सन्त पापा लियो  14 वें, फाईल तस्वीर सन्त पापा लियो 14 वें, फाईल तस्वीर   (AFP or licensors)

रोम के बसतोगी, तोर्रेवेखिया की भेंट करेंगे सन्त पापा लियो

सन्त पापा लियो 14 वें रविवार 08 मार्च को सान्ता मरिया देल्ला प्रेज़ेन्तासियोने पल्ली की भेंट कर रोम धर्मप्रान्त की पल्लियों में अपनी चौथी प्रेरितिक यात्रा सम्पन्न करेंगे।

वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 6 मार्च 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): सन्त पापा लियो 14 वें रविवार 08 मार्च को सान्ता मरिया देल्ला प्रेज़ेन्तासियोने पल्ली की भेंट कर रोम धर्मप्रान्त की पल्लियों में अपनी चौथी प्रेरितिक यात्रा सम्पन्न करेंगे।

रोम के बसतोगी एवं तोर्रेवेखिया इलाके स्थित सान्ता मरिया देल्ला प्रेज़ेन्तासियोने पल्ली में रोम के प्रतिधर्माध्यक्ष कार्डिनल बालदो राईना तथा पल्ली पुरोहित डॉन पाओलो स्ताकिओत्ती उनका स्वागत करेंगे।

इस अवसर पर सन्त पापा धर्मशिक्षा प्रापक बच्चों एवं उनके परिवारों के साथ-साथ पल्ली के लगभग 60 विकलांगों एवं रोगियों को भी आशीर्वाद प्रदान करेंगे। रविवार, सन्ध्या पाँच बजे सन्त पापा पल्ली गिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित कर प्रचवन करेंगे तथा इसके बाद पल्ली परिषद के सदस्यों एवं पल्ली में सेवारत पुरोहितों से मुलाकात कर पुनः वाटिकन लौटेंगे।  

आसान इलाका नहीं

पल्ली पुरोहित डॉन स्ताकिओत्ती ने कहा, हर्षोल्लास के साथ हम सन्त पापा लियो के आगमन की प्रतीक्षा में हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पल्ली में इससे पूर्व सन् 1982 में सन्त पापा जॉन पौल द्वितीय आये थे और अब चालीस साल बाद सन्त पापा लियो आ रहे हैं।

पल्ली पुरोहित ने कहा कि सन्त पापा लियो की उपस्थिति हमारे लिये अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया, "बास्तोगी और तोर्रेवेखिया के सार्वजनिक आवासों के बीच, "यह कोई आसान इलाका नहीं है, लेकिन मीडिया यहाँ मौजूद अच्छाई के साथ न्याय नहीं करता, वह बस यहाँ की बुराइयों को खोलकर रख देता है। उन्होंने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद हमारा समुदाय एकजुट है, जो दिलदार लोगों से परिपूर्ण है और जो एक-दूसरे की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ते।"

संबंधों को मजबूत करना

पल्ली पुरोहित ने आगे कहा, "यह दौरा रिश्तों को मज़बूत करने, साथ मिलकर काम करने और मिल-जुलकर रहने का मौका है। इस अवसर पर सन्त पापा लियो को तीर्थयात्री माँ मरियम की एक प्रतिमा अर्पित की जायेगी जो तीस साल से बस्तोगी में है तथा जो मई माह में आस-पड़ोस में ले जाई जाती है। उन्होने कहा, "यह कोई कीमती तोहफ़ा नहीं है लेकिन यह हमारी पल्ली का एक निशान है।"

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06 मार्च 2026, 11:19