युद्ध का शोर अच्छाई को दबा देता है, पासोलीनी
वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 6 मार्च 2026 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन में चालीसाकालीन आध्यात्मिक साधना के दौरान प्रवचन करनेवाले परमधर्मपीठीय आवास के उपदेशक फादर रोबेर्तो पासोलीनी ने कहा कि युद्ध का कोलाहल अच्छाई को दबा देता है किन्तु प्रेम की विनम्र शक्ति शांति को प्रोत्साहित करती है।
सन्त फाँसिस पर मन-चिन्तन
शुक्रवार 6 मार्च से 27 मार्च तक हर शुक्रवार को, पवित्र सप्ताह की शुरुआत से पहले, फादर रॉबर्तो पासोलिनी सन्त पापा लियो 14 वें और रोमन क्यूरिया के समक्ष "मनपरिवर्तन और सुसमाचारी जीवन के एक ठोस रास्ते" के तौर पर असीसी के संत फ्राँसिस पर अपना चिन्तन प्रकट करेंगे।
फादर पासोलीनी कहते हैं कि मौजूदा घटनाओं के मद्दोनज़र संघर्ष और हिंसा से घायल विश्व में सन्त फ्राँसिस के जीवन एवं व्यक्तित्व पर मनन-चिन्तन आवश्यक हो गया है। सन्त फ्रांसिस के अनुसार, सुसमाचार द्वारा मनपरिवर्तन विचारों का मार्गदर्शक धागा है, जो स्वतंत्रता, आशा, मिशन और भाईचारे के विषयों के माध्यम से प्रकाश में आता है।
जीवन सुसमाचार के निकट
वाटिकन न्यूज़ से बातचीत में फादर पासोलीनी ने कहा कि सुसमाचार वास्तविक जीवन और उसके तनावों से बहुत करीब से जुड़ा हुआ है, केवल सैद्धांतिक रूप से ही नहीं बल्कि व्यावहारिक रूप से भी इसलिये "केवल विश्वास की एक अमूर्त दृष्टि ही सुसमाचार और ठोस जीवन के बीच अलगाव की कल्पना कर सकती है।"
फादर पासोलीनी ने कहा, "हर शुक्रवार को प्रस्तुत किये जानेवाले मनन-चिन्तन का विषय एक ही है और वे हैं प्रभु येसु ख्रीस्त, उनके पास्का की घोषणा तथा पवित्र आत्मा द्वारा येसु में नवजीवन की कृपा।" उन्होंने बताया कि इस वर्ष सन्त फ्राँसिस असीसी की 800 सौवीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में तथा अभी-अभी मनाये गये जयन्ती वर्ष के अवसर को दृष्टिगत रखकर, ठोस मनपरिवर्तन एवं सुसमाचारी जीवन हेतु असीसी के सन्त फ्राँसिस के जीवन एवं व्यक्तित्व पर चर्चा करना स्वाभाविक ही था।
ख्रीस्तीय आशा क्रूस में
फादर पासोलीनी ने कहा कि ख्रीस्तीय धर्म, प्रेम एवं आशा का धर्म है किन्तु युद्ध का शोर प्रेम एवं आशा को धूमिल कर देता है। उन्होंने स्मरण दिलाया कि ख्रीस्तीय आशा क्रूस का निशान लिए हुए है: यह चमकदार और नाज़ुक दोनों है।
फादर पासोलीनी ने कहा कि ईश्वर ने हमारी स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए, प्रेम से विश्व पर राज्य करना चुना है। उन्होंने बुराई और हिंसा के रहस्य को गंभीरता से लिया है लेकिन इसका सामना सिर्फ़ अच्छाई की शक्ति से करने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि इसीलिए शांति के रास्ते धीमे होते हैं: वे उन दिलों और दिमागों पर निर्भर करते हैं जो क्रूस की तर्कणा को अपनाने और लड़ाई के समय में हिम्मत के साथ जीने को तैयार रहते हैं।
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