पोप ने युवाओं को साहस और खुशी के साथ ख्रीस्त की गवाही देने की हिम्मत दी

बाटा स्टेडियम में एकत्रित करीब 50,000 युवाओं और परिवारों के सामने, पोप लियो 14वें ने चिंतन हेतु प्रस्तुत बातों का जवाब देते हुए, जीवन में कोशिश और अनुशासन की अहमियत तथा प्रतिष्ठित काम, काम की जगह पर महिलाओं को आनेवाली मुश्किलों, खुद को ईश्वर को सौंपने में मिलनेवाली खुशी, और पति-पत्नी तथा माता-पिता होने के महत्वपूर्ण मिशन के बारे में बात की।

वाटिकन न्यूज

इक्वेटोरियल गिनी, बृहस्पतिवार, 23 अप्रैल 26 (रेई) : संगीत, गाने, रंग, मुस्कान और खुशी से भरे बाटा स्टेडियम में युवाओं, परिवारों, सेमिनारी छात्रों, पुरोहितों और बाटा के विश्वासियों ने बड़े गर्मजोशी से पोप का स्वागत किया। अत्यधिक प्यार के लिए उनका शुक्रिया अदा करते हुए, पोप ने इक्वेटोरियल गिनी के दौरे का आदर्शवाक्य याद किया—“ख्रीस्त, इक्वेटोरियल गिनी की रोशनी, उम्मीद के भविष्य की ओर”—और उन्हें भरोसा दिलाया कि यहां सबसे तेज रोशनी उनकी आंखों, उनके चेहरों, मुस्कानों और उनके गानों में चमकती है,” ये इस बात की गवाही है कि “ख्रीस्त हमारे जीवन की खुशी, अर्थ, प्रेरणा और खूबसूरती हैं।”

ख्रीस्त को अपनी रोशनी बनाने के लिए उत्सुक

संत पापा लियो 14वें ने बुधवार को इक्वेटोरियल गिनी में अपनी प्रेरितिक यात्रा के दौरान बाटा के स्टेडियम में करीब 50,000 युवाओं और परिवारों से मुलाकात की।

पारम्परिक पोषाक और नृत्य के साथ लोगों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ पोप लियो का स्वागत किया। एक नौकरी करनेवाली युवा, एक युवा दम्पति, एक समिनरी छात्र और एक किशोर के साक्ष्य सुनने के बाद संत पापा ने उन्हें अपना संदेश दिया।

संत पापा ने कहा, “प्यारे युवाओ, प्यारे परिवारो, आप सभी को शांति मिले। आज मैं आप सभी का अभिवादन करते हुए बहुत खुश हूँ, और मैं धर्माध्यक्ष को उनके शब्दों के लिए धन्यवाद देता हूँ। मैं आप सभी को आपके गर्मजोशी भरे स्वागत और उत्साह के लिए शुक्रिया अदा करता हूँ, जो आपके विश्वास की खुशी को दिखाता है।”

धर्माध्यक्ष ने इक्वेटोरियल गिनी को एक ऐसे देश के रूप में बताया जो “युवा, उर्जा, सवालों और जीवन की प्यास से भरा है,” और साथ ही ख्रीस्त को अपनी रोशनी बनाने के लिए उत्सुक है। ये शब्द इस यात्रा के आदर्शवाक्य — ख्रीस्त, इक्वेटोरियल गिनी की रोशनी, उम्मीद के भविष्य की ओर — के साथ-साथ प्रतीक चिन्ह को भी दिखाते हैं, जिसमें एक सुनहरे क्रूस की तस्वीर है। हालाँकि, उनकी बातें आपकी उपस्थिति से ही पक्की होती हैं! “यहाँ सबसे तेज रोशनी वह है जो आपकी आँखों में, आपके चेहरों पर, आपकी मुस्कानों में और आपके गानों के जरिए चमकती है। ये सभी इस बात के गवाह हैं कि ख्रीस्त हमारे जीवन की खुशी, अर्थ, प्रेरणा और सुंदरता हैं।”

इक्वेटोरियल गिनी इतिहास और परंपराओं में समृद्ध है। जिसे नृत्यों, परिधानों और प्रतीकों में देखा जा सकता है जो मूल्यों के साथ जुड़े हैं। संत पापा ने कहा, “आप दैनिक जीवन की छोटी-मोटी चीजें लाए : एक छड़ी, एक जाल, एक आइलैंड का मॉडल, एक नाव, एक वाद्य यंत्र, जो आपके जीवन और उसे बनाए रखनेवाले पुराने एवं अच्छे मूल्यों, जैसे सेवा, एकता, अतिथि सत्कार, भरोसा और त्योहार के बारे में बताते हैं। यह एक ऐसी चमकदार और जोड़नेवाली विरासत है जिसे आप, “अपने भविष्य और इस भूमि की नींव के रूप में विश्वास के साथ अपनाने के लिए बुलाये जाते हैं।”

