खोज

संत  पापा लियो आमदर्शन समारोह में संत पापा लियो आमदर्शन समारोह में 

संत पापा लियोः कलीसिया में श्रेणीबद्ध संरचना का सार सेवा

संत पापा लियो ने बुधवारीय आमदर्शन समारोह में कलीसिया के श्रेणीबद्ध संगठन पर चिंतन करते हुए इसे सेवा का सार कहा।

वाटिकन सिटी

पापा लियो 14 वें ने अपने बुधवारीय आमदर्शन समारोह के अवसर पर संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में एकत्रित सभी विश्वासियों और तीर्थयात्रियों का अभिवादन करते हुए कहा प्रिय भाइयो एवं बहनों सुप्रभात और सुस्वागतम्।

वाटिकन द्वितीय महासभा के दस्तावेज पर अपनी धर्मशिक्षा माला को जारी रखते हुए हम धर्मसिद्धांत लुमेन जेन्सियुम की चर्चा कर रहे हैं। आज हम ईश प्रजा की प्रस्तुति उपरांत उसके श्रेणीबद्ध संगठन पर चिंतन करेंगे।

प्रेरितों की जिम्मेदारी

संत पापा ने कहा कि कलीसिया प्रेरितों पर स्थापित की गई है, जिसे ख्रीस्त ने अपने रहस्यात्मक शरीर की जीवित आधारशिला स्वरूप नियुक्त किया है, यह अपने में श्रेणीबद्ध संरचना को वहन करती है जो एकता में सेवा, प्रेरिताई और उसके सदस्यों के पवित्रीकरण हेतु कार्य करती है। यह पवित्र संरचना चिरकालिक रूप से प्रेरितों पर स्थापित किया गया है (एफे. 2.20, प्रका. 21.14),जो अधिकारिक रुप में येसु ख्रीस्त के पुनरूत्थान के साक्षी हैं(प्रेरि.1.22, 1 कुरू.15.7) जिन्हें स्वयं येसु ने अपनी प्रेरिताई हेतु दुनिया में प्रेषित किया(मर.16.15, मत्ती 28.19)। चूंकि प्रेरितों को निष्ठापूर्ण तरीक से स्वामी की मुक्तिदायी शिक्षा को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी दी गई है (2 तिम.1.13-14) वे अपनी प्रेरिताई को लोगों के संग साझा करते हैं, जब तक ख्रीस्त पुनः लौटकर न आयें, वे “अपने उत्तराधिकारियों को मिले प्रेरितिक उत्तराधिकार” से कलीसिया का पवित्रिकरण, उसका शिक्षण और दिशा निर्देशन सदैव जारी रखते हैं।

दिव्य संस्था

संत पापा ने कहा कि यह प्रेरितिक उत्तराधिकार, जो सुसमाचार और परांपरा पर आधारित है, लुमेन जेन्सियुम के अध्याय तीन में शीर्षक, “कलीसिया की श्रेणीबद्ध संरचना और विशेष कर धर्माध्यक्ष-वर्ग” में देखा जा सकता है। धर्मसभा हमें इस बात की शिक्षा देती है कि श्रेणीबद्ध संरचना अपने में मानव निर्मित नहीं है, जो कलीसिया के आंतरिक संगठन के लिए एक सामाजिक ईकाई रुप कार्य करती हो, बल्कि यह एक दिव्य संस्था है जिसका उद्देश्य खीस्त के द्वारा प्रेरितों को सौंपी गई प्रेरिताई को दुनिया के अंति समय तक पूरा करना है।

संत पापा का अभिवादन
संत पापा का अभिवादन   (ANSA)

प्रेरित- अधिकारीवर्ग एक साधन

संत पापा ने कहा कि वास्तव में इस विषयवस्तु का उल्लेख अध्याय तीन में किया गया है, हम इसे प्रथम और द्वितीय अध्यायों में कलीसिया के सार की व्याख्या उपरांत पाते हैं, इसका अर्थ यह नहीं है कि श्रेणीबद्ध संविधान ईश्वर प्रजा की तुलना में एक कम महत्वपूर्ण तथ्य है। अज्ञाप्ति एद जेन्तेस इसके संबंध में इस बात पर बल देता है कि ““प्रेरित नए इज़राइल के प्रथम नवोदित थे, और साथ ही पवित्र अधिकारीवर्ग की शुरुआत भी” क्योंकि वे ख्रीस्त के मुक्तिदायी रहस्य के समुदाय के अंग थे, जिन्हें दुनिया की मुक्ति हेतु एक साधन स्वरूप स्थापित किया गया था।

