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फ़िलिस्तीन का आखिरी बचा हुआ ख्रीस्तीय गांव तैबेह फ़िलिस्तीन का आखिरी बचा हुआ ख्रीस्तीय गांव तैबेह  

कार्डिनल पिज़्ज़ाबल्ला ने तैबेह के दौरे पर ख्रीस्तीय पहचान बनाए रखने की अपील की

येरुसालेम के लैटिन प्राधिधर्माध्यक्ष, कार्डिनल पियरबत्तिस्ता पिज़्ज़ाबाल्ला, फ़िलिस्तीन के आखिरी बचे ख्रीस्तीय गांव तैबेह का दौरा किया। चूंकि गांव में आने-जाने पर बहुत ज़्यादा पाबंदियां हैं, इसलिए उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “आपका उदाहरण ज़रूरी है ताकि हम इस बहुत मुश्किल हालात में भी ख्रीस्तीय आवाज़ बने रह सकें।”

वाटिकन न्यूज

तैबेह, सोमवार 17 अगस्त 2026 : “हम यहां, हर स्तर पर, पूरी पवित्र भूमि में कलीसिया की मौजूदगी बनाए रखने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।” येरुसालेम के लैटिन प्राधिधर्माध्यक्ष, कार्डिनल पियरबत्तिस्ता पिज़्ज़ाबाल्ला ने वेस्ट बैंक के छोटे से ख्रीस्तीय गांव तैबेह के दौरे के समय धन्य कंवारी मरिया के स्वर्ग उदग्रहण के त्योहार पर वहां के लोगों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई।

तैबेह में मुक्तिदाचा ख्रीस्त लैटिन गिरजाघर में पवित्र मिस्सा के दौरान कार्डिनल पिज़्ज़ाबल्ला ने कहा, “हो सकता है कि मेरे पास इंसानी या दुनियावी स्तर पर जवाब न हों, लेकिन मैं ईश्वर में विश्वास करता हूँ। और मुझे यकीन है कि, उनमें, हम यहां तैबेह में भी जीवन ला सकते हैं।”

“अपने लोगों के बीच” स्वागत

पवित्र मिस्सा की शुरुआत में कार्डिनल पियरबत्तिस्ता का स्वागत करते हुए, तैबेह के पल्ली पुरोहित फादर बशर फवादलेह ने कहा कि गांव ने उनका “अपने लोगों के बीच और अपने घर में” स्वागत किया है।

येरूसालेम के लैटिन प्राधिधर्माध्यक्ष के एक बयान के अनुसार, फादर बशर ने कार्डिनल की मौजूदगी को मुश्किल समय में अपने बच्चों के साथ खड़े एक पिता की तरह बताया।

फादर बशर ने यह भी कहा कि कार्डिनल पिज़्ज़ाबल्ला की मौजूदगी ने समुदाय को याद दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं और कलीसिया अपने बच्चों के साथ खड़ी है, अपने साथ “इस देश का क्रूस और उम्मीद” लेकर चलती है।

कार्डिनल पिज़्ज़ाबाल्ला ने धन्य कंवारी मरिया के स्वर्गोदग्रहण के त्योहार को “पुनरुत्थान का फल” बताया और कहा कि  माता मरिया ख्रीस्तियों को इंसानी हिसाब-किताब के बजाय असलियत को “दिव्य नज़रों से” देखना सिखाती हैं।

फिर उन्होंने इस संदेश को सीधे तैबेह से जोड़ा और वहाँ के लोगों को विश्वास और उम्मीद में डटे रहने के लिए हिम्मत दी, तब भी जब हालात भविष्य को मुश्किल बना दें या नामुमकिन लगें।


डर से दिल की रक्षा करना

कार्डिनल पिज़्ज़ाबल्ला ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ख्रीस्तीय मौजूदगी को बनाए रखने के लिए डर, निराशा और मुश्किल हालात के असर से अपने दिल की रक्षा करना ज़रूरी है।

उन्होंने कहा, “लेकिन हम एक ऐसा समुदाय बने रहना चाहते हैं जो, अपने हक, ज़िंदगी के हक को छोड़े बिना ज़िंदगी को जन्म दे। इसलिए हिम्मत रखें। डरें नहीं।”

कार्डिनल पिज़्ज़ाबाल्ला ने यह भी कहा कि वह फादर बशर के नियमित संदेश और अपडेट के ज़रिए तैबेह में हो रहे विकास पर करीब से नज़र रख रहे हैं।

कार्डिनल पिज़्ज़ाबाल्ला का दौरा पिछले जुलाई में जारी एक इज़राइली आदेश की पृष्टभूमि में हुआ, जिसमें “तैबेह और रिमोन के इलाके” को एक बंद मिलिट्री ज़ोन घोषित किया गया था और इज़राइलियों तथा विदेशी नागरिकों के वहां आने या रहने पर रोक लगा दी गई थी।

ख्रीस्तियों की मौजूदगी की ज़रूरत

तैबेह के इलाके में कुछ हिस्सा, खेती की ज़मीन, और धार्मिक एवं ऐतिहासिक जगहें शामिल हैं।

इस आदेश ने तीर्थयात्रियों, आगंतुकों, पत्रकारों, स्वंयसेवकों और दूसरे विदेशी नागरिकों के तैबेह में आने-जाने पर भी सवाल उठाए हैं।

कार्डिनल पिज़्ज़ाबाल्ला ने कहा कि तैबेह में जो हो रहा है, वह शहर के बाहर भी तेज़ी से पता चल रहा है।

इसे ध्यान में रखते हुए, कार्डिनल पिज़्ज़ाबाल्ला ने ज़ोर देकर कहा, “आपका उदाहरण ज़रूरी है, ताकि हम इस बहुत मुश्किल हालात में भी ख्रीस्तियों की आवाज़ बने रह सकें।”

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17 अगस्त 2026, 16:10