कार्डिनल जुप्पी ने कीएव में प्रार्थना की : ईश्वर न्यायपूर्ण शांति प्रदान करे
सल्वातोरे चेरनुत्सियो
यूक्रेन, बृहस्पतिवार, 16 जुलाई 26 (रेई) : आकाश की ओर देखते हुए, जहाँ से रात में मिसाइलों ने फिर एक बार नागरिकों की इमारतों पर हमला किया, कार्डिनल मात्तेओ मरिया जुप्पी ने कीएव से यूक्रेनी भाषा में "यूक्रेन" के लिए "सर्वशक्तिमान ईश्वर" से प्रार्थना की, और उनसे आशीर्वाद और सुरक्षा की याचना की:
“एक न्यायपूर्ण शांति प्रदान कर। कैदी घर लौटें, बच्चे एक बार फिर अपने परिवारों को गले लगाएँ, लापता लोग मिल जाएँ, और हर कोई अपने मृत प्रियजनों के शव पर शोक मना सकें। हम प्रत्येक में शांति निर्माता बनने का साहस और प्रज्ञा जगाएँ...”
मुलाकातें और मानवीय कोशिशें
15 जुलाई, इतालवी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल मात्तेओ मरिया जुप्पी के यूक्रेन मिशन का तीसरा दिन था। वे 13 जुलाई की शाम को यूक्रेन पहुंचे, लवीव इलाके से यात्रा करके वे 14 जुलाई तो कीएव पहुंचे।
उनकी यात्रा का मकसद पोप लियो 14वें का सामीप्य प्रकट करना और 2023 में उनके पहले मिशन के दौरान बनाए गए सम्पर्क और संचार के तरीकों को मजबूत करना, जो पोप फ्राँसिस ने उन्हें परमधर्मपीठ की मानवीय कोशिशों के समर्थन में सौंपा था।
ये कोशिशें युद्धबंदियों की अदला-बदली को आसान बनाना, उन बच्चों की वापसी पक्की करना, जिनके बारे में यूक्रेन का कहना है कि उन्हें जबरदस्ती रूस ले जाया गया है, और लड़ाई में मारे गए लोगों की लाशें वापस लाने पर ध्यान देना है।
दोपहर में, कार्डिनल जुप्पी इन इलाकों में काम करनेवाले संघ और स्थानीय गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इंस्टीट्यूशनल प्रतिनिधियों से भी मिले। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ उनकी कोई आधिकारिक मुलाकात तय नहीं है। दोनों की मुलाकात तीन साल पहले कार्डिनल के मिशन के दौरान हुई थी।
कीवान रस के बपतिस्मा का उत्सव
प्रेरितिक राजदूतावास (जहाँ वे रुके हैं) में ख्रीस्तयाग के बाद, जिसे महाधर्माध्यक्ष विस्वालदास कुलबोकास ने अर्पित किया, कार्डिनल जुप्पी ने कीवान रस के बपतिस्मा उत्सव में हिस्सा लिया।
हर साल 15 जुलाई को मनाया जानेवाला यह वर्षगाँठ, 988 में राजकुमार वोलोदिमिर द ग्रेट द्वारा देश को ईसाई बनाने की याद में मनाया जाता है। उन्हें काथलिक और ऑर्थोडॉक्स दोनों ही कलीसियाओं द्वारा संत माना जाता है और जिनकी विरासत पूर्वी यूरोप की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक जड़ों से जुड़ी है।
इस दिन को नागरिक और धार्मिक दोनों तरह से मनाया जाता है। इसे आधिकारिक रूप से यूक्रेनी राज्य दिवस भी कहा जाता है, क्योंकि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने 2021 में एक आज्ञाप्ति पर हस्ताक्षर करके इसे राष्ट्रीय कैलेंडर में जोड़ा था।
कीएव में इस समारोह में शामिल होनेवालों में अलग-अलग धार्मिक समुदाय के प्रतिनिधि, यूक्रेनी ग्रीक काथलिक कलीसिया के मेजर आर्कबिशप स्वियातोस्लाव शेवचुक और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लायेन शामिल थें, जो युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन की अपनी ग्यारहवीं यात्रा कर रही हैं।
कार्डिनल की प्रार्थना
कार्डिनल जुप्पी ने सुनहरे गुंबददार मठ के सामने, संत माइकेल प्राँगण में हुए समारोह में हिस्सा लिया। इटालियन दैनिक समाचार अवेनीरे के अनुसार, यह रूस के बड़े पैमाने पर हमले के शुरुआती दिनों से ही युद्ध में मारे गए लोगों की याद में बना है।
स्मारक दीवार के पास मार्ग पर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और दूसरे लोगों के साथ जुलूस में चलते हुए, जहाँ युद्ध के दौरान मारे गए लोगों की तस्वीरें लगी हुई हैं, कार्डिनल लाल गुलाब का एक गुलदस्ता लिए हुए थे, जिसे उन्होंने बाद में युद्ध के मैदान में अपनी जान गंवानेवालों की याद में अर्पित किया।
यूक्रेनी भाषा में लिखे एक दस्तावेज को पढ़ते हुए, बोलोग्ना के महाधर्माध्यक्ष ने देश के लिए "न्यायपूर्ण शांति" की प्रार्थना की, जिसे पोप फ्राँसिस ने बार-बार "शहीद" बताया। उन्होंने ईश्वर और संत वोलोदिमिर की मध्यस्थता को सिपूर्द किया, यह देखते हुए कि संत के नाम को यूक्रेन के राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति दोनों ने ली हैं।
उन्होंने प्रार्थना की, "संत वोलोदिमिर दोनों राष्ट्राध्यक्षों के मन और दिल को रोशन करें, न्याय और शांति के रास्ते खोलें।"
ल्वीव में मीटिंग
शांति के लिए कार्डिनल की प्रार्थना ने यूक्रेन में उनके पिछले दिन के प्रोग्राम को भी तय किया।
उनका पहला पड़ाव पोलिश बॉर्डर के पास, ल्वीव इलाके में जाखिद-1 पेनल कॉलोनी था, जहाँ युद्ध के मैदान में पकड़े गए युद्धबंदियों को रखा जाता है।
बाद में ल्वीव में, कार्डिनल जुप्पी ने क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख मैक्सिम कोज़ित्स्की से मुलाकात की, जिन्होंने युद्धबंदियों और बच्चों की वापसी में मदद करने के लिए वाटिकन की कोशिशों के साथ-साथ लापता लोगों को ढूंढने में मदद करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। कोज़ित्स्की ने ल्वीव इलाके और परमधर्मपीठ एवं इटली के संस्थानों के बीच सहयोग के क्षेत्र भी सुझाए।
दिन का अंतिम कार्यक्रम संत इजिदियो समुदाय के ल्वीव स्थित मुख्यालय का दौरा था। समुदाय के यूक्रेनी शाखा के प३मुख यूरी लिफ़ांसे के साथ, कार्डिनल जुप्पी ने स्थानीय काथलिक समुदाय के लोगों से मुलाकात की, जिसमें संत इजिदियो से मदद पानेवाले देश के अंदर बेघर हुए लोग भी शामिल थे। उन्होंने उनसे हिम्मत बढ़ानेवाले शब्द कहे और पोप लियो 14वें का सामीप्य व्यक्त किया।
(अनुवादक-सिस्टर उषा मनोरमा तिरकी)
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