आदिवासी और कलीसिया के लोगों ने खनन विनिवेश मंच जारी किया
वाटिकन न्यूज
लैटिन अमरीका, शनिवार, 21 मार्च 2026 (रेई) : “इग्लेसियस वाई मिनेरिया” लैटिन अमेरिका में आदिवासियों के अधिकारों के लिए काम करनेवाले संगठनों, कलीसियाई दलों और कार्यकर्ताओं का एक ख्रीस्तीय एकता नेटवर्क है, जो खनन से प्रभावित समुदायों की मदद करने के लिए काम करता है। कलीसिया के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर, इसने शुक्रवार को वाटिकन प्रेस कार्यालय में स्थानीय समुदायों को प्रभावित करनेवाली खनन गतिविधियों से विनिवेश के लिए एक ग्लोबल मंच जारी किया।
पेरू की आयमारा लीडर योलान्डा फ्लोरेस ने आदिवासी इलाकों में खनन से जुड़ी पर्यावरण और स्वस्थ संबंधी चिंताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि समुदाय प्रदूषण और भारी धातु के असर की जांच की मांग कर रहे हैं।
वाटिकन प्रेस कार्यालय में एक प्रेस सम्मेलन के दौरान अपनी बात रखते हुए, फ्लोरेस ने असर का अंदाजा लगाने और खनन गतिविधि को वित्त प्रदान करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में मदद मांगी। उन्होंने शिक्षा, प्रेरितिक सहचर्य और आदिवासी दावों की ज्यादा दृश्यता तक पहुंच की भी मांग की।
कार्डिनल बाजो: चुप रहना कार्रवाई नहीं है
समग्र मानव विकास को बढ़ावा देनेवाले विभाग के उप सचिव कार्डिनल फाबियो बाजो ने कहा कि खनिज निकालना अक्सर स्थानीय समुदाय से सलाह लिए बिना और पर्यावरण की सीमाओं की परवाह किए बिना होता है।
उन्होंने समझाया कि खनिज उद्योग में विनिवेशन मंच उस जरूरी बदलाव का एक ठोस संकेत बनना चाहता है, जो सिर्फ एक तकनीकी या वित्तीय फैसला नहीं है। “यह हमारे विश्वास, मानव प्रतिष्ठा की रक्षा और हमारे आमघर की देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता के साथ तालमेल का काम है।”
“उन समुदायों की आवाज सुनना जरूरी है जो कानूनी और गैर-कानूनी दोनों तरह के खनन से होनेवाली चुनौतियों और झगड़ों का सीधे अनुभव करते हैं। हम स्पष्ट अन्याय के सामने चुप नहीं रह सकते।”
स्थानीय समुदाय: गरीब, धोखा खाए हुए, शोषित
ग्वाटेमाला में हुएहुएटेनैंगो के धर्माध्यक्ष कार्डिनल अल्वारो रामाजिनी, जो मानव अधिकार, आदिवासी, विस्थापन और सामाजिक न्याय के बचाव के लिए जाने जाते हैं, पोप फ्राँसिस के लौदातो सी में व्यक्त “अभिन्न पारिस्थितिकी” के विचार और अस्तित्व पर निर्भरता का मूल सिद्धांत जो गरीबों के लिए एक खास विकल्प की मांग करता है।
उन्होंने ग्वाटेमाला में आदिवासी जमीन पर खनन से जुड़े मामलों के बारे में बात की और फायदों के वितरण और स्थानीय लोगों पर इसके असर के बारे में चिंता जताई।
कार्डिनल ने कहा कि बहुत कम कीमत पर जमीन खरीदने के बाद, कंपनी ने औपचारिक कानूनी गतिविधि शुरू की, लेकिन स्थानीय लोग के लिए वितरात्मक न्याय के मानदंडों द्वारा निर्देशित नहीं हुई।
“पैसा के प्रलोभन से न डरें”
ब्राजील के धर्माध्यक्ष विसेंट फरेरा ने कहा कि लैटिन अमेरिका में खनन का बढ़ना खनिज की भू राजनैतिक और आर्थिक मांग से जुड़ा है।
उन्होंने तथाकथित “हरित पूँजीवाद” के झूठे समाधानों और संघर्ष के तेजी से बदलते हालात के बारे में बात की, जो लैटिन अमेरिकी और करेबियाई लोगों के लिए चिंता बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके इलाके, वैश्विक शक्ति संरचनाओं को बनाए रखने के लिए “दुर्लभ पृथ्वी” की मांग से प्रेरित सैन्य नव उपनिवेशवाद के एक नए रूप का तेजी से निशाना बन रहे हैं। उन्होंने प्रभावित समुदायों पर आर्थिक दबाव के खिलाफ भी चेतावनी दी।
“अभी कदम उठायें”
पवित्रतम मुक्तिदाता धर्मसंघ की मिशनरी धर्मबहन और ऑस्ट्रियन धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के मिशन और सामाजिक कार्य विभाग की प्रमुख, सिस्टर अनेलिस हर्ज़िग ने उन इलाकों में बच्चों की सुरक्षा पर जोर दिया जो खनन उद्योगों के नतीजों से प्रभावित हैं और नीति और अभ्यास में बदलाव की मांग की।
अफ्रीका की माता मरियम की मिशनरी सिस्टर मामालिफर एम. पोरेकु ने भी इस बात पर जोर दिया कि अभिन्न पारिस्थितिकी के लिए न सिर्फ दया बल्कि प्रणाली में बदलाव की भी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आगे का रास्ता “विश्वास और आर्थिक विकल्पों को एक साथ लाना” है, जिसका मतलब मुनाफे के लिए कुर्बान किये “शहीद इलाकों” से है। उन्होंने कहा, “पर्यावरण संकट के लिए धीरे-धीरे बदलाव से बढ़कर; नबी के समान नेतृत्व की जरूरत है।”
फादर बोसी: विनिवेशन एक नैतिक और असरदार प्रणाली है
अंत में, कॉम्बोनी मिशनरी और नेटवर्क के संयोजक फादर डारियो बोसी ने बताया कि वाटिकन में जारी किया गया मंच जानकारी के आदान-प्रदान, खनन और वित्तीय प्रक्रिया के अध्ययन के लिए एक जगह है, और इसमें सहयोग की अपील की गई है।
उन्होंने ब्राजील में बड़े खनन कार्य से जुड़े पर्यावरण को होनेवाले नुकसान के उदाहरण दिए, और बताया कि ऐसी कंपनियाँ हैं जिन्हें दुनियाभर के बैंकों और निवेश फंड से अंतरराष्ट्रीय वित्त पोषण में अरबों डॉलर मिले हैं।
उन्होंने कहा, "इस सच्चाई को देखते हुए, कई सामाजिक और कलीसियाई संगठनों ने अधिकारों के उल्लंघन को दूर करने के लिए विनिवेश को एक नैतिक और असरदार प्रणाली रूप में देखना शुरू कर दिया है।"
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