ और एक साथ आगे बढ़ाएं! खासकर युवा लोगों के साथ करें, जो न सिर्फ पानेवाले हैं बल्कि बदलाव के हीरो भी हैं। यह सिर्फ उन्हें शामिल करना नहीं, बल्कि उनकी जगह, भरोसे और जिम्मेदारी को पहचानना भी है, ताकि वे अच्छाई बढ़ाने में रचनात्मक तरीके से योगदान दे सकें। एक ऐसी दुनिया में जहाँ अक्सर भरोसा नहीं होता और मौकों की कमी होती है, युवा एक जीवंत और आश्चर्यजनक संसाधन होते हैं। इसका उदाहरण संत पापा ने धर्मप्रांत के बड़े संग्राहालय को दिया। जहाँ उनमें से कई लोग नई और आसान भाषाओं का इस्तेमाल करके शहर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को बचाने और साझा करने के लिए समर्पित हैं। कुछ युवा छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए पूरे जोश के साथ समर्पित हैं, जो भरोसेमंद संदर्भ बिन्दु और अच्छे रिश्तों के गवाह बनते हैं। यह उन कई स्वयंसेवकों से और भी पता चलता है जो खुद को उदार सेवा, सामाजिक पहल और विकलांग लोगों के लिए सहयोग कार्यक्रम के लिए समर्पित करते हैं।”

संत पापा ने जोर देकर कहा कि ये अनुभव मामूली नहीं हैं: ये पहले से ही एक युवा कलीसिया और खुद को फिर से बनाने में सक्षम शहर के पक्के संकेत हैं। मुझे यकीन है कि आप उन्हें हिम्मत, जुनून और उस उत्साह के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे जो आपको अलग बनाता है। प्यारे लोगो, आपके स्वागत के लिए मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूँ, और मैं आप सभी को अति निष्कलंक कुँवारी मरियम और संत जेनारो की मध्यस्थता को सिपूर्द करता हूँ। प्रभु आपको हमेशा सुसमाचार के प्रति वफादार रखें और नेपल्स शहर को आशीर्वाद दें!

नेपल्स में पोप लियो 14वें की प्रेरितिक यात्रा
नेपल्स में पोप लियो 14वें की प्रेरितिक यात्रा   (ANSA)

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09 मई 2026, 14:54