खोज

1 जनवरी की रात को लगी आग से मरे लोगों को मोमबत्ती चढ़ाते लोग 1 जनवरी की रात को लगी आग से मरे लोगों को मोमबत्ती चढ़ाते लोग   (LISA MARIA)

सियोन के धर्माध्यक्ष : कलीसिया क्रन्स-मोंटाना पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है

1 जनवरी की रात को लगी आग जिसमें 40 से ज्यादा मौतें हुईं और सैकड़ों लोग घायल हुए, सियोन के धर्माध्यक्ष ने कलीसिया का आह्वान करते हुए कहा कि "कलीसिया दर्द बांटने और (उनके बीच) उपस्थित रहने के लिए बुलायी गयी है: परिवारों को रोशनी की संभावना पर यकीन करना चाहिए।"

वाटिकन न्यूज

स्वीट्जरलैंड, शनिवार, 3 जनवरी 2026 (रेई) : 1 जनवरी की रात को स्विट्जरलैंड के क्रान्स-मोंटाना में हुई दुखद आगजनी की घटना के कुछ घंटों बाद, सायन के धर्माध्यक्ष जॉन-मैरी लवी ने वाटिकन मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक ऐसी दुखद घटना के सामने, जिसने स्थानीय समुदाय को बुरी तरह हिला दिया है, कलीसिया की सबसे बढ़कर मौन उपस्थिति एवं सहभागिता जरूरी है।" इस घटना में अब तक 40 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और सैकड़ों लोग घायल हैं।

2 जनवरी को धर्माध्यक्ष लवी ने स्वीटजरलैंड में मौत के शिकार लोगों के लिए ख्रीस्तयाग अर्पित की, जिसमें 400 से ज्यादा लोग शामिल हुए, और आग लगने की जगह पर जाकर फूल चढ़ाया। इस साक्षात्कार में, धर्माध्यक्ष लवी ने बतलाया कि "गिरजाघर खचाखच भरा हुआ था," यह समुदाय की "इकट्ठा होने, एक-दूसरे को खोजने, साथ रहने" की बड़ी आवश्यकता से उत्पन्न प्रेरितिक प्रत्युत्तर का चिन्ह था, क्योंकि "अकेलापन को, खासकर ऐसे पलों में, सहना बहुत मुश्किल होता है।" वे बताते हैं कि उन लोगों के साथ रहना जो अकेले हैं, उन्हें दिलासा देना, अपनी उपस्थिति देना: यही ईश्वर की उपस्थिति है।

सवाल : धर्माध्यक्ष लवी, इस दुखद घटना के बाद धर्मप्रांत में माहौल कैसा है?

धर्माध्यक्ष : माहौल भारी और आवेशित है। बहुत सारी भावनाएँ, गलतफहमियाँ और सवाल हैं। गुरुवार शाम, मैं ख्रीस्तयाग अर्पित करने के लिए मोंटाना में था। लोग पूछ रहे हैं: यह कैसे हो सकता है? क्या हुआ? बहुत सारी उम्मीदें हैं, सफाई की मांग की गई है, और जो हुआ है उसके बारे में जानकारी की कमी है। यह बहुत भयानक है।

सवाल : आप इस निराशा के बीच कैसे अपनी उपस्थिति दे रहे हैं?

मैंने तुरंत पल्ली पुरोहित से सम्पर्क किया, यह देखने के लिए कि प्रेरितिक स्तर पर क्या आयोजन किया जा रहा है। घटना स्थल पर खुद जाने की बात नहीं है; पुलिस, पब्लिक सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली, अस्पताल और परिवारों के लिए जगह छोड़नी होगी। लेकिन पहला प्रयास जो किया गया वह था बृहस्पतिवार शाम 6 बजे पवित्र मिस्सा। इसलिए मैंने खचाखच भरे गिरजाघर के समारोह में भाग लिया। लोगों को एक साथ आना, फिर एकजुट होना, भावनाओं को जीना और सांत्वना देना जिसको शायद सिर्फ उपस्थिति दे सकती है।  

ख्रीस्तयाग के अंत में, मोंटाना के रीफोर्म चर्च के पुरोहित, स्विस सिनॉड के अध्यक्ष और वैलेस कलीसिया की सिनॉडल काउंसिल की मौजूदगी में, हमने एक दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया जो इस रविवार मोंटाना में, शहर के दूसरे गिरजाघर में, रीफोर्म्ड समुदाय की मौजूदगी में होगा।

इस बीच, मोंटाना के पल्ली पूजा स्थलों के अंदर एक रास्ता भी पक्का किया जा रहा है, ताकि जो लोग आकर स्मृति की किताब पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं, प्रार्थना के लिए समय निकालना चाहते हैं, फूल या मोमबत्ती चढ़ाना चाहते हैं, और सुनने के लिए तैयार और खुला दिल पाना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकें।

और फिर, गुरुवार शाम को, ख्रीस्तयाग के बाद, विकर जनरल शहर के बीच गए, जहाँ सबसे बढ़कर, युवा लोग एक फूल या मोमबत्ती रखकर, एक मौन के साथ अपना दर्द, अपने सवाल, अपनी परेशानी बताने के लिए इकट्ठा हुए।

सवाल : क्या आपको विश्वासियों में दिलासे की गहरी जरूरत महसूस होती है?

