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मम्मा मुशिमा में पोप : प्रेम की जीत होनी चाहिए, युद्ध की नहीं

अंगोला में अपनी प्रेरितिक यात्रा के दौरान रविवार शाम को पोप लियो 14वें ने ऐतिहासिक तीर्थस्थल मम्मा मुशिमा में तीर्थयात्रियों के साथ रोजरी माला विन्ती की। उन्होंने युवाओं से माता मरियम की भक्ति द्वारा समाज में न्याय, एकजुटता और शांति के लिए समर्पित होने का आग्रह किया।

वाटिकन न्यूज

अंगोला, रविवार, 19 अप्रैल 2026 (रेई) : संत पापा लियो 14वें ने रविवार को अंगोला के लोकप्रिय तीर्थस्थल मम्मा मुशिमा का दौरा किया और तीर्थयात्रियों के साथ रोजरी माला वन्ती की।

राजधानी लुआंडा से करीब 130 किलोमीटर दूर, मम्मा मुशिमा का तीर्थस्थल, जिसका अर्थ किम्बुंडू भाषा में “दिल की माँ” है - सदियों से अंगोला के लोगों के लिए प्रार्थना की जगह रहा है। 16वीं सदी में बना यह तीर्थस्थल देश के इतिहास के मुश्किल दौर में भक्ति का केंद्र बन गया, जिसमें उपनिवेशी शासन और लंबा गृहयुद्ध शामिल है। आज भी, यह हर साल हजारों तीर्थयात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

प्रार्थना के अवसर के लिए आभार

संत पापा ने रोजरी माला विन्ती के अंत में अपना संदेश देते हुए कहा, “प्यारे युवाओ, मरियम संगत के सदस्यो और मम्मा मुशिमा (दिल की माता) के प्रति श्रद्धा रखनेवाले तीर्थयात्रियो, मुझे आपके साथ माता मरियम से प्रार्थना करने के इस अवसर में शामिल होते हुए खुशी हो रही है।”

हमने मिलकर पवित्र रोजरी माला विन्ती की, जो एक पुरानी और सहज भक्ति है जिसकी शुरुआत कलीसिया में सभी के लिए प्रार्थना के रूप में हुई थी। संत जॉन पॉल द्वितीय ने इसे एक ऐसे ख्रीस्तीय प्रार्थना बतायी है जिसने “अपनी शुरुआत की ताजगी को बनाए रखी है और ईश्वर की आत्मा से प्रेरित 'गहराई में जाने' का एहसास कराती है...।” दुनिया के सामने यह घोषणा करने और पुकारने के लिए कि येसु ख्रीस्त ही प्रभु और उद्धारकर्ता हैं।” (प्रेरितिक पत्र रोज़ारियुम विर्जिनिस मारिये, 1)

पोप ने कहा, “जब मैं आप सभी को देखता हूँ और अंगोला के जीवित एवं युवा कलीसिया के साथ इस गहरे और उत्साह भरे पल को साझा करता हूँ, तो मुझे लगता है कि मेरे पूर्वाधिकारी के समान पहले के लोगों के शब्द इस बड़े समुदाय के लिए खास रूप से उपयुक्त हैं, जहाँ कोई भी विश्वास की ताजगी और आत्मा की शक्ति को महसूस कर सकता है।

मम्मा मुशिमा तीर्थस्थल
मम्मा मुशिमा तीर्थस्थल

मम्मा मुशिमा तीर्थस्थल

हम इस तीर्थस्थल पर हैं जहाँ सदियों से कई पुरूषों और महिलाओं ने देश के इतिहास के आनन्द और दुःख दोनों क्षणों में प्रार्थना की है।

लंबे समय से, मम्मा मुशिमा चुपचाप कलीसिया के दिल को जिंदा और धड़कता रखने के लिए काम कर रही हैं। क्योंकि उनके दिल में कई दिल हैं: आपके, और उन सभी लोगों के, जो प्यार करते हैं, प्रार्थना करते हैं, खुशी मनाते, रोते, और कभी-कभी — जब वे खुद नहीं आ पाते —तो अपनी प्रार्थनाएँ और अर्जी विन्ती चिट्ठी के माध्यम से  भेजते हैं। मम्मा मुशिमा सबका स्वागत करतीं हैं, सबकी सुनतीं और सबके लिए प्रार्थना करती हैं।

महिमा के भेद पर चिंतन

रोजरी माला विन्ती पर गौर करते हुए संत पापा ने कहा, “हमने येसु के जीवन के महिमा के भेद पर चिंतन किया, उनकी महानता में अपने भाग्य और उनके प्यार में अपने मिशन के बारे चिंतन किया। पास्का में, ख्रीस्त ने मौत पर जीत हासिल की, हमें पिता के पास वापस जाने का रास्ता दिखाया। ताकि हम भी इस जगमगाते और सुन्दर रास्ते पर चल सकें, इसकी सुंदरता को पूरी दुनिया के साथ साझा कर सकें, उन्होंने हमें अपनी आत्मा दी है, जो हमारी यात्रा और हमारे मिशन में हमें प्रेरित करती है और सहारा देती है। माता मरियम की तरह, हम भी स्वर्ग के लिए बने हैं। जब हम खुशी के साथ स्वर्ग की ओर यात्रा करते हैं, तो हम उन्हें अपनी अच्छी माँ और पवित्रता के मॉडल के रूप में देखते हैं। उनके उदाहरण पर चलते हुए, हम अपने भाई-बहनों तक जी उठे प्रभु की रोशनी पहुँचाते हैं। हमने रोजरी के हर भेद के शुरु में इसे प्रतीकात्मक रूप से दिखाया, जिन्होंने सभी प्रकार के लोगों का प्रतिनिधित्व किया।