इक्विटोरियल गिनी के युवाओं और परिवारों से मुलाकात
इक्विटोरियल गिनी के युवाओं और परिवारों से मुलाकात

प्रयासों की संस्कृति

संत पापा जॉन पौल द्वितीय ने इस देश में आने पर इन मूल्यों को याद किया था, जब वे इतने जीवंत और गतिशील कलीसिया से मिले थे। उन्होंने अपने स्वागत के लिए एकत्रित विश्वासियों से कहा था: “हमेशा आपस में मेलजोल, आपसी प्यार, मेल-मिलाप, हर नागरिक, हर परिवार और हर सामाजिक समूह के अधिकारों के लिए सच्चे सम्मान की मिसाल कायम रखें। अपने देश के सभी लोगों के, मानव और ईश्वर की संतान के रूप में, उनकी प्रतिष्ठा का सम्मान करें और उसे बढ़ावा दें” (इक्वेटोरियल गिनी, मालाबो में पहुंचने पर भाषण, 18 फरवरी 1982)। पोप लियो ने कहा कि ये शब्द आज भी हमारे दिलों को आलोकित करते हैं और भविष्य में आनेवाली जिम्मेदारियों के लिए तैयार होने पर आपका रास्ता रोशन करें।

इस बारे में, पोप ने पहली गवाह एलिसिया की बातों पर ध्यान दिया, जो नौकरी करती हैं। पोप ने कहा, “अपने कर्तव्यों के प्रति वफादार रहने और रोज के कामों के जरिए परिवार और समाज की भलाई में योगदान देने के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने हमारे साथ एक ऐसी जगह का सपना साक्षा किया जहां युवा, पुरुष और महिलाएँ, सहज सफलता नहीं ढूंढते, बल्कि कोशिश, अनुशासन और कड़ी मेहनत की संस्कृति चुनते हैं, एक ऐसी जगह जहां इसकी कद्र की जाती है।”

उन्होंने कहा कि ख्रीस्तीय होने का मतलब सिर्फ पवित्र मिस्सा पूजा में भाग लेना ही नहीं है, बल्कि सम्मान के साथ काम करना और सबके साथ इज्जत से पेश आना भी है। उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं को आनेवाली मुश्किलों के बारे में भी बात की। उनकी बातें हमें निर्माणात्मक होने, समर्पित कोशिशों की अहमियत और हर इंसान की इज्जत बनाए रखने की जरूरत पर चिंतन हेतु प्रेरित करती हैं।

ख्रीस्त का अनुसरण, सौ गुणा

पोप लियो ने सेमिनरी छात्र फ्रांचेस्को मार्टिन के साक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, “फ्रांसिस्को मार्टिन ने इस बात को पुरोहिताई के लिए बुलाहट के नजरिए से पुष्ट किया। उन्होंने उन बहुत से युवाओं की खूबसूरत सच्चाई की एक झलक दिखाई है जो अपने भाइयों और बहनों की मुक्ति के लिए खुद को पूरी तरह से ईश्वर को सौंप देते हैं।” उन्होंने यह नहीं छिपाया कि उनके लिए अपनी बात कहने की हिम्मत जुटाना कितना मुश्किल था; फिर भी उनके शब्दों से, हम सब समझ सकते हैं कि खुद को ईश्वर की इच्छा पर सौंपने से खुशी और गहरी शांति मिलती है। ईश्वर को समर्पित जीवन खुशियों से भरा होता है, लेकिन इसे हर दिन प्रार्थना, संस्कारों और उन भाइयों एवं बहनों के साथ बिताए समय के द्वारा नवीकृत किया जाना चाहिए जिन्हें ईश्वर हमारे रास्ते में रखते हैं। दिलों की एकता और जरूरतमंदों के प्रति दया के कामों में, उदारता के चमत्कार लगातार नए होते रहते हैं। “इसलिए, अगर आपको लगता है कि ख्रीस्त आपको एक विशेष समर्पण के रास्ते पर चलने के लिए बुला रहे हैं : एक पुरोहित, धर्मबहन, या धर्मबंधु के रूप में,  तो उनके पदचिन्हों पर चलने से न डरें।” संत पापा ने कहा, ईश्वर की प्रतिज्ञा को याद दिलाते हुए, “मैं भी आज आपको भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि आपको, ‘सौ गुना और … अनन्त जीवन’ मिलेगा।” (मती. 19:29)

युवाओं और परिवारों से मुलाकात
युवाओं और परिवारों से मुलाकात   (ANSA)

परिवार का महत्व

युवाओं को अपने परिवरों के प्रति कृतज्ञ होने का प्रोत्साहन देते हुए पोप ने कहा, “प्यारे मित्रो, आप अपने परिवारों के साथ इस मिलन समारोह में आये हैं। वे उपजाऊ मिट्टी हैं जिसमें आपका मानवीय और ख्रीस्तीय विकास, एक युवा और नाजुक पेड़ की तरह, अपनी जड़ें जमाता है। इसलिए मैं आपको आमंत्रित करता हूँ कि आप अपने प्रियजनों के उपहार के लिए एक साथ प्रभु को धन्यवाद दें।” जैसा कि युवा दम्पति ने अपने साक्ष्य में सुझाव दिया, अपने आप को प्रभु को सौंप दें, ताकि आपके परिवार एकता में बढ़ सकें और जीवन को एक उपहार के रूप में स्वीकार कर सकें जिसे संवारा और पोषित किया जाना चाहिए, क्योंकि हम प्रभु की ओर यात्रा कर रहे हैं, जो मार्ग, सत्य और जीवन है (यो. 14:6)।

भावी दम्पतियों से पोप ने कहा, “आप में से बहुत से लोग पवित्र विवाह संस्कार को प्राप्त करने की तैयारी करेंगे। जीवनसाथी और माता-पिता होना एक विशेष मिशन है - एक अनुबंध जिसे दिन-प्रतिदिन जीना है। इस अनुबंध के भीतर, आप लगातार एक-दूसरे को पहचानेंगे जब आप जीवन के चमत्कार में, और अपने तथा अपने बच्चों की खुशी के लिए ईश्वर के साथ सहयोग करेंगे। इस बुलावे को सच्चे प्यार के सफर के रूप में अपनाने के लिए तैयार रहें, जो स्वतंत्र होने में बढ़ता है; उम्मीद की यात्रा के रूप में, जो इस ज्ञान से उत्पन्न होता कि ईश्वर आपको कभी नहीं छोड़ेंगे; और पवित्रता के सफर के रूप में, जिसमें आप हमेशा दूसरों की भलाई और खुशी चाहते हैं।

प्यार, समर्पण और देखभाल की जरूरत

संत पापा ने आगे कहा, “मैं विक्टर एंटोनियो को ईमानदारी और हिम्मत के साथ अपनी कहानी साक्षा करने के लिए दिल से धन्यवाद देता हूँ। उनके शब्द हमें उस चीज की कीमत को और भी गहराई से समझने में मदद करते हैं जिसके बारे में हम चिंतन कर रहे हैं। उनकी गवाही हमें परेशान कर सकती है, लेकिन यह हमें निराश नहीं करती। बल्कि, हमें एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए आमंत्रित करती है। विक्टर एंटोनियो ने हमें याद दिलाया है कि जीवन का स्वागत करने के लिए प्यार, समर्पण और देखभाल की जरूरत होती है। एक युवा द्वारा कहे गए ये शब्द हमें परिवार और उसमें सीखे गए मूल्यों की रक्षा करने के महत्व पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। आइए हम इन मूल्यों को अपनाएँ, जिएँ और उनके गवाह बनें, तब भी जब इसके लिए त्याग की जरूरत हो, या जब न्याय, भेदभाव और औसत की भावना उनकी कीमत कम करने लगें। एक परिवार जो स्वागत करना और प्यार करना जानता है, वह रोशनी और प्यार का जरिया बन जाता है। पोप फ्रांसिस ने इन सुन्दर शब्दों से परिवार के बारे बताया है “पिता और माता, एक दम्पति के रूप में जहाँ अपने प्यार की कहानी के साथ… एक दूसरे को प्यार करते और जीवन को जन्म देते हैं, वह एक सच्चा, जीता-जागता परिवार है… जो निर्माता और मुक्तिदाता ईश्वर का साक्ष्य है।” (प्रेरितिक प्रबोधन अमोरिस लेतित्सिया  9, 11)

युवाओं और परिवारों से मुलाकात
युवाओं और परिवारों से मुलाकात   (AFP or licensors)

आशा से भरे भविष्य की ओर

अंत में, संत पापा ने सभी लोगों को आमंत्रित करते हुए कहा, "प्यारे युवाओं, माता-पिताओ और यहाँ उपस्थित हरेक जन, आइए, हम प्यार की खूबसूरती से प्रेरित हों; हम उस प्यार के गवाह बनें जो येसु ने हमें दिया है और सिखाया है! आइए, हम हर दिन दिखाएँ कि प्यार करना सुन्दर है, हर परिस्थिति में, देने जानने और अपने आपको समर्पित करने में, खासकर जब हम सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुँचते हैं। तो उदारता का प्रकाश जो हमारे घरों में विकसित होता और जिसे विश्वास के साथ जिया जाता है, सचमुच दुनिया बदल सकता है,  जिसमें हर इंसान का सम्मान हो और किसी को भुलाया न जाए (पोप फ्रांसिस, विश्व युवा दिवस के लिए संदेश, 14 अक्टूबर 2022)।

पोप ने कहा, “आइए, हम सब मिलकर इसे एक दृढ़ निश्चय, एक आनन्दमय समर्पण बनाएँ, ताकि क्रूसित और पुनर्जीवित ख्रीस्त जो इक्वेटोरियल गिनी, अफ्रीका और पूरी दुनिया की रोशनी हैं,  हम सभी को आशा से भरे भविष्य की ओर ले जाएँ।"

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

23 अप्रैल 2026, 15:44