संत पापा लियो- मरियम के आदर्श का अनुपालन करें
वाटिकन सिटी
संत पापा लियो ने अपने बुधवारीय आमदर्शन समारोह के अवसर पर संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में एकत्रित सभी विश्वासियों और तीर्थयात्रियों का अभिवादन करते हुए कहा, प्रिय भाइयो एवं बहनों सुप्रभात।
संत पापा ने कहा कि वाटिकन द्ववितीय महासभा ने कलीसिया के धर्मसिद्धांत लुमेन जेन्सियुम के अंतिम अध्याय को कुंवारी मरियम ने नाम समर्पित किया है। उन्हें “कलीसिया का एक प्रमुख और अद्वितीय सदस्य के रूप में देखता जाता है साथ ही वे विश्वास और करूणा का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं”। ये शब्द हमें इस बात को समझने हेतु निमंत्रण देते हैं कि कैसे मरियम, पवित्र आत्मा के कार्य अनुरूप ईश्वर के पुत्र का स्वागत करती और उन्हें जन्म देती हैं जिन्होंने देहधारण किया, हम उन्हें सारी कलीसिया की एक प्रमुख सदस्य और माता, दो आदर्शों के रूप में देख सकते हैं।
मरियम हमारी आदर्श
संत पापा लियो ने कहा कि ईश्वर की कृपा से अपने को अंगीकृत होने देना, जो उनमें पूरा होता है, तथा विश्वास और अपने कुंवारे प्रेम में पवित्र आत्मा के उपाहर का स्वागत करने के द्वारा मरियम अपने में पूरी कलीसिया के लिए एक सर्वश्रेष्ट आदर्श हैं, जो कलीसिया के लिए एक निमंत्रण है जिसके फलस्वरुप वह ईश्वरीय वाणी में एक सृष्टि वाणी स्वरुप, पवित्र आत्मा की सुकोमल कार्य के माध्यम ईश्वर की संतानों के लिए एक माता होने को बुलायी जाती हैं। उसके भी बढ़कर वह अपने में एक विश्वासी हैं, जिनमें हम सबों ने ईश्वर की पवित्र प्रजा के रुप में अपने लिए दिव्य रहस्य हेतु एक शर्तहीन खुलेपन को पाया है, मरियम ख्रीस्तीय समुदाय की एक उत्कृष्ट सदस्य हैं। अंततः अपनी संतानों को अपने बेटे के निकट लाने में जो हमारे बीच आये, मरियम पूरी कलीसिया की माता बनती हैं, हम उनकी ओर संतानों के रूप में विश्वास से आते हैं, इस बात की निश्चितता में कि हम सुने जायेंगे, हमें सुक्षा और प्रेम प्राप्त होगा।
मरियम रहस्य की एक निशानी
संत पापा लियो ने कहा कि हम कुंवारी मरियम में इन गुणों को देखते हुए हम यह घोषित कर सकते हैं कि एक नारी के रुप में वह रहस्य की निशानी हैं। शब्द नारी हमारे लिए इस्रराएल की एक ऐतिहासिक सच्चाई युवा नारी के बारे में घोषित करता है, जिन्हें मुक्तिदाता की माता बनने का एक अद्भुत सौभाग्य प्राप्त हुआ। निशानी हमारे लिए इस तथ्य पर जोर देती है कि उनमें हम दो गतिशीलता- उतरने और चढ़ने के भाव को पाते हैं- उनमें हम ईश्वर के शर्तहीन चुने जाने और विश्वास में उनके स्वतंत्र समर्पण को पाते हैं जो ख्रीस्त की ज्योति को दुनिया में लेकर आती हैं। मरियम इस भांति हमारे लिए वह नारी हैं जो रहस्य की निशानी है अर्थात मुक्ति योजना की दिव्य निशानी, जो एक समय छुपी रही और अब येसु ख्रीस्त की पूर्णतः में अपने को प्रकट करती है।