संत पापा ने कहा कि धर्मसभा इस आशय को समझने हेतु हमें यह सलाह दी जाती कि हम लुमेन जेन्सियुम के अध्याय तीन के सावधानीपूर्वक अध्ययन करें, जो हमें कलीसियाई संरचना की व्याख्या करती है जिसे पिता ईश्वर ने अपने बेटे येसु के माध्यम पवित्र आत्मा को हमें प्रदान करते हुए पूरा किया है। धर्मसभा के आचार्यों ने कलीसिया के संस्थागत तथ्यों को प्रस्तुत करने की चाह नहीं रखी, संज्ञा के रुप में वर्तमान समय में हम इसे “संविधान” के रुप में समझ सकते हैं। इसके बदले, दस्तावेज “पुरोहिताई या श्रेणीबद्ध पुरोहिताई” पर मुख्य रुप से ध्यान केन्द्रित करता है, जहाँ हम लोकधर्मियों की सामान्य पुरोहिताई के संबंध में “सार में न कि केवल श्रेणी” में अंतर पाते हैं, हम इस बात को ध्यान में रखने की जरूरत है कि ये दोनों अपने स्वरुप में विशेष रुप से ख्रीस्त की पुरोहिताई में सहभागी होते हैं।

संत पापा का अभिवादन
संत पापा का अभिवादन   (ANSA)

कलीसिया की सेवा

धर्मसभा इस भांति हमारे लिए यह घोषित करती है कि प्रेरितिक कार्य हेतु पुरूषों का पवित्र अभियंजन कलीसिया में सेवा हेतु है, यह मुख्यतः धर्माध्यक्ष की सेवा पर ध्यान केन्द्रित करता है, उसके उपरांत पुरोहितों और तब उपयाजकों की सेवा जैसे की हम इसे एक पुरोहिताई संस्कार की श्रेणियों में पाते हैं।

 “श्रेणीबद्ध” विशेषण के द्वारा, इस भांति, धर्मसभा हमें इस पवित्र प्रेरिताई की उत्पत्ति के बारे में कहती है जो येसु, भले चरवाहे के कार्य में, साथ ही साथ हमारे इसके आंतरिक संबंध में निहित है। धर्माध्यक्षगण सर्वप्रथम और उनके द्वारा पुरोहितों और याजकों ने इन कार्यों को पाया है जो उन्हें ईश प्रजा की सेवा हेतु प्रेरित करता है, जिससे हम सभी एक साथ मिलकर अपने सामान्य लक्ष्य, मुक्ति की ओर एकता में पहुंच सकें।

संत पापा का आमदर्शन समारोह

डाइकोनिया का सार-सेवा

संत पापा ने कहा कि लुमेन जेन्सियुम निरंतर और प्रभावकारी रूप में हमें इस प्रेरिताई की याद दिलाता है, इस बात को सुदृढ़ता करते हुए कि हमारा उत्तरदायित्व जिसे ईश्वर ने चरवाहों को अपनी प्रजा की देख-रेख के लिए दिया है एक सच्ची सेवा है जो पवित्र साहित्य में विशेष रुप से डाइकोनिया या प्रेरिताई कहती है। इसलिए हम समझ सकते हैं कि संत पॉल 6वें ने श्रेणीबद्ध  को एक सच्चाई के तौर पर क्यों पेश किया, “यह ख्रीस्त की करूणा से पैदा हुई है, ताकि ख्रीस्त द्वारा अपनी कलीसिया को दिया गया विश्वास, उदाहरणों, उपदेशों और आदर्शों की निधि को दूसरों के लिए पूरा किया जा सके, उन्हें प्रसारित किया सके और सही-रूप में तथा फायदेमंद तरीके से विश्वासियों तक पहुंचाया जा सके।”

संत पापा लियो का आशीर्वाद
संत पापा लियो का आशीर्वाद

प्रिय भाइयो और बहनों संत पापा ने कहा कि आइए हम प्रभु से प्रार्थना करें कि वह अपनी कलीसिया में ऐसे पुरोहितों को भेजें जो सुसमाचार की करूण से भरे हों, जो सभी बपतिस्मा प्राप्त  लोगों की भलाई हेतु समर्पित हों, और जो विश्व के हर कोने में सहासी प्रेरित बनें।

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

25 मार्च 2026, 15:07