हाँ, क्योंकि ऐसे मामलों में अकेलापन सहना और उसके साथ जीना बहुत भारी होता है। ख्रीस्तीय धर्म की खास सेवा यही है कि मेलजोल हो, समुदाय हो: जो अकेले हैं उनके साथ रहना, जो खुद को अकेला पाते हैं उन्हें दिलासा देना।

मौजूदगी पक्की करना—यही ईश्वर की उपस्थिति है। ईश्वर खुद को ऐसे बताते हैं जो साथ है। और यहाँ एक बहुत मजबूत उम्मीद होती है, भले ही इसे साफ तौर पर न बताया जाए।

लेकिन जिन पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है, यानी घायल परिवारों की तरफ से एक असली उम्मीद है। उनके दुख में पहचाने जाने की बहुत ज्यादा उम्मीद है। एक शब्द, एक पल, एक भाव, एक नजर, एक मौन उपस्थिति साझा करने की।

सवाल : जो लोग इस जगह को नहीं जानते, उनके लिए क्रान्स-मोंटाना की आध्यात्मिक और धार्मिक पहचान क्या है?

यह एक खेल और अवकाश का स्थल है, जहाँ मौसम के अनुसार बहुत अलग-अलग तरह के लोग रहते हैं। यहाँ सभी देशों से लोग आते हैं। कई इतालवी पर्यटक अक्सर मोंटाना आते हैं। कई इतालवी परिवार सचमुच बहुत प्रभावित होंगे। यहाँ ऐसे लोग भी हैं जो दूर-दूर से, अलग-अलग देशों से आते हैं।

मेरे साथ मोंटाना में कई बार ऐसा हुआ है, और धार्मिक कार्यक्रमों में बहुत से लोग शामिल होते हैं। छुट्टियों का माहौल उन लोगों को भी मौका देता है जिन्हें शायद रोजमर्रा की जिंदगी में नियमित अभ्यास करने की आदत नहीं है, ताकि वे प्रार्थना के लिए समय, शांति का समय, वचन से पोषण पाने का समय फिर खोज सकें। प्रोटेस्टेंट समुदाय की उपस्थिति भी पठार पर काफी है।

मोंटाना में जो होता है और जिया जाता है, उसमें कुछ बहुत सर्वव्यापी है। यह कलीसिया की एक सुंदर तस्वीर है।

सवाल : इस इलाके में हो रही मदद और एकजुटता के बारे में क्या कहा जा सकता है, और बाहर से भी आ रही मदद के बारे में क्या कहा जा सकता है?

यह बिल्कुल जरूरी है। राजनीतिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी और अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारी इस शानदार एकजुटता और लोगों की काबिलियत एवं जिम्मेदारी की भावना को दिखाते हैं।

एकजुटता सिर्फ वैलेस या स्विट्जरलैंड में ही नहीं दिख रही है; यह बाहर से भी दिख रही है। कई गंभीर रूप से घायल लोगों को स्विट्जरलैंड, पड़ोसी फ्रांस और इटली के अलग-अलग अस्पताल में पहुंचाया गया है।

सच में कुछ बहुत बढ़िया हो रहा है। यह सुकून देनेवाला है, क्योंकि यह सब आसानी और व्यवसायिकता के साथ हो रहा है।

सवाल : आप दुःखी परिवारों से क्या कहना चाहेंगे?

इस नए साल की शुरुआत में, मैं उम्मीद का संदेश देना चाहता हूँ जो इस दुखद घटना से परे, ख्रीस्तीय प्रेरिताई और ख्रीस्तीय संदेश के केंद्र में है। और ईश्वर जानते हैं कि यह कितना भयानक है। इन काले बादलों के पारे, इस आग और परिवारों के जीवन में इसके बोझ के पारे, मैं कहना चाहता हूँ कि रोशनी मुमकिन है। ख्रीस्तीय संदेश, क्रिसमस संदेश, प्रभु प्रकाश का संदेश जिसे हम दो दिनों में मनाएंगे, यही है: अंधेरे की भूमि पर और जो लोग दुख और दर्द के साये में जी रहे थे, उन पर एक रोशनी चमकी है। ईश्वर उन लोगों के दिलों में उतर सकते हैं जो इससे प्रभावित हैं। उन्होंने अपने बेटे के जरिए ऐसा किया। उन्होंने अपने स्वभाव से ऐसा किया: सबसे छोटे, सबसे गरीब और दर्द में रहनेवालों के साथ घुल-मिलकर। मैं चाहता हूँ कि परिवार यह मानें कि रोशनी मुमकिन है।

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

03 जनवरी 2026, 15:19