मरियम हमारी माता
संत पापा लियो ने कहा कि धर्मसभा हमारे लिए इस बात स्पष्ट रूप में व्यक्त करता है कि मुक्ति इतिहास में कुंवारी मरियम का एक अद्वितीय स्थान सुरक्षित है। यह उन्हें येसु से हमारे लिए मुक्ति की एकमात्र मध्यस्थता घोषित करता है, और यह परम पवित्र माता को “किसी भी तरह से बाधित नहीं करती, बल्कि मसीह के साथ विश्वासियों के तत्काल मिलन को बढ़ावा देती है। वहीं, “ईश्वरीय विधान की उस नीति से पहले, ईश्वरीय दिव्यता में जहाँ हम कुंवारी को शब्द के देहधारण माता स्वरूप देखते हैं, धन्य कुंवारी इस अनोखे रुप में... अपनी आज्ञाकारिता, विश्वास, आशा और अनंत प्रेम में उद्धारकर्ता के संग सहयोग करते हुए आत्माओं को पुनः अलौकिक जीवन प्रदान करती हैं। इसलिए वह कृपा के क्रम में हमारी माँ हैं।”
संत पापा ने कहा कि कलीसिया के रहस्य को भी हम कुंवारी मरियम में परिल्क्षित होता पाते हैं- उनमें ईश प्रजा अपनी उत्पत्ति, आदर्श और अपने निवास को पाती है। ईश्वर की माता में, कलीसिया स्वयं अपने रहस्य पर चिंतन करती है, इसलिए नहीं क्योंकि वह उनमें अपने शुद्ध विश्वास, मतृत्वमय करूणा और दंपत्य विधान को पाती है बल्कि उससे भी बढ़कर वह अपने स्वयं के आदर्श को पहचानती है, जिसके लिए वह बुलाई गयी है।
उन्होंने कहा कि हम देख सकते हैं कि लुमेन जेन्सियुम में संकलित बातों के अनुरूप कुंवारी मरियम पर चिंतन करना हमें कलीसिया को प्रेम और उनमें ईश्वर के राज्य की पूर्णत हेतु कार्य करने का आहृवान देता है, जो आने वाले हैं और जिसकी पूरिपूर्णतः महिमा में होगी।
चिंतन हेतु सवाल करें
संत पापा लियो ने कहा कि अतः आइए हम अपने को उस अद्वितीय आदर्श में मिले सवाल के बारे में पूछें जो हमें मरियम, कुंवारी और माता से प्राप्त हुआ है, हम उनसे सहायता की कामना करें, हम उनसे विचवाई करें जिससे वे हमें पूछे गये सावल का जवाब देने में मदद करें- क्या मैं कलीसिया में अपनी भागीदारी को विनम्र और सक्रिय विश्वास के साथ जीता हूँ? क्या मैं उनमें उस समुदाय के विधान को पहचानता हूँ जिसे ईश्वर मुझे अनंत प्रेम में उत्तर देने की मांग करते हैं? ईश्वरप्रदत्त चरवाहों के प्रति आज्ञाकरिता में, क्या मैं कलीसियाई जीवन के अंग होने का अनुभव करता हूँ? क्या मैं मरियम को एक आर्दश के रुप में देखता हूँ, एक उत्कृष्ट सदस्य और कलीसिया की माता के रुप में, तथा उनके बेटे के एक विश्वासी शिष्य होने के लिए मदद मांगता हूँ?
प्रिय भाइयो एवं बहनों, पवित्र आत्मा, जो मरियम पर उतरे, जिन्हें हम नम्रता और पूर्ण विश्वास में पुकारते हैं, हमें इन आश्चर्यजनक सच्चाइयों को पूरा करने की कृपा प्रदान करें। और कलीसिया के धर्मसिद्धांत पर पूर्ण रूपेण चिंतन करने के उपरांत, हम कुंवारी मरियम से निवेदन करें कि वे हमें यह कृपा प्रदान करें कि हम सभों में माता कलीसिया के प्रति प्रेम बढ़ता जाये।
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