माँ मरियम का दिल

धर्माध्यक्ष सुम्बेलेलो के शब्दों में, यह पवित्र जगह, जो निष्कलंक गर्भागमन को समर्पित है, जिसका नाम स्वतः ही “दिल की माता” में “बदल गया” । पोप ने कहा, “यह एक सुंदर नाम है, जो हमें मरियम के दिल के बारे में चिंतन करने के लिए प्रेरित करता है: एक पवित्र और समझदार दिल, जो ईश्वर के बेटे के जीवन की अनोखी घटनाओं को संजोकर रख सकता है और उन पर सोच विचार कर सकता है (लूक. 2:19, 51)। साथ में प्रार्थना करते हुए, हमने येसु पर चिंतन करने के लिए खुद को मरियम के मार्गदर्शन में चलने दिया। हमने उनके साथ उनके बेटे के जीवन के अलग-अलग पलों को याद किया, ताकि हमारे अंदर उनके जैसा सभी के लिए प्यार बढ़े। ( रोजारियुम विर्जिनिस मारिये, 11)

रोजरी माला विन्ती करते हुए, हम ठोस रूप से और उदारता से हर इंसान को माँ के दिल से प्यार करने के लिए समर्पित होते हैं और एक-दूसरे की भलाई के लिए खुद को अर्पित करते हैं, खासकर सबसे गरीब लोगों के लिए। एक माँ अपने सभी बच्चों को एक ही तरह से और पूरे दिल से प्यार करती है, भले ही हर कोई अलग हो। दिल की माँ की उपस्थिति में, हम भी ऐसा ही करने का संकल्प लेना चाहते हैं। हम बिना किसी सीमा के कोशिश करें ताकि किसी को प्यार की कमी न हो। हम सम्मान और खुशी के साथ जीने के लिए जरूरी चीजें भी देना चाहते हैं: ताकि भूखे को पेट भर खाना मिले, बीमार को जरूरी देखभाल मिल सके, बच्चों को सही शिक्षा मिल सके, और बुजुर्ग अपने बुढ़ापे के वर्षों को शांति से जी सकें। एक माँ इन्हीं सब बातों के बारे में सोचती है। सचमुच, मरियम इन सब बातों के बारे में चिंतन करती हैं, और हमें भी अपनी ममतामय चिंतन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करती हैं।

रोजरी माला विन्ती करते तीर्थयात्री
रोजरी माला विन्ती करते तीर्थयात्री   (ANSA)

एक बड़ी परियोजना

अंत में संत पापा ने कहा, “प्यारे युवाओ, मरियम संगत के सदस्यो और प्यारे भाइयो एवं बहनो, माता मरियम हमसे कहती हैं कि हम उनके दिल की भावनाओं से प्रेरित हों, ताकि उनकी तरह हम भी न्याय के लिए काम करनेवाले और शांति लानेवाले बन सकेंगे। नये तीर्थस्थल के निर्माण की ओर इंगित करते हुए पोप ने कहा, यहां, एक बड़ी परियोजना चल रहा है: ताकि तीर्थयात्रा पर आनेवाले सभी तीर्थयात्रियों का स्वागत किया जा सके। सभी को – खासकर आप युवाओं को – इसे एक चिन्ह के तौर पर लेना चाहिए। युवाओं को एक विशेष जिम्मेदारी सौंपते हुए पोप ने कहा, “स्वर्ग की माँ ने आपको भी एक बड़ी परियोजना सौंपी है: एक बेहतर, स्वागत करनेवाली दुनिया बनाने की परियोजना, जहां कोई युद्ध, अन्याय, गरीबी या बेईमानी न हो, और जहां सुसमाचार के सिद्धांत सभी की भलाई के लिए दिलों, संरचनाओं और कार्यक्रमों को तेजी से प्रेरित करें और आकार दें।

प्यार की जीत होनी चाहिए

प्यार की जीत होनी चाहिए, युद्ध की नहीं! मरियम का दिल – सबकी मां का दिल – हमें यही सिखाता है। तो आइए, हम इस तीर्थस्थल से जीवन के “संदेशवाहक दूत” के रूप में निकलें, और सभी के लिए मरियम का प्यार भरा आलिंगन और ईश्वर का आशीर्वाद लेकर जाएँ। “दिल की माँ, हम आपके पास अपना सब कुछ निछावर करने आते हैं।” मामा मुशिमा के लिए भजन में यही कहा गया है, और यह आगे कहता है: “हम आपका आशीर्वाद माँगने आए हैं।”

पोप ने कहा, “प्यारे मित्रो, आइए हम अपना सब कुछ मरियम को समर्पित करें, खुद को पूरी तरह से अपने भाइयों और बहनों को दें, और उनकी दुआ से खुशी-खुशी प्रभु का आशीर्वाद लें, ताकि हम इसे हर उस व्यक्ति तक पहुँचा सकें जिससे हम मिलते हैं।

रोजरी माला विन्ती के लिए एकत्रित तीर्थयात्रियों से मुलाकात करते संत पापा लियो 14वें
रोजरी माला विन्ती के लिए एकत्रित तीर्थयात्रियों से मुलाकात करते संत पापा लियो 14वें   (AFP or licensors)

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20 अप्रैल 2026, 10:40