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सन्त पापा लियो 14 वें अंगोला के याजकवर्ग के साथ, 20.04.2026 सन्त पापा लियो 14 वें अंगोला के याजकवर्ग के साथ, 20.04.2026  (ANSA)

'अधिनायकवादियों' द्वारा शोषण की सन्त पापा ने की निन्दा

अंगोला में सन्त पापा लियो 14 वें ने 'अधिनायकवादियों' और अनियन्त्रित शासकों द्वारा विश्व के बहुत से लोगों के शोषण की कड़ी निन्दा की। उन्होंने कहा कि “हिंसा के कारण बहुत से लोगों की उम्मीदें टूट जाती हैं ”

वाटिकन सिटी

अंगोला, मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 (रेई, रॉयटर्स): विश्वव्यापी काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष सन्त पापा 14 वें अफ्रीका की अपनी 11 दिवसीय यात्रा के अन्तिम चरण में इक्वेटोरियन गिनी की यात्रा कर रहे हैं। मंगलवार को अंगोला से विदा ले उन्होंने लुआन्डा से इक्वेटोरियल गिनी के मलाबो शहर के लिये प्रस्थान किया।  

अंगोला में सोमवार को सन्त पापा लियो 14 वें ने 'अधिनायकवादियों' और अनियन्त्रित शासकों द्वारा विश्व के बहुत से लोगों के शोषण की कड़ी निन्दा की। उन्होंने कहा कि “हिंसा के कारण बहुत से लोगों की उम्मीदें टूट जाती हैं क्योंकि शक्तिशाली उनका शोषण करते हैं और अमीर लोग उन्हें धोखा देते हैं।”

व्यस्त कार्यक्रम

अफ्रीका में चार देशों की अपनी प्रेरितिक यात्रा के आठवें दिन सोमवार को सन्त पापा लियो ने  अपने नये और दमदार बोलने के तरीके से विश्व के अनियन्त्रित शासकों, राजनीतिज्ञों एवं धनाढ्य लोगों के अन्तःकरणों को जगाने का प्रयास किया। 13 अफ्रैल को शुरु हुई इस 11 दिवसीय यात्रा के आठवें दिन सन्त पापा लियो ने अंगोला में लुआन्डा और सौरिमो के बीच लगभग 2,000 किलोमीटर की यात्रा की। इस दिन उन्होंने एक वृद्धाश्रम का दौरा किया और सौरिमो शहर में ख्रीस्तयाग अर्पित कर लुआन्डा में काथलिक पुरोहितों, धर्मसमाजियों एवं धर्मसंघियों तथा प्रेरितिक कार्यकर्त्ताओं से मुलाकात की।

जोशपूर्ण स्वागत

अंगोला की राजधानी लुआन्डा से लगभग 950 किलो मीटर की दूरी पर स्थित सौरिमो में सोमवार को सन्त पापा ने एक वृद्धाश्रम की भेंट की जहाँ गीतों एवं नृत्यों के साथ उनका जोशपूर्ण स्वागत किया गया। अपने प्रभाषण में सन्त पापा ने स्मरण दिलाया कि बुज़ुर्गों को न सिर्फ़ मदद की ज़रूरत है, बल्कि उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए, क्योंकि, उन्होंने कहा, वे “लोगों में विवेक और समझदारी” को बनाए रखते हैं।

कठिन यात्रा

ग़ौरतलब है कि इस समय काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष सन्त पापा लियो 14 वें अफ्रीका की 11 दिवसीय प्रेरितिक यात्रा पर हैं। अंगोला इस प्रेरितिक यात्रा का तीसरा पड़ाव है, जो किसी सन्त पापा की अब तक की सबसे मुश्किल यात्राओं में से एक है। इस प्रेरितिक यात्रा के दौरान सन्त पापा लियो 14 वें अफ्रीका के चार देशों में 11 शहरों का दौरा कर रहे हैं तथा 18 हवाई यात्राओं में लगभग 18,000 किलो मीटर का सफ़र तय कर रहे हैं।  

सन्त पापा लियो 14 वें, जो विगत मई माह में लगभग डेढ़ अरब सदस्य वाली काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष नियुक्त किये गये थे, अपने परमाध्यक्षीय काल के प्रथम दस माह अपेक्षाकृत रूप से  मृदुलभाषी और मौन रहे हैं, लेकिन अफ्रीका की प्रेरितिक यात्रा के दौरान उन्होंने विश्व के किसी भी नेता का नाम लिये बिना युद्ध, शक्ति के दुरुपयोग और असमानता की बारम्बार कड़ी निंदा की है।

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21 अप्रैल 2026, 11:12