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सन्त पपा लियो 14 वें अंगोला में , 20.04.2026 सन्त पपा लियो 14 वें अंगोला में , 20.04.2026  (ANSA)

हिंसा और अत्याचार ख्रीस्तीय सन्देश के विपरीत, सन्त पापा लियो

अंगोला में सोमवार को सन्त पापा लियो ने शहर में मरिमय को समर्पित आवर लेडी ऑफ असम्पशन महागिरजाघर के प्राँगण में लगभग 40,000 श्रद्धालुओं के लिये ख्रीस्तयाग अर्पित कर कहा कि हिंसा और अत्याचार ख्रीस्तीय सन्देश के बिल्कुल विपरीत हैं।

वाटिकन सिटी

सौरिमो, मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 (रेई, रॉयटर्स): अंगोला में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो की सीमा से लगे सौरिमो शहर में सोमवार को सन्त पापा लियो ने शहर में मरिमय को समर्पित आवर लेडी ऑफ असम्पशन महागिरजाघर के प्राँगण में लगभग 40,000 श्रद्धालुओं के लिये ख्रीस्तयाग अर्पित कर कहा कि हिंसा और अत्याचार ख्रीस्तीय सन्देश के बिल्कुल विपरीत हैं।

हिंसा पुनःरुत्थान को नकारती

ख्रीस्तयाग प्रवचन में ख्रीस्तीय धर्म के सार का स्मरण दिलाते हुए सन्त पापा ने कहा, "हर तरह का ज़ुल्म, हिंसा, शोषण और बेईमानी, येसु मसीह के पुनःरुत्थान को नकारती है।" उन्होंने आगे कहा कि “जब अन्याय दिलों को बिगाड़ देता है, तो सबकी रोटी कुछ लोगों की हो जाती है।” इन बुराइयों के सामने, उन्होंने कहा, “येसु ख्रीस्त पीड़ितों की गुहार सुनते हैं। वे हमें हर गिरावट से उठाकर, हर दुख में दिलासा देकर और हमारे मिशन में हिम्मत देकर हमारे इतिहास को नया करते हैं।”

अन्धविश्वास के खिलाफ़ चेतावनी

सन्त पापा ने “सच्चे विश्वास” की जगह “अंधविश्वास” के खिलाफ भी चेतावनी दी, जिसमें ईश्वर एक मूर्ति बन जाते हैं, जिन्हें सिर्फ़ तभी खोजा जाता है जब यह हमारे लिए फ़ायदेमंद होता है।” उन्होंने   “प्रभु ख्रीस्त को खोजने के ग़लत इरादों” के खिलाफ भी चेतावनी दी, “जब उन्हें गुरु या "गुड लक चार्म अथवा अच्छी किस्मत वाला कोई यंत्र मान लिया जाता है।”

अंगोला की कुल आबादी में से 80% जनता स्वतः को ख्रीस्तीय धर्मानुयायी घोषित करती है, इनमें पचास प्रतिशत काथलिक हैं जिन्होंने रास्तों और सड़कों पर नाचते, गाते हुए तालियाँ बजाते हुए तथा जयनारों सहित बड़े उत्साह के साथ सम्पूर्ण अंगोला में सन्त पापा लियो 14वें का स्वागत किया है। कड़ाके की धूप ने भी श्रद्धालुओं को ख्रीस्तयाग में उपस्थित होने से नहीं रोका।  

याजकवर्ग एवं प्रेरितिक कार्यकर्ता  

सौरिमा में ख्रीस्तयाग समारोह के उपरान्त सन्त पापा लियो 14 वें ने लुआन्डा की वापसी हवाई यात्रा तय की, जहाँ उन्होंने फातिमा की रानी मरियम को समर्पित पल्ली के महागिरजाघर में देश के धर्माध्यक्षों, पुरोहितों, धर्मसमाजी एवं धर्मसंघी स्त्री-पुरुषों तथा प्रेरितिक कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात कर उन्हें अपना सन्देश दिया। याजकवर्ग को सन्त पापा ने उनकी प्रेरिताई के लिये प्रोत्साहन देते हुए कहा कि प्रभु ईश्वर उनकी उस उदारता से परिचित हैं जिससे वे अपनी बुलाहट का आलिंगन कर रहे थे। उन्होंने कहा, प्रभु ईश्वर आपके कार्यों के प्रति उदासीन नहीं हैं, सुसमाचार के सत्य से लोगों को पोषित करने का जो नेक काम आप प्रभु के प्रेम के कारण कर रहे हैं उससे वे भली प्रकार परिचित हैं।

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21 अप्रैल 2026, 11:17