पोप लियो 14वें “धार्मिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए” लिबर्टी मेडल से सम्मानित होंगे
वाटिकन न्यूज
मंगलवार, 17 मार्च 2026 (रेई) : अमरीका की स्थापना की 250वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में 3 जुलाई 2026 को, राष्ट्रीय संविधान केंद्र में पोप लियो को 38वाँ वार्षिक लिबर्टी मेडल प्रदान किया जाएगा।
राष्ट्रीय संविधान केंद्र ने एक बयान में कहा, “यह पुरस्कार पोप लियो 14वें के दुनियाभर में धार्मिक स्वतंत्रता और विचार अभिव्यक्ति की आजादी को बढ़ावा देने के लिए, उनके जीवनभर के काम को पहचान देता है, ये वे आदर्श हैं जिन्हें अमेरिका को स्थापित करनेवाले लोगों ने अमरीकी संविधान के पहले संशोधन में शामिल किया था।”
यह समारोह फिलाडेल्फिया में आजादी मॉल पर सेंटर के बाहर सम्पन्न होगी और पोप चाहते हैं कि वे वाटिकन से ही लाइव जुड़कर अपना भाषण वर्चुअली दें।
वाटिकन प्रेस कार्यालय के निदेशक, मातेओ ब्रूनी ने कहा कि पोप “इस बड़े पुरस्कार के लिए राष्ट्रीय संविधान सेंटर के बहुत आभारी हैं, यह अमेरिकी लोगों के लिए एक बहुत ही खास वर्षगाँठ है, क्योंकि यह उन्हें अपने 250 साल के इतिहास पर चिंतन करने का अवसर देता है, जिसमें आनेवाली पीढ़ियों के लिए आजादी की घोषणा, अमरीका का संविधान और आजादी को अपनी विरासत की पहचान के रूप में रखा गया है।”
इस अवसर पर नागरिक और धार्मिक नेताओं तथा आम लोगों के एक साथ आने की उम्मीद है ताकि वे इस बात पर विचार कर सकें कि 250 साल पहले बताए गए अमेरिका के शुरुआती आदर्श आज भी दुनियाभर में कैसे काम करते हैं।
पोप लियो 14वें वार्ता के लिए प्रतिबद्धता
राष्ट्रीय संविधान केंद्र ने अपने बयान में बताया कि मई 2025 में अपने चुनाव के बाद से, पोप लियो ने “अलग-अलग धर्मों और ख्रीस्तीय समुदायों के बीच वार्ता को अपने प्रशासन की सबसे जरूरी बात बनायी है, जिसमें यहूदी, मुस्लिम, ख्रीस्तीय और दूसरे धार्मिक समुदायों के नेताओं को शामिल किया गया है ताकि आपसी सम्मान और शांति से साथ रहने को बढ़ावा दिया जा सके।”
बयान में आगे कहा गया, “उनकी पहुंच एक बड़े नैतिक नजरिए को दिखाती है जो धार्मिक स्वतंत्रता को एक अमूर्त अधिकार के तौर पर नहीं, बल्कि मानव प्रतिष्ठा की जीती-जागती निशानी के तौर पर दिखाता है, खासकर हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए, जिसमें धार्मिक अल्पसंख्यक और संघर्ष से प्रभावित लोग शामिल हैं।”
राष्ट्रीय संविधान केंद्र के अंतरिम अध्यक्ष और सीईओ, विंस स्टैंगो ने इस बात पर जोर दिया कि “एनसीसी को पोप लियो 14वें को धार्मिक आजादी, अंतःकरण की आजादी और मानव प्रतिष्ठा के लगातार हिमायती के तौर पर उनके करियर के लिए लिबर्टी मेडल देते हुए गर्व महसूस हो रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “वाटिकन के औपचारिक बयानों और सार्वजनिक भाषणों में, पोप ने कहा है कि धर्म की स्वतंत्रता, विचारों की आजादी और अभिव्यक्ति की आजादी के बिना शांति नहीं हो सकती, ये सिद्धांत प्रथम संशोधन द्वारा गारंटीकृत संवैधानिक सुरक्षा के साथ काफी मिलते-जुलते हैं।”
लिबर्टी मेडल और राष्ट्रीय संविधान केंद्र
लिबर्टी मेडल, जो 1988 में शुरू हुआ था और 2006 से राष्ट्रीय संविधान केंद्र इसे होस्ट कर रहा है, उन लोगों और संगठनों को पहचान देता है जो दुनियाभर के लोगों को आजादी दिलाने की कोशिश करते हैं।
इस साल का पुरस्कार वितरण समारोह, देश की 250वीं वर्षगाँठ और 50वीं सालगिरह के मौके पर हो रहा है। इसे फिलाडेल्फिया शहर और वावा वेलकम अमेरिका के साथ पार्टनरशिप में दिया जा रहा है। यह शहर के स्वतंत्र सप्ताह कार्यक्रम का हिस्सा है, जो आजादी की घोषणा पर हस्ताक्षर होने की 50वीं सालगिरह का जश्न मना रहे हैं। पोप लियो 14वें की अल्मा मातेर, विलानोवा यूनिवर्सिटी ने भी इस साल के लिबर्टी मेडल प्रोग्राम को बनाने में भूमिका निभाई।
फिलाडेल्फिया में राष्ट्रीय संविधान केंद्र, अमेरिका और दुनिया भर के सभी उम्र और नजरिए के लोगों को एक साथ लाता है, ताकि वे इतिहास में माननीय आजादी के सबसे बड़े सपने, अमरीकी संविधान के बारे में जान सकें, उस पर बहस कर सकें और उसकी खुशी मना सकें